वो पल जब टीवी शो 'जीना इसी का नाम है' के शाहरुख स्पेशल एपिसोड में कर्नल कपूर को भी आमंत्रित किया गया. यहां उन्होंने शाहरुख के बारे में कई बातें बताईं.
जिस सीरियल से शाहरुख़ खान की एक्टिंग की दुनिया में एंट्री हुई थी - 'फौजी', उसके डायरेक्टर कर्नल राज कपूर की डेथ हो गई है. वो 87 साल के थे. उन्होंने ही शाहरुख खान को 'फौजी' के जरिए बड़ा ब्रेक दिया था. कर्नल राज कपूर की बेटी ऋतंभरा ने फेसबुक पर अपने पिता के गुज़रने की खबर दी. उनका अंतिम संस्कार लोधी क्रीमेशन ग्राउंड में किया गया. शोक ज़ाहिर करते और उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए शाहरुख़ खान ने अपने ट्विटर हैंडल से एक फोटो शेयर की और लिखा-
"वो मुझसे बहुत प्यार करते थे. उन्होंने मुझे बहुत प्रोत्साहित किया है. और आज अगर मुझे शूटिंग सेट्स पर ज़्यादा ही लाड़ प्यार मिलता है, वो इस आदमी के कारण हुआ है जिसने इस लड़के को 'फौजी' बनाया. मैं आपको हमेशा मिस करूंगा सर. आपके इस नए मिशन पर आपकी आत्मा को शांति मिले."
शाहरुख़ खान का ये ट्वीट देख कर फिल्ममेकर शेखर कपूर ने अपनी एक याद साझा करते हुए लिखा-
हां, मुझे अच्छे से वो दिन याद है जब कर्नल 'फौजी' के दौरान तुम्हे मेरे घर लाए थे. उन्होंने कहा था, "इस नौजवान लड़के पर नजर रखना." और वो एक दम सही थे. वे बहुत ही शानदार और दयालु आदमी थे.
कौन थे कर्नल राज कपूर? पहले आर्मी में थे. आर्मी से रिटायर होने के बाद वो ओशो के फॉलोवर बन गए. उसके बाद वो फिल्मों में काम करने लिए मुंबई आए और वहां एक्टर और डायरेक्टर बने. उन्होंने 1988 में 'फौजी' सीरियल बनाया. इसके अलावा उन्होंने कुछ विज्ञापन भी बनाए थे. साथ ही कई टीवी शोज़ और फिल्मों में भी काम किया. जैसे विनोद खन्ना, शबाना आज़मी और डैनी डेन्जोंगपा स्टारर फिल्म 'लहू के दो रंग' (1979), जिसे महेश भट्ट ने डायरेक्ट किया था. शाहरुख को स्टार बनाने वाली फिल्म 'बाजीगर' (1993) में भी उन्होंने एक छोटा रोल किया था. कर्नल कपूर ने 'वेन शिवा स्माइल्स' नाम की एक नॉवेल भी लिखी है.
वो कहते थे, शाहरुख को मैंने नहीं बनाया राइटर समर खान की किताब 'SRK- 25 ईयर्स ऑफ़ अ लाइफ' में कर्नल कपूर ने शाहरुख़ खान के बारे में कई बातें बताई थीं. उन्होंने बताया -
" मैं एक एक्टर हूं. मैंने देश के लिए तीन युद्ध लड़े लेकिन लोगों को सिर्फ ये ही याद रहा कि मैंने शाहरुख को 20 साल पहले लॉन्च किया था. ये मुझे ख़ुशी से चौंकाता है कि लोग मुझे उस बात का क्रेडिट देते हैं जो मैंने किया ही नहीं. शाहरुख को उनके पेरेंट्स ने बनाया हैं, मैंने नहीं. मैंने उन्हें सुपरस्टार नहीं बनाया. मैंने तो बस एक सही आदमी को, मेरे पास जो जॉब थी उसके लिए चुना था. उसके पहले और बाद जो उनकी लाइफ में हुआ उसमें मेरा कोई योगदान नहीं है."
कर्नल कपूर शाहरुख़ को अपना फौजी मानते थे.
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