बिहार के एक स्कूल में झंडा फहराने को लेकर आपस में भिड़े संचालक और वार्डन (फोटो ट्विटर)
आप सबको अपने स्कूलों में 26 जनवरी के कार्यक्रम के आयोजन तो याद ही होंगे. झंडा फहराया जाता था. देश भक्ति के गीत गाए जाते थे, और समारोह के अंत में सभी को लड्डू मिलते थे. सोशल मीडिया पर भी एक स्कूल के 26 जनवरी के कार्यक्रम का वीडियो खूब देखा जा रहा है. वजह रंगारंग कार्यक्रम नहीं, बल्कि झंडा फहराने के लिए आपस में झगड़ते दो अधिकारी हैं. वीडियो देखने के बाद कुछ लोग इन अधिकारियों की इस हरकत को बचकाना कह इनकी खिंचाई कर रहे हैं. वहीं कुछ झंडे का अपमान करने के कारण इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
मामला क्या है?
वायरल वीडियो को शिवम बाजपेई नाम के यूजर ने ट्वीट किया है. ये वीडियो बिहार (Bihar) के मधेपुरा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का है. इस वीडियो में 26 जनवरी के अवसर पर झंडा फहराने के लिए स्कूल संचालक राजेश कुमार और वार्डन श्वेता भारती उलझ गए. दोनों झंडा फहराने की जिद करने लगे. पीछे मौजूद कुछ लोगों ने मामले को सुलझाने के लिए कहा कि झगड़िए नहीं आप दोनों की एक साथ फहरा दीजिए. लेकिन वार्डन नहीं मानीं. उनका कहना था कि झंडा तो वो ही फहराएंगी. श्वेता का कहना है कि 26 जनवरी को वे झंडा फहराएंगी और 15 अगस्त को राजेश कुमार. झगड़े को बढ़ता देख संचालक राजेश कुमार ने झंडे की डोर पकड़ कर खींचना शुरू कर दिया, जिसपर वार्डन श्वेता ने भी डोर पकड़ कर अपनी ओर खींची. कुछ व्यक्ति दोनों को ऐसा व्यवहार करने से रोकते भी हैं क्योंकि इस से झंडे का अपमान होता है. लेकिन दोनों ही नहीं माने. इसी खींचतान में झंडा फहरा दिया जाता है. भारत माता की जय के साथ राष्ट्रगान शुरू हो जाता है. और दोनों अधिकारी भी लड़ना छोड़कर सावधान की मुद्रा में आ जाते हैं.
इन दोनों अधिकारियों के इस बर्ताव की लोगों ने जमकर आलोचना की. एक ट्विटर यूजर ने लिखा
"देशभक्ति नहीं, फ़ोटो खिंचवाने और समाज/लोगों की नज़रों में खुद को सुपीरियर और पावरफुल दिखाने की ललक है."

वहीं कुछ ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.

वहीं एक ट्विटर यूजर ने कुछ इस तरह की प्रतिक्रिया दी.

हालांकि दोनों में से किसी पर इस तरह के व्यवहार के लिए कार्रवाई हुई या नहीं, इसका तो पता नहीं चल सका है. हालांकि, इस तरह की हरकतें वरिष्ठ अधिकारियों पर शोभा नहीं देती हैं.