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समीर वानखेड़े के पिता ने की शिकायत, 'नवाब मलिक मेरी बेटी की जासूसी करते हैं'

जानिए अपनी शिकायत में वानखेड़े परिवार ने क्या कहा?

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नवाब मलिक (बाएं) और NCB अधिकारी समीर वानखेडे (दाएं) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौरा जारी है. नई ख़बर है समीर वानखेड़े के पिता द्वारा की गयी शिकायत को लेकर.
आर्यन खान ड्रग्स केस में NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) के परिवार की ओर से NCP नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है. परिवार से किसने की है शिकायत? समीर वानखेड़े के पिता ध्यानदेव वानखेड़े ने. ओशिवारा के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर के ऑफिस में. अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी SC/ ST ऐक्ट और और आईटी ऐक्ट के तहत. इस शिकायत में आरोप लगाए गए हैं कि नवाब मालिक वानखेड़े परिवार की जाति के बारे में झूठ फैला रहे हैं और ध्यानदेव वानखेड़े की बेटी की जासूसी कर रहे हैं. अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप 8 नवंबर को दी गई इस शिकायत में ध्यानदेव वानखेड़े ने आरोप लगाया है कि नवाब मलिक ने उनके परिवार और उनकी जाति के खिलाफ कई तरह की झूठी, निंदनीय और अपमानजनक बातें की हैं. इससे उनके परिवार की काफी बदनामी हुई है. समीर के पिता ने शिकायत में स्पष्ट किया है कि वह महार समुदाय से आते हैं, जो अनुसूचित जाति में आता है. उन्होंने दावा किया है कि उनके पास इसके सरकारी प्रमाण पत्र भी हैं. उनके मुताबिक इसके बाद भी मलिक ने बिना किसी प्रमाण के उनकी जाति को लेकर झूठ फैलाया. ध्यानदेव ने मुंबई पुलिस से इस मामले में नवाब मालिक पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. नीचे पढ़िए पूरा शिकायती पत्र :
"नवाब मलिक मेरी बेटी पर नजर रखते हैं" ध्यानदेव वानखेड़े ने नवाब मलिक पर अपनी बेटी यास्मीन की ऑनलाइन निगहबानी करने और अवैध रूप से उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स से उसकी निजी तस्वीरें लेने का आरोप लगाया है. उनके मुताबिक मलिक ने ऐसा इसलिए किया ताकि इन तस्वीरों को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रसारित किया जा सके. ध्यानदेव ने ने कहा है कि यह आईटी ऐक्ट का खुला उल्लंघन है, इसलिए मलिक पर इस ऐक्ट के तहत भी मामला दर्ज हो. उन्होंने नवाब मलिक पर उनकी बेटी पर जबरन वसूली करने जैसे झूठे आरोप लगाने की भी बात कही है. इसके अलावा ध्यानदेव वानखेड़े ने अपने ख़त में नवाब मलिक के दामाद का भी नाम लिया है. कहा है,
"मेरे बेटे समीर वानखेड़े ने अपनी आधिकारिक ज़िम्मेदारी निभाते हुए समीर ख़ान को अरेस्ट किया था, जो नवाब मलिक का दामाद भी है. समीर ख़ान को 8 महीने तक ज़मानत नहीं मिली थी. और इसी बात का बदला लेने के लिए नवाब मलिक ने मुझ पर, मेरे परिवार पर और मेरी जाति पर कई सारे झूठे और अपमानजनक आरोप लगाए हैं."
नवाब मलिक पर धमकाने का आरोप अपने पत्र में ध्यानदेव वानखेड़े ने ये भी कहा है कि ज़्यादा संभावना इस बात की है कि नवाब मलिक के दामाद को उनके केस में सज़ा हो जाएगी. इसलिए अपने दामाद के खिलाफ़ केस की जांच की दिशा भटकाने के लिए नवाब मलिक मेरे बेटे समीर वानखेड़े और परिजनों को धमकी दे रहे हैं. नवाब मलिक पुलिस और दूसरे सरकारी अधिकारियों को ग़लत सूचनाएं दे रहे हैं. नवाब मलिक की नीयत ग़लत है, ऐसे भी आरोप ध्यानदेव वानखेड़े ने लगाए हैं. ध्यानदेव वानखेड़े ने आरोप लगाया है कि मंत्री पुलिस और अधिकारियों के जरिए वानखेड़े परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं. ताकि उनके परिवार का सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार कर दिया जाए.  उन्होंने मांग की है कि जांच पारदर्शी तरीके से हो, इसलिए मलिक को हिरासत में लिया जाना जरूरी है.

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