पाकिस्तान का एक खास मिशन वाला एयरक्राफ्ट भारत से 314 किलोमीटर दूर था. उसे शायद लगा होगा कि इतनी दूरी उसे भारतीय एयर डिफेंस से सेफ रखेगी. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ऐसा नहीं हुआ. भारतीय एयरफोर्स के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने इतनी दूर से भी उस पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट को मार गिराया. रक्षा मंत्रालय की 2025-26 की सालाना रिपोर्ट में ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी ये जानकारी सामने आई है.
भारत ने S-400 से 314 किमी दूर पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट उड़ाया था, रक्षा मंत्रालय का बड़ा दावा
S-400 destroyed Pakistani aircraft: रक्षा मंत्रालय ने 13 सितंबर को रिपोर्ट जारी की. रिपोर्ट में बताया गया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इंडियन एयरफोर्स की S-400 यूनिट ने पाकिस्तान के एक स्पेशल-मिशन एयरक्राफ्ट को तबाह कर दिया था.

रक्षा मंत्रालय ने 13 सितंबर को ये रिपोर्ट जारी की. बताया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इंडियन एयरफोर्स की S-400 यूनिट ने पाकिस्तान के एक स्पेशल-मिशन एयरक्राफ्ट को 314 किलोमीटर की दूरी से तबाह कर दिया था.
रिपोर्ट में इसे भारत की ओर से किए गए सबसे लंबी दूरी के जमीन से हवा में मार करने वाले हमलों में से एक बताया गया है. इस मामले में टारगेट भारत से काफी दूर था, लेकिन फिर भी उसे पूरी सटीकता से निशाना बनाया गया.
भारत के एयर डिफेंस सिस्टम में S-400 एक बेहद अहम हथियार है. आसान भाषा में कहें तो ये आसमान में भारत की सुरक्षा का एक बड़ा कवच है. ये दूर से आने वाले दुश्मन के फाइटर जेट, ड्रोन और मिसाइल को ट्रैक कर सकता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें हवा में ही मार गिरा सकता है. भारत ने इसे रूस से खरीदा है.
2018 में भारत और रूस के बीच पांच S-400 सिस्टम के लिए करीब 5.43 अरब डॉलर की डील हुई थी. और S-400 का ये कनेक्शन ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत और रूस के रिश्तों को लेकर एक और बड़ी मुलाकात हुई है.
दिल्ली में 12 से 13 सितंबर तक चले 18वें BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात हुई. दोनों की एक महीने से भी कम समय में ये दूसरी मुलाकात थी. इससे पहले 31 अगस्त को शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन समिट के दौरान बिश्केक में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी.
इंडिया टुडे की रपट के मुताबिक, बैठक में डिफेंस को लेकर भी कई अहम मुद्दों पर बात हुई. इनमें S-400 के पांचवें एयर डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी, ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम को और बेहतर बनाने. और लंबी दूरी की RVV-BD एयर-टू-एयर मिसाइल भारत को देने की संभावना शामिल थी. रूस ने कहा कि यूक्रेन में चल रही जंग और अपने डिफेंस सेक्टर पर दबाव के बावजूद, वह भारत से किए गए अपने वादे पूरे करने की स्थिति में है.
S-400 ने कैसे पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट को गिरायाअब बताते हैं कि S-400 ने पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट को कैसे मार गिराया?
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रडार ने इस खतरे को बिना अपनी मौजूदगी जाहिर किए ट्रैक किया. यानी दुश्मन के एयरक्राफ्ट को. इसके बाद लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल को टारगेट की तरफ भेजा गया. ये कार्रवाई 7 से 10 मई 2025 के बीच चले चार दिन के भारत-पाकिस्तान संघर्ष का हिस्सा थी. भारत ने इस सैन्य अभियान को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया था.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 ही काम नहीं कर रहा था. भारत ने अपनी पूरी एयर डिफेंस व्यवस्था को एक साथ इस्तेमाल किया. इंडियन एयरफोर्स ने देश की एयर सेफ्टी का कंट्रोल अपने हाथ में रखा. इसके लिए IACCS, यानी इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया.
इसे आसान भाषा में ऐसे समझिए. देश के अलग-अलग रडार और सर्विलांस सिस्टम से मिलने वाली जानकारी को एक जगह जोड़कर ये सिस्टम बताता है कि आसमान में क्या हो रहा है.
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इसमें सैन्य और सिविल, दोनों तरह के सर्विलांस सेंसर्स से जानकारी आती है. इससे ऑपरेशन में शामिल लोगों को आसमान की एक जैसी और साफ तस्वीर मिलती है. अलग-अलग जगहों पर IAF के नेटवर्क वाले टैक्टिकल नोड्स से ऑपरेशन को कंट्रोल किया गया. यहां मौजूद ट्रेन ऑपरेटर ये पता लगाने का काम कर रहे थे कि कौन सा एयरक्राफ्ट दुश्मन का है. और कौन सा आम नागरिक वाला प्लेन है. इस दौरान खास ध्यान रखा गया कि किसी सिविल प्लेन को गलती से निशाना न बनाया जाए.
कहां की गई ये कार्रवाई?रिपोर्ट के मुताबिक, आईएएफ ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस रडार, कमांड और कंट्रोल सेंटर और सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया. इनमें चकला, रहीम यार खान, सुक्कुर, मुरीद, सरगोधा, जैकोबाबाद और भोलारी जैसे इलाके शामिल थे. 8 से 10 मई के बीच पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों के साथ-साथ आम लोगों से जुड़ी जगहों को भी निशाना बनाया. रिपोर्ट में आरोप है कि इनमें सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा पूजा की जगहें, स्कूल और मेडिकल सुविधाएं भी शामिल थीं.
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