"दंगल" के एक सीन में आमिर खान.
पीके की रिलीज के बाद 2014 में आमिर खान ने घोषणा की थी कि उनकी अगली फिल्म होगी
दंगल. हरियाणा से ताल्लुक रखने वाले पूर्व-पहलवान महावीर सिंह फोगाट और उनकी बेटियों की कहानी पर आधारित जिन्हें उन्होंने समाज की दकियानूसी मानसिकता से लड़ते हुए पहलवान बनाया. उनकी बेटियों गीता और बबीता फोगाट ने पहलवानी की दुनिया में भारत का नाम ऊंचा किया. इस फिल्म में आमिर महावीर फोगाट का रोल कर रहे हैं. उनकी बेटियों के रोल में अन्य एक्ट्रेस ली गई हैं. साक्षी तंवर उनकी पत्नी के रोल में हैं. इसका निर्देशन नितेश तिवारी ने किया है जिन्होंने इससे पहले
भूतनाथ रिटर्न्स और
चिल्लर पार्टी (विकास बहल के साथ) डायरेक्ट कीं.
दंगल की शूटिंग आमिर ने पिछले साल शुरू की थी. तब से उनकी कोई फिल्म रिलीज नहीं हुई है और इसीलिए इस प्रोजेक्ट का बेसब्री से इंतजार है. अभी तक फिल्म का कोई विजुअल बाहर नहीं आया है. 23 दिसंबर को दंगल की रिलीज तय की गई है. आधा अक्टूबर आने को है और अभी तक सिवा एक पोस्टर के फिल्म का कुछ भी लीक नहीं किया गया है. टीज़र-ट्रेलर कुछ भी नहीं. और इस बीच फिल्म को लेकर पहला फीडबैक या कहें तो रिव्यू आया है जो जोरदार है. ये रिव्यू है निर्देशक करण जौहर का. आमिर खान ने उन्हें बुलाया था अपनी फिल्म की खास स्क्रीनिंग में. उनके घर पर आयोजन रखा गया. डायरेक्टर जोया अख्तर, अयान मुखर्जी व अन्य ने भी फिल्म देखी. एक निर्माता के तौर पर करण लोगों की नब्ज़ से अच्छे से जानते हैं और आमिर संभवत: उनसे व अन्य दोस्तों से सच्ची प्रतिक्रिया चाह रहे थे ताकि अपनी प्रचार रणनीति पर काम कर सकें.
1. करण का ट्वीट रिव्यू पढ़ें तो लग रहा है कि फैंस को देखकर बहुत मज़ा आने वाला है. उन्होंने लिखा:
अभी दंगल देखी.
एक दशक में इससे बेहतर फिल्म मैंने नहीं देखी है.
मेरे पास बोलने को शब्द नहीं बचे हैं!!
इतना कहने के बाद क्या बचता है? पिछले दस सालों में इससे अच्छी फिल्म नहीं देखी? वाकई?
पीके, बाहुबली, बजरंगी भाईजान, द लंचबॉक्स, सुल्तान, 3 ईडियट्स, ये जवानी है दीवानी.. ऐसी दर्जनों फिल्में हैं जो लोगों ने काफी पसंद कीं. अब फिल्म के बारे में एक और फिल्ममेकर ने ऐसी टिप्पणी की है जो बहुत प्रभावी है. ये रिव्यू है विनय शुक्ला का. विनय ने ही शबाना आज़्मी अभिनीत फिल्म 'गॉडमदर' बनाई थी जिसे 1999 में बेस्ट हिंदी फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड प्रदान किया गया था. उन्होंने शाहरुख स्टारर 'राम जाने' की कहानी लिखी थी. 2010 में उन्होंने gender equality पर फिल्म 'मिर्च' का निर्देशन किया था.
2. विनय ने बुधवार को टिप्पणी की जो 'दंगल' को लेकर कुछ और राज़ खोलती है. उन्होंने लिखा:
दो रात पहले मैंने दंगल (साउंड, सीजी वर्क का काम अभी भी होना बाकी है) देखी.
मैं इसे मौजूदा सदी में मुख्यधारा के हिंदी सिनेमा की पहली क्लासिक गिनूंगा.
फिल्ममेकिंग के हर विभाग में ये श्रेष्ठ है: लेखन, एक्टिंग परफॉर्मेंस, निर्देशकीय ट्रीटमेंट वगैरह.
अपने मूल्यों में ये फिल्म बहुत भारतीय है.
मौजूदा स्टार्स में मैं सिर्फ आमिर खान को ही याद कर सकता हूं जिन्होंने लोकप्रिय जॉनर में हिंदी सिनेमा का स्तर ऊंचा करने की कोशिश की है.
सदी की पहली क्लासिक??
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