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हम-आप कब से कर पाएंगे राम मंदिर में दर्शन, आरती में शामिल होने का क्या सिस्टम है

Ayodhya Ram Mandir Darshan: शुरुआत के कुछ दिन तक हर रोज़ 1.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है.

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आम लोगों के लिए 23 जनवरी से खुलेगा राम मंदिर.

अयोध्या के राम मंदिर में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा हो गई है. 22 जनवरी को तो यहां VIPs की ही एंट्री थी. लेकिन अब आगे से मंदिर आम लोगों के लिए भी खोल दिया जाएगा. दर्शन के लिए लोगों के बीच काफी उत्साह है. ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल है. जैसे मंदिर में भक्त दर्शन कैसे कर सकेंगे? आरती में शामिल होने के लिए क्या करना होगा? और भी बहुत कुछ. एक-एक करके सभी सवालों के जवाब जानते हैं.

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1. कब से कर सकेंगे मंदिर में दर्शन?

राम मंदिर को आम लोगों के लिए 23 जनवरी से ही खोल दिया जाएगा. अभी कुछ दिन तक हर रोज़ 1.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. इसलिए रामलला के दर्शन के लिए हर श्रद्धालु को 15 से 20 सेकंड का ही समय मिलेगा.

2. दर्शन का समय क्या है?

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वेबसाइट के मुताबिक, मंदिर को दर्शन के लिए सुबह और शाम को साढ़े 9 घंटे के लिए खोला जाएगा. सुबह 7 बजे से 11.30 बजे तक और फिर दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक दर्शन हो सकेंगे.

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3. आरती का समय क्या होगा?

वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, दिन में दो बार रामलला की आरती होगी. सुबह साढ़े 6 बजे और शाम को साढ़े 7 बजे आरती का समय है. सुबह की आरती में शामिल होने के लिए पहले से बुकिंग करानी होगी. वहीं शाम की आरती के लिए उस दिन भी बुकिंग हो सकती है.

4. आरती के लिए बुकिंग कैसे होगी?

आरती में शामिल होने के लिए पास जारी किए जाएंगे. ये पास श्री राम जन्मभूमि के कैम्प ऑफिस से मिलेंगे. आरती शुरू होने से आधे घंटे पहले पास मिलेगा. पास लेने के लिए सरकारी आईडी प्रूफ साथ ले जाना होगा. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वेबसाइट पर जाकर भी पास लिया जा सकता है.

5. क्या सबको मिलेगा पास?

आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक आरती पास सेक्शन के मैनेजर ध्रुवेश मिश्रा ने न्यूज एजेंसी को बताया था कि पास फ्री में जारी किया जाएगा. एक वक्त की आरती के लिए फिलहाल 30 लोगों को ही पास दिया जाएगा. बाद में इस संख्या को और भी बढ़ाया जा सकता है.

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6. मंदिर निर्माण का काम पूरा कब तक होगा?

रिपोर्ट के मुताबिक राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने न्यूज एजेंसी को बताया था कि इस साल मंदिर पूरा बनकर तैयार हो जाएगा. राम मंदिर का पूरा परिसर 70 एकड़ में बन रहा है. मुख्य मंदिर के अलावा 6 मंदिर और बनने हैं. परिसर में राम मंदिर के अलावा गणपति मंदिर, माता भगवती मंदिर, शिव मंदिर और हनुमान मंदिर भी बन रहा है. 

7. हेलीकॉप्टर सेवा कब शुरू होगी?

अयोध्या में हेलीकॉप्टर सर्विस शुरू करने का काम जारी है. न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, इसी महीने सर्विस शुरू हो सकती है. ये सर्विस 6 शहरों- गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज- मथुरा और आगरा में शुरू होगी. एक हेलीकॉप्टर में अधिकतम 5 श्रद्धालु सवार हो सकेंगे. ये हेलीकॉप्टर केवल 400 किलोग्राम वजन लोड कर पाएंगे. इसलिए भक्तों को अधिकतम 5 किलोग्राम सामान ले जाने की अनुमति है.

8. हेलीकॉप्टर सेवा का किराया कितना है?

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी सरकार ने हेलीकॉप्टर सेवा के लिए जो किराया तय किया है वो कुछ ऐसा है. 

15 मिनट के लिए: राम मंदिर, हनुमानगढ़ी और सरयू घाट की अधिकतम 15 मिनट के हवाई टूर की लागत प्रति व्यक्ति 3,539 रुपये होगी. हेलीकॉप्टर सरयू नदी के किनारे पर्यटन गेस्ट हाउस के पास बने हेलीपैड से उड़ान भरेंगे.

40 मिनट के लिए: गोरखपुर से अयोध्या तक 126 किमी की दूरी 40 मिनट में तय करने वाली हेलीकॉप्टर सेवा की कीमत 11,327 रुपये प्रति व्यक्ति है.

45, 50 और 55 मिनट के लिए: वाराणसी के नमो घाट से हेलीकॉप्टर सेवाओं का विकल्प चुनते हैं तो 55 मिनट में 160 किमी की दूरी तय करनी होगी. जिसके लिए प्रति भक्त 14,159 रुपये का निर्धारित किराया है.

प्रयागराज में पर्यटन गेस्ट हाउस के पास हेलीपैड से हेलीकॉप्टर सेवाओं तक पहुंचा जा सकता है, जिससे 50 मिनट में 157 किमी की दूरी तय की जा सकती है, जिसका किराया प्रति भक्त 14,159 रुपये है. ये किराया एकतरफा यात्रा के लिए लागू है. अयोध्या धाम जाने वाले भक्तों को संशोधित किराया देना होगा. अयोध्या धाम में आने वाले भक्तों की संख्या को ध्यान में रखते हुए हेलीकॉप्टर सेवाओं की टाइमिंग तय की जाएगी.

9. अयोध्या का राम मंदिर किस नागर शैली में बना है?

अयोध्या में राम मंदिर को पारंपरिक नागर शैली में बनाया गया है. मंदिर 2.7 एकड़ में बना है. ये तीन मंजिला है. इसकी लंबाई 380 फीट और ऊंचाई 161 फीट है. नागर मंदिर का मुख्य भवन एक ऊंचे चबूतरे पर बनाया जाता है. इस चबूतरे पर ही एक गर्भगृह  बना होता है. गर्भगृह वो जगह जहां रामलला की मूर्ति विराजमान है. गर्भगृह को मंदिर का सबसे पवित्र हिस्सा माना जाता है. गर्भगृह के ऊपर ही शिखर होता है. ये शिखर ही नागर शैली के मंदिरों का सबसे ख़ास पहलू है.

वीडियो: अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बीच राहुल गांधी को किस मंदिर में जाने से रोका गया?

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