कोरोना फिर से भारत में अपने पांव पसार रहा है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 21 जुलाई को आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के सात नए मामले सामने आए हैं. इसके बाद राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 26 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि ये नए मामले अलग-अलग जिलों में मिले हैं और इनका किसी क्लस्टर आउटब्रेक से कोई लेना-देना नहीं है. 26 संक्रमित लोगों में से 10 का इलाज अस्पतालों में चल रहा है और 9 लोग होम आइसोलेशन में हैं. तीन मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि चार लोगों की मौत हो गई है. स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्य में अब तक 145 सैंपल की जांच की जा चुकी है.
कोरोना से चार की मौत, आंध्र प्रदेश में 7 नए केस मिले, संक्रमितों की कुल संख्या 26 पहुंची
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि ये नए मामले अलग-अलग जिलों में मिले हैं और इनका किसी क्लस्टर आउटब्रेक से कोई लेना-देना नहीं है. 26 संक्रमित लोगों में से 10 का इलाज अस्पतालों में चल रहा है और 9 लोग होम आइसोलेशन में हैं. तीन मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि चार लोगों की मौत हो गई है.


7 नए मामलों में से चार मामले गुंटूर जिले से, 2 पूर्वी गोदावरी से और एक बापटला से सामने आया है. स्वास्थ्य विभाग ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा,
‘मंगलवार को राज्य में सात नए कोविड-19 मामले सामने आए, जिससे मरीजों की कुल संख्या 26 हो गई. ये मामले अलग-अलग जिलों में पाए गए और ये किसी क्लस्टर प्रकोप का हिस्सा नहीं हैं.’
कडप्पा में सबसे अधिक 8 मामले दर्ज किए गए हैं. इसके बाद गुंटूर में 6, पूर्वी गोदावरी में 3 और काकीनाडा और बापटला में 2-2 मामले सामने आए हैं. विशाखापत्तनम, एलुरु, श्री पोट्टी श्रीरामुलु नेल्लोर, एनटीआर और पार्वतीपुरम मान्यम जिलों से भी एक-एक मामला सामने आया है.
संक्रमण से पहले बीमारी वालों की मौतइंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिन चार मरीजों की मौत हुई, उन्हें संक्रमण का पता चलने से पहले ही कोई न कोई बीमारी थी. विभाग ने फिर से कहा कि अब तक सामने आए मामले अलग-अलग जगहों पर छिटपुट रूप से मिले हैं और राज्य के किसी भी हिस्से में एक साथ कई लोगों के संक्रमित होने (क्लस्टर आउटब्रेक) का कोई सबूत नहीं मिला है.
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वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, कोविड-19 एक संक्रामक बीमारी है जो SARS-CoV-2 वायरस से होती है. इस वायरस से संक्रमित अधिकतर लोगों को सांस से जुड़ी हल्की या मध्यम बीमारी होती है और वे बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाते हैं. हालांकि कुछ लोगों को गंभीर बीमारी हो सकती है और उन्हें मेडिकल मदद की ज़रूरत पड़ सकती है. WHO ने कहा कि बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी (जैसे दिल की बीमारी, डायबिटीज, सांस की पुरानी बीमारी या कैंसर) से जूझ रहे लोगों को गंभीर बीमारी होने का खतरा ज्यादा होता है.
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