देश में एक तरफ जहां जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है. वहीं, दूसरी तरफ प्रदर्शन की कमान संभालने वाले सोनम वांगचुक से सरकार ने बातचीत शुरू कर दी है. सोनम वांगचुक इस वक़्त गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं. आजतक की खबर के मुताबिक, 21 जुलाई को देर रात केंद्र सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सोनम वांगचुक से मिलने मेदांता अस्पताल पहुंचे.
सरकार ने की बातचीत की पहल, सोनम वांगचुक से रात को मिलने पहुंचे जेपी नड्डा-जितेंद्र सिंह
JP Nadda meets Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक इस वक़्त गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं. 21 जुलाई की देर रात केंद्र सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सोनम से मिलने मेदांता अस्पताल पहुंचे.


दिल्ली हाईकोर्ट ने 21 जुलाई को सोनम वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति दी थी. जिसके बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल से आगे के इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया. उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने कोर्ट में याचिका दायर की थी.
सोनम वांगचुक से देर रात मिले जेपी नड्डा20 जुलाई को ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के दो प्रतिनिधि जेपी नड्डा से उनके आवास पर मिले थे. दो राउंड की बातचीत हुई. CJP की ओर से आशुतोष रांका और सौरव दास मिलने पहुंचे थे. आशुतोष ने मीडिया को बताया,
‘हम करीब 12 बजे जेपी नड्डा के आवास पर पहुंचे थे. जिसके बाद दो बजे करीब बातचीत शुरू हुई. हमने अपनी तरफ से तीन मांगे रखी हैं. और उनकी तरफ से आश्वासन दिया गया कि वे सीनियर लीडरशिप तक हमारी मांगे पहुंचाएंगे.’
CJP ने जो तीन मांगे रखी हैं उनमें पहला है, सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए और उन्हें एक वीडियो मैसेज जारी करने दिया जाए. दूसरा, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से बर्खास्त किया जाए या वो इस्तीफा दें. तीसरी मांग रखी कि NEET पेपर लीक की वजह से जिन बच्चों ने अपनी जान ली है उनके घरवालों को एक-एक करोड़ तक मुआवज़ा दिया जाए.
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मेदांता में क्यों शिफ्ट किया गया?गीतांजलि अंगमो ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका में आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जबरन सफदरजंग हॉस्पिटल में रखा है, ताकि वो दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा न ले सकें. कोर्ट ने सोनम की सभी मेडिकल रिपोर्ट्स की जांच की. जिसके बाद उन्हें मेदांता शिफ्ट करने की अनुमति दे दी.
लेकिन कोर्ट ने कहा है कि सोनम को लगातार मेडिकल निगरानी की ज़रूरत है. सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने साफ किया कि सरकार को सोनम वांगचुक को मेदांता में भर्ती कराने पर कोई समस्या नहीं है.
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