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गेमिंग जोन हादसा: मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने राजकोट गया था विवेक, अब घरवालों तक पहुंचा मृत्यु प्रमाणपत्र

विवेक की शादी दो महीने पहले राजकोट में ही हुई थी. उनकी पत्नी खुशाली राजकोट में ही अपने मायके आई हुई थीं.

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इस हादसे में कुल 27 लोगों की मौत हुई थी. (फोटो- आजतक/AFP)

राजकोट के TRP गेम जोन में लगी आग कई सुखद कहानियों को दर्दनाक बना चुकी है. घटना के चार दिन बाद भी लोग आज अपनों की पहचान करने में जुटे हैं. क्योंकि हादसा इतना भयावह था कि जलने के बाद लोगों की पहचान मुश्किल हो गई. जान गंवाने वालों में विवेक अशोकभाई दुशारा और उनकी पत्नी खुशाली भी थे. उनकी शादी सिर्फ दो महीने पहले हुई थी. 25 मई की इस घटना में 27 लोगों ने अपनी  जान गंवाई. अब तक 26 शवों की पहचान हो गई और उन्हें परिवार वालों को सौंप दिया गया.

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इंडिया टुडे से जुड़े अतुल तिवारी की रिपोर्ट के मुताबिक, विवेक की शादी दो महीने पहले राजकोट में ही हुई थी. उनकी पत्नी खुशाली राजकोट में ही अपने मायके आई हुई थीं. विवेक अपनी पत्नी को वापस लाने और मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए वेरावल से राजकोट गए थे. घटना के दिन विवेक, उनकी पत्नी खुशाली और पत्नी की बहन टिशा मोड़ासिया TRP गेम जोन गए थे. लेकिन भीषण आग हादसे में सबकी जान चली गई. 

DNA रिपोर्ट मैच होने के बाद अब विवेक और खुशाली का शव लेकर उनका परिवार वेरावल पहुंचा है. जबकि टिशा की डेड बॉडी भी राजकोट में परिवार को सौंप दी गई.

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इस हादसे के बाद अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गुजरात पुलिस ने 28 मई की रात 'गेम जोन' के एक और पार्टनर किरीट सिंह जडेजा को गिरफ्तार किया. जडेजा इस घटना में आरोपी के तौर पर नामजद गेम जोन के छह पार्टनर्स में से एक हैं. उन पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है. वहीं, गेम जोने चलाने वाले एक पार्टनर प्रकाश हिरन की उसी आग लगने की घटना में मौत हो गई थी.

इससे पहले, पुलिस ने गेम जोन के अन्य पार्टनर्स युवराज सिंह सोलंकी, राहुल राठौड़, धवल ठक्कर और उसके प्रबंधक नितिन जैन को गिरफ्तार किया था. शुरुआती जांच में पता चला कि गेम जोन को फायर विभाग की ओर से NOC भी नहीं मिला था.

अधिकारियों पर केस दर्ज करने की मांग

इस घटना के बाद राजकोट पुलिस कमिश्नर राजू भार्गव, ACP विधि चौधरी, DCP सुधीर देसाई और म्युनिसिपल कमिश्नर आनंद पटेल का ट्रांसफर कर दिया गया था. राजकोट की एक स्थानीय अदालत में इन अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की गई है. याचिका पर कोर्ट ने घटना की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) से रिपोर्ट मांगी है. इन सभी अधिकारियों के खिलाफ जांच की स्थिति रिपोर्ट 20 जून तक मांगी गई है.

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