The Lallantop

राजस्थान: अलवर में भीड़ ने ट्रैक्टर चोरी के शक में चिरंजी लाल को बेरहमी से पीटा, अस्पताल में मौत

चिरंजी लाल 50 साल के थे.

Advertisement
post-main-image
अलवर में भीड़ का शिकार हुए चिरंजी लाल सैनी (फोटो- इंडिया टुडे)

राजस्थान (Rajasthan) के अलवर (Alwar) में एक 50 साल के व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या (Mob Lynching) कर दी गई. आरोप है कि करीब 20-25 लोगों ने चोर होने के शक पर 14 अगस्त को चिरंजी लाल सैनी (Chiranji Lal Saini) नाम के शख्स को बेरहमी से पीट दिया. गंभीर रूप से घायल सैनी को जयपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन 15 अगस्त के दिन उनकी मौत हो गई. घटना गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के रामबास गांव का है. भीड़ का शिकार हुए चिरंजी लाल सैनी के बेटे योगेश सैनी ने कुछ लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
ट्रैक्टर चोर समझकर पीटा 

इंडिया टुडे से जुड़े संतोष शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, चिंरजी लाल सब्जी बेचने का काम करते थे. 14 अगस्त की सुबह चिरंली लाल पास के खेत में शौच के लिए गए थे. उसी दौरान एक चोर ट्रैक्टर चोरी करके भाग रहा था. ट्रैक्टर मालिक और उसके साथ कई लोग चोर का पीछा कर रहे थे. पुलिस भी चोर का पीछा कर रही थी. पुलिस से घिरते देख चोर ट्रैक्टर को खेत में ही छोड़कर भाग गया. वहीं मौजूद चिरंजी लाल को चोर समझकर लोगों ने बुरी तरह पीट दिया.

चिरंजी लाल के बेटे ने शिकायत में बताया कि विक्रम खां और दूसरे 15-20 लोगों ने उसके पिता को लाठी-डंडों से पीटा. उसने शिकायत में लिखा है, 

Advertisement

“शोर सुनकर मेरे चाचा हरीश और शिवलाल वहां पहुंचे तो वे लोग पापा को बुरी तरीके से पीट रहे थे. चाचा के जाने के बाद पीटने वाले भाग गए. थोड़ी देर बाद गोविंदगढ़ पुलिस भी वहां पहुंच गई. पुलिस वाले ट्रैक्टर लेकर चले गए. पापा को लेकर हम सभी गोविंदगढ़ अस्पताल गए. वहां से उन्हें अलवर रेफर कर दिया गया और फिर अलवर से जयपुर. जयपुर के SMS अस्पताल में इलाज के दौरान 15 अगस्त को पापा की मौत हो गई.”

लोगों ने की मुआवजे की मांग

योगेश सैनी ने पिता की मौत के लिए विक्रम खां और उसके लोगों को जिम्मेदार ठहराया है. उसने शिकायत में लिखा कि मारपीट से आई गंभीर चोट के कारण उसके पापा की मौत हुई. योगेश ने गोविंदगढ़ पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है. आसपास के लोगों ने 15 अगस्त को गोविंदगढ़ थाने का घेराव भी किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे और एक नौकरी की भी मांग की. 

योगेश की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है. गोविंदगढ़ थाने के ASI श्यामलाल मीणा ने आजतक को बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि उलाहेड़ी गांव के विक्रम खान और अन्य लोगों पर चिरंजी की पीटकर हत्या का आरोप लगा है.

Advertisement

वीडियो: दलित छात्र की मौत पर परिवारवालों ने कहा, ‘हम डर में जी रहे हैं’

Advertisement