तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. शनिवार, 30 मई को पश्चिम बंगाल के सोनारपुर दौरे के दौरान उन पर हमला हुआ था. इसके बाद सोनारपुर पुलिस स्टेशन में एक विशेष मामला दर्ज किया गया. गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी स्थानीय निवासी हैं.
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले मामले में पुलिस का एक्शन, 5 आरोपी गिरफ्तार, ममता बनर्जी ने BJP को घेरा
Mamata Banerjee ने आरोप लगाया कि BJP नेताओं और एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने अस्पताल पर दबाव डाला कि वह Abhishek Banerjee को डिस्चार्ज कर दे, जबकि उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी. और क्या कहा उन्होंने?


इस बीच, बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि हमले के बाद अभिषेक बनर्जी के शरीर में खून के थक्के जम गए थे. ममता ने आरोप लगाया कि BJP नेताओं और एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने अस्पताल पर दबाव डाला कि वह अभिषेक को डिस्चार्ज कर दे, जबकि उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी.
शनिवार, 30 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी की हालत पर दुख जताया. इंडिया टुडे से जुड़े तपस सेनगुप्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, ममता ने बताया कि अभिषेक पर हुए हमले के बाद उन्हेें इंटेंसिव थेरेपी यूनिट (ITU) में भर्ती कराया गया था और उनके कई मेडिकल टेस्ट किए गए. इनमें 3D सीटी स्कैन, अल्ट्रासोनोग्राफी (USG) और थोरेसिक जांच शाामिल है.
‘BJP नेताओं के धमकी भरे फोन आए’
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों को BJP नेताओं और डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (साउथ) से धमकी भरे फोन आ रहे थे. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अभिषेक बनर्जी की हालत गंभीर नहीं थी, तो उन्हें ITU में क्यों भर्ती किया गया और बाद में दबाव में आकर उन्हें डिस्चार्ज क्यों कर दिया गया.
ममता बनर्जी के मुताबिक, अपोलो अस्पताल ने अभिषेक बनर्जी की जांच की थी और सलाह दी थी कि वे घर पर आराम कर सकते हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे अभिषेक की इस हालत से परेशान थीं और बाद में उन्हें आगे के इलाज के लिए बेल व्यू अस्पताल ले गईं.
टीएमसी प्रमुख ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को अब घर भेज दिया गया है और वे फैमिली डॉक्टर की देखरेख में अपना इलाज जारी रखेंगे. उन्होंने आगे कहा कि उनका घर अब एक तरह से अस्पताल की तरह काम करेगा. यहां ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य मेडिकल उपकरण लगाए जा रहे हैं.
'शरीर में जमे खून के थक्के'
ममता बनर्जी ने बताया कि अभिषेक बनर्जी के शरीर में खून के थक्के जम गए थे. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन्हें कुछ भी हुआ, तो इसमें शामिल अस्पतालों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर हमले के दौरान उन्होंने हेलमेट नहीं पहना होता, तो उनकी मौके पर ही मौत हो गई होती.
डॉक्टरों को धमकाने का कथित वीडियो
इस बीच ममता बनर्जी का एक कथित वीडियो सामने आया है, जिसमें वे बेले व्यू अस्पताल के CEO प्रदीप टंडन को धमका रही हैं. ममता बनर्जी कथित तौर पर अंग्रेजी में कहती हैं,
“माफ कीजिए मिस्टर टंडन, आपने बहुत गलत काम किया है. कृपया याद रखिए कि हमने आपकी कितनी मदद की है. भगवान आपको माफ नहीं करेगा. आप लोगों को गुमराह कर रहे हैं. आपको शर्म आनी चाहिए. हर कोई आपके इस घमंड को याद रखेगा… आप अस्पताल चला रहे हैं और BJP सत्ता में है. कल अगर केंद्र सरकार नहीं रही, तो हम इस मामले को देखेंगे.”
लल्लनटॉप इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.
'राहुल गांधी ने मदद की पेशकश की'
ममता बनर्जी ने यह भी बताया कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फोन करके चिंता जताई और मदद की पेशकश की. उनके मुताबिक, राहुल गांधी ने सुझाव दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो अभिषेक बनर्जी को इलाज के लिए हैदराबाद शिफ्ट किया जा सकता है. उन्होंने आगे कहा कि सीनियर वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी उनकी हालत पर चिंता जताई थी.
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अभिषेक बनर्जी पर हुआ था हमला
शनिवार, 30 मई को पश्चिम बंगाल के सोनारपुर दौरे के दौरान टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ था. वे वहां चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने गए थे. इस दौरान अभिषेक बनर्जी पर अंडे और पत्थर फेंके गए. उनके खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए. हालात इतने खराब हो गए कि उन्हें हेलमेट पहनाकर सुरक्षा घेरे में रेस्क्यू करना पड़ा. अभिषेक ने आरोप लगाया कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया है. ये लोग उनकी जान लेना चाहते हैं.
वीडियो: TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ




















