तमिलनाडु के प्रसिद्ध तिरुचेंदूर सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में श्रद्धालुओं से अवैध वसूली का मामला सामने आया है. TVK नेता और तमिलनाडु के धार्मिक मामलों के मंत्री एस. रमेश 29 मई को अचानक मंदिर पहुंच गए. यहां उन्हें नियमों की अनदेखी और भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत मिले. इस धांधली के सामने आते ही सरकार ने पांच लोगों पर तुरंत एक्शन लिया. पुजारी को सेवा से हटा दिया गया और चार मंदिर कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.
मास्क लगाकर मंदिर पहुंचे मंंत्री, दर्शन कराने के लिए पुजारी ने पैसे मांग लिए, 5 के खिलाफ एक्शन
Tamil Nadu के धार्मिक मामलों के मंत्री S Ramesh ने आरोपी पुजारी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है. मामले में आरोपी मंदिर कर्मचारियों के भी खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है. मामला तिरुचेंदूर सुब्रमण्य स्वामी मंदिर से जुड़ा है.


श्रीनिवासन रमेश (32) 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) सरकार में ‘हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती मंत्री’ (HR&SE) हैं. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के अधिकारियों ने बताया कि मंत्री अपने सहयोगी के साथ चेहरे पर मास्क लगाकर मंदिर परिसर में दाखिल हुए. उनके सहयोगी ने पुजारी से दर्शन के बारे में पूछा. पुजारी ने कथित तौर पर एक तय रकम की मांग की, जिसके बाद मंत्री के सहयोगी ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए पैसे ट्रांसफर कर दिए.
बाद में मीडिया से बात करते हुए एस. रमेश ने कहा कि मंदिर में गड़बड़ियों के बारे में कई शिकायतें मिली थी, जिसके बाद औचक निरीक्षण किया गया. उन्होंने आगे बताया कि 29 मई की सुबह वे मास्क पहनकर मंदिर गए थे, जहां उन्होंने खुद देखा कि श्रद्धालुओं से पैसे लिए जा रहे थे और उसके बाद उन्हें दर्शन के लिए अंदर ले जाया जा रहा था.
एस. रमेश के मुताबिक, इस काम में पुजारी और अधिकारी दोनों ही मिलकर शामिल थे. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी. जब उनसे पूछा गया कि क्या पुजारी ने उनसे दर्शन के लिए नकद राशि की मांग की थी? उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि जांच अभी चल रही है और इसके पूरा होने के बाद पूरी जानकारी दी जाएगी.
DMK ने TVK को घेराद्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (DMK) ने इस मामले को लेकर टीवीके सरकार पर निशाना साधा है. तिरुचेंदूर विधानसभा से डीएमके विधायक अनिता आर. राधाकृष्णन ने ‘X’ पर एक बयान जारी कर कहा कि मंत्री एस. रमेश ने सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में पुजारियों के समुदाय का अपमान किया है और पार्टी इसकी कड़ी निंदा करती है.
एस. रमेश का भी इस पर जवाब आया. उन्होंने X पर लिखा,
“जो लोग जनता का शोषण कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जनता ने ही वोट दिया है, चाहे उनकी जाति या धर्म कुछ भी हो. भक्तों से गैर-कानूनी तरीके से पैसे लेकर सेवा करने की कोई जरूरत नहीं है. ऐसा करना सेवा नहीं है, और किसी भी भगवान ने उनसे ऐसा करने को नहीं कहा है.”
मंत्री एस. रमेश ने आगे लिखा,
“मुझे नहीं पता कि जब गलत काम करने वालों को सजा दी जाती है, तो वे इतने परेशान क्यों हो जाते हैं. मैं जल्द ही यह खुलासा करूंगा कि तिरुचेंदूर मंदिर में और भी कई गड़बड़ियां हो रही हैं और दोषियों को सजा मिलेगी. चाहे कोई भी हो, उन्हें सजा मिलेगी ही!”
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पांच के खिलाफ एक्शनमंदिर के जॉइंट कमिश्नर के. रामू ने मंदिर के पुजारी जी. अयप्पन को 'कैंकर्यम' (सेवा) करने से रोकने का आदेश जारी किया है. आरोप है कि जी. अयप्पन भक्तों से दर्शन के लिए अवैध पैसे वसूलने में शामिल थे.
इसी तरह एंट्रेंस पर तैनात सिक्योरिटी कर्मचारी के. करुप्पासामी और ए. थोप्पू को भी ड्यूटी से हटा दिया गया. आरोप है कि उन्होंने भक्तों को दर्शन के लिए अंदर जाने देने के लिए पुजारी से पैसे लिए थे. जॉइंट कमिश्नर के. रामू ने दो अन्य कर्मचारियों पी. शंकर और वी. नागराज के निलंबन का आदेश भी जारी किया है. इन पर मुंडन कक्ष में भक्तों से रिश्वत लेने का आरोप था.
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