नाम बदल कर रख देना!ये चौकीदार वाली बात ट्विटर पर तो काफी बाद में ट्रेंड हुई लेकिन दरअसल भाजपा का जुमला 'मैं भी चौकीदार', कांग्रेस के जुमले चौकीदार चोर है (#ChowkidarChorHai) का काउंटर था.
और कांग्रेस 'चौकीदार चोर है' कहती आई थी राफेल सौदे में हुई कथित हेराफरी के चलते. और किसे कहती आई थी? मोदी को. लेकिन चौकीदार क्यों? क्यूंकि काफी समय से मोदी अपने को प्रधानमंत्री नहीं चौकीदार प्रोजेक्ट करते आ रहे थे.
यहां तक सब कुछ ठीक था. लेकिन फिर जब सुप्रीम कोर्ट एक बार मना कर चुकने के बाद अंततः राफेल सौदे की अनियमितताओं को लेकर सुनवाई करने को राज़ी हुई तो राहुल ने Innocent until proven guilty जैसे बेसिक क़ानूनी नियम को इग्नोर करते हुए, ये कह दिया कि, अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया की चौकीदार चोर है. तब जबकि अभी सुप्रीम कोर्ट केवल सुनवाई करने को राज़ी भर ही हुई थी.
इसके बाद बीजेपी नेत्री मीनाक्षी लेखी, जो खुद एक वकील भी हैं, राहुल के खिलाफ कोर्ट चली गईं. आरोप ये कि राहुल ने कोर्ट की अवमानना की है.
और इसके बाद चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुआई वाली बेंच ने क्लियर किया कि राहुल गांधी पर सुप्रीम कोर्ट के बयान को गलत तरह से पेश करने का आरोप है. 23 तारीख को कोर्ट की सुनवाई होनी तय हुई. और राहुल गांधी से कहा गया कि 22 तारीख तक अपना जवाब कोर्ट को दें.
तो राहुल ने जवाब दे दिया है. और जवाब में क्या है?
ऑफ कोर्स वही जो इस पूरे मामले में सबसे ज़्यादा उचित हो सकता था - सॉरी.
अब देखते हैं 23 को क्या होता है. खैर तब जो होगा सो होगा लेकिन चुनावों के ठीक बीच में कांग्रेस और राहुल की ये मोरल हार तो कहलाएगी ही. और भाजपा इसे कैश करवाएगी ही.





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