कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में एक गैस प्लांट में बड़ा धमाका हो गया. इस धमाके में 13 भारतीय और पाकिस्तानी नागरिकों की मौत हुई है. वहीं 66 लोग घायल हुए हैं. ये गैस फैसलिटी ईरानी मिसाइल अटैक में प्रभावित हुआ था. इसे दोबारा शुरू करने के प्रयास में ये हादसा हुआ.
कतर के बंद पड़े गैस प्लांट में धमाका, भारत-पाकिस्तान के 13 नागरिकों की मौत
कतर के एक गैस प्लांट में हुए धमाके में 13 भारतीय और पाकिस्तानी नागरिकों की मौत हुई है. वहीं 66 लोग घायल हुए हैं. यह विस्फोट बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ है. ये कतर का सबसे बड़ा गैस सप्लाई प्लांट है और रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी का हिस्सा है.


‘बरजान’ गैस सप्लाई प्लांट में हुआ धमाका
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कतर के ऊर्जा मंत्री और कतर एनर्जी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर साद अल-काबी ने बताया कि मृतकों में भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक शामिल थे. अधिकारियों ने बताया कि यह विस्फोट ‘बरजान’ गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ है. ये कतर का सबसे बड़ा गैस सप्लाई प्लांट है और रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी का हिस्सा है. अधिकारियों ने आगे बताया कि ये हादसा तकनीकी दिक्कतों के चलते हुआ है. इसकी जांच शुरू कर दी गई है.
अल-काबी ने इस घटना में मारे गए लोगों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है. उन्होंने कहा, “आज मुझे वो करना पड़ रहा है, जो मैं कभी भी नहीं करना चाहता था. भारत और पाकिस्तान की नागरिकता वाले 13 लोगों की दुखद मौत हो गई है. वहीं 66 लोग घायल हुए हैं. उनका इलाज चल रहा है. ये सभी खतरे से बाहर हैं.”
भारतीय दूतावास ने जताया शोक
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने विस्फोट में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है. दूतावास की ओर से बताया गया कि वे कतर के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,
कल रात (21 जून) रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी में हुई दुखद घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति हम अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हैं.
दूतावास ने इस हादसे में जान गंवाने वाले और घायल हुए भारतीयों की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. सरकारी कंपनी कतर एनर्जी के मुताबिक, 21 जून की रात बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में काम शुरू करने के दौरान जोरदार धमाका हुआ. ये धमाके रस लफ्फान से 70 किलोमीटर दूर दोहा तक महसूस किए गए. दो दिन पहले ही इस प्लांट को फिर से शुरू किया गया था.
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ईरान के स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नियंत्रण के बाद कतर ने अपना प्रोडक्शन रोक दिया था. इसका असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर पड़ा था. कतर अपने क्लाइंट्स को LNG शिपमेंट नहीं भेज पा रहा था. युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत शुरू होने के बाद से एक्सपोर्ट टर्मिनल को शुरू करने की कोशिश की जा रही थी.
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