पुणे पोर्शे कार हादसे में आरोपी नाबालिग के पिता को 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. इससे पहले पिता विशाल अग्रवाल पर कुछ लोगों ने विरोध जताते हुए स्याही फेंक दी. अग्रवाल को एक दिन पहले पुलिस ने गिरफ्तार किया था. 22 मई को उन्हें सेशन कोर्ट में पेशी के लिए लाया जा रहा था, इसी दौरान उन पर बैनर दिखाते कुछ लोगों ने स्याही फेंक दी. इसी मामले में अब महाराष्ट्र सरकार ने नाबालिग आरोपी को 25 की उम्र तक ड्राइविंग लाइसेंस देने पर बैन लगा दिया. राज्य के ट्रांसपोर्ट अधिकारियों ने ये भी दावा किया कि पोर्शे कार का परमानेंट रजिस्ट्रेशन भी पेंडिंग है, क्योंकि परिवार ने 1,758 रुपये की फीस नहीं जमा की.
Porsche कार हादसा: आरोपी के पिता को 2 दिन की पुलिस हिरासत, लोगों ने स्याही फेंकी
जिस Porsche कार से एक्सीडेंट हुआ उसका परमानेंट रजिस्ट्रेशन भी पेंडिंग है, क्योंकि आरोपी के परिवार ने 1,758 रुपये की फीस नहीं जमा की.
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18 और 19 मई की दरमियानी रात कल्याणी नगर में जिस पोर्शे कार से टक्कर में दो लोगों की मौत हुई, उसे 17 साल का नाबालिग चला रहा था. पुलिस का कहना है कि कार चलाने के दौरान उसने शराब पी रखी थी. अब ट्रांसपोर्ट विभाग ने भी मामले में कार्रवाई की है. विभाग के अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि अगले 12 महीनों तक अब किसी भी रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस में इस कार के रजिस्ट्रेशन की अनुमति नहीं होगी. और मौजूदा अस्थायी रजिस्ट्रेशन मोटर व्हिकल एक्ट के तहत कैंसिल किया जाएगा.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट बताती है कि ये लग्जरी कार बेंगलुरु से पुणे लाई गई थी. लेकिन रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस में इसका फीस नहीं भरने के कारण इसका स्थायी रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया. अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए रोड टैक्स में छूट है. Porsche Taycan मॉडल के लिए रजिसट्रेशन फीस सिर्फ 1758 रुपये फीस थी. लेकिन ये जमा नहीं की गई. इसका अस्थायी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट कर्नाटक में जारी किया था, जिसकी वैधता सितंबर 2024 तक थी.
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नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है. FIR के मुताबिक, नाबालिग के पास लीगल ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, इसके बावजूद पिता ने उसे कार दे दी. इससे उसकी जान खतरे में डाली गई.
विशाल अग्रवाल एक रियल एस्टेट कारोबारी है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट बताती है कि अग्रवाल परिवार पिछले 40 सालों से कंस्ट्रक्शन कारोबार में है. उनकी कंपनी ब्रह्मा कॉर्प पुणे के कई इलाकों में बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट पर काम कर चुकी है. इसी कंपनी ने पुणे में कई बड़े होटल का भी निर्माण किया है.
दो दिन पहले नाबालिग आरोपी को कुछ ही घंटों में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी थी. इसकी खूब आलोचना भी हुई. इसके बाद पुणे पुलिस ने बोर्ड से नाबालिग पर व्यस्क की तरह मुकदमा चलाने की अपील की है. जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड अब इस पर फैसला सुना सकता है.
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