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दलित परिवार के 4 लोगों की हत्या का मामला क्या है, विपक्ष योगी सरकार पर निशाना साध रहा है

24 नवंबर को प्रयागराज में हुई थी हत्या.

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बाएं घटना स्थल पर मौजूद भीड़, दाएं मामले के जांच अधिकारी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी (तस्वीर: आजतक)
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक दलित परिवार के 4 लोगों की हत्या के मामले में विपक्ष योगी सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने जहां प्रयागराज पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और सरकार पर निधाना साधा, वहीं अखिलेश यादव और मायावती ने शनिवार, 27 नवंबर को ट्वीट कर योगी सरकार पर हमला बोला है. इन दोनों पार्टियों ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल भेजा था. एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या का पूरा मामला क्या है? क्या है मामला? घटना प्रयागराज के फाफामऊ के मोहनगंज गोहरी गांव की है. बुधवार, 24 नवंबर की रात कुछ लोग एक घर में घुसे. परिवार के मुखिया, उनकी पत्नी, 16 साल की बेटी और 10 साल का बेटा घर में सो रहे थे. आरोप है कि इन चारों लोगों की हत्या कर दी. सुबह जब घर का दरवाजा नहीं खुला तो गांव के लोगों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस को घर में चारों के ख़ून से लथपथ शव मिले. एक कुल्हाड़ी भी बरामद हुई. BBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक, FIR में लिखा है कि लड़की के कपड़े अस्त व्यस्त थे. ऐसा लग रहा था कि उसके साथ गैंगरेप हुआ है. FIR के मुताबिक गांव के दबंग आकाश सिंह, उसके पिता अमित सिंह, अमित सिंह की पत्नी बबली सिंह और आठ अन्य लोगों ने ज़मीन के विवाद के चलते 5 और 21 सितंबर को दलित परिवार से मारपीट भी की थी. उन्होंने जान से मारने की धमकी दी थी. इस मामले की एफ़आईआर थाने में दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. FIR में थानाध्यक्ष फाफामऊ राम केवल पटेल और सिपाही सुशील कुमार सिंह पर सुलह करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है.  FIR में नाबालिग़ के साथ गैंगरेप का भी आरोप लगाया गया है, इसलिए मुक़दमे में पोक्सो एक्ट की धाराओं को भी शामिल किया गया है. आजतक के मुताबिक इस घटना की जांच कर रहे प्रयागराज एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने घटना के बाद वाले दिन बताया था,
2019 और 2021 में इन्होंने कुछ लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत केस करवाया था. उस केस में कार्रवाई ना होने का इन्होंने आरोप लगाया है. इसके बारे में भी हम लोग जानकारी करते हुए कठोर कार्रवाई करेंगे. संदिग्ध लोगों को हमने हिरासत में ले लिया है और पूछताछ करके इस घटना का खुलासा जल्द ही किया जाएगा." 
विपक्ष ने सरकार को घेरा बसपा सुप्रीमो मायावती ने शनिवार, 27 नवंबर को ट्वीट कर प्रदेश में खराब कानून व्यवस्था का आरोप लगाया. उन्होंने ट्वीट किया,
"यूपी के प्रयागराज में अभी हाल ही में दबंगों द्वारा एक दलित परिवार के चार लोगों की निर्मम की गई हत्या अति-दुःखद व शर्मनाक है. यह घटना भी सरकार की लचर कानून-व्यवस्था को दर्शाती है. ऐसा लगता है कि इस मामलें में भाजपा भी अब सपा सरकार के ही नक्शेकदम पर चल रही है. इस घटना के बाद सबसे पहले बाबूलाल भांवरा के नेतृत्व में बीएसपी के पहुंचे प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि प्रयागराज में दबंगों का जबरदस्त आतंक है, जिसके कारण ही यह घटना भी हुई है. सरकार सभी दोषी दबंगों के विरुद्ध सख़्त क़ानूनी कार्रवाई करे.
अखिलेश यादव क्या बोले? वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी शनिवार, 27 नवंबर को ट्वीट कर प्रयागराज की घटना को लेकर योगी सरकार को घेरा. लिखा कि इलाहाबाद के फाफामऊ में दबंगों ने 4 दलितों की हत्या कर दी, ये घटना प्रदेश में भाजपा की सरकार पर एक धब्बा है. उम्मीद है कि ये अपराधी बिना चश्मे के भी दिख जाएंगे. समावजवादी पार्टी के ट्विटर हैंडल से बताया गया कि सपा ने इस मामले में कुछ नेताओं का प्रतिनिधि मंडल बनाकर प्रयागराज में पीड़ित परिवार से मुलाकात करने भेजा है. आजतक के पंकज श्रीवास्तव के मुताबिक सपा के प्रतिनिधि मंडल ने इस मामले में सरकार से दोषियों के खिलाफ Pocso Act के तहत कड़ी कार्रवाई करने की मांग की. इसके साथ ही पीड़ित परिजनों को एक करोड़ का आर्थिक मुआवजा और सरकारी नौकरी दिए जाने की भी मांग की.
प्रियंका गांधी ने की पीड़ित परिवार से मुलाकात वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पीड़ित परिवार से शुक्रवार, 26 नवंबर को मुलाकात की. इस दौरान प्रियंका गांधी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए. प्रियंका ने कहा कि योगी सरकार में अब बेटियां सुरक्षित नहीं हैं. प्रियंका ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को पुलिस से सहयोग नहीं मिल रहा है. इस मामले में अब तक सिर्फ दो पुलिस कर्मियों को ही हटाया गया है, वहीं महिलाएं बताती हैं कि जब वह शिकायत करने थाने पर जाती थीं, तो पुलिसकर्मी उनका मजाक उड़ाते थे.

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