भूले-बिसरे हुए ग़म फिर उभर आते हैं कई आईना देखें तो चेहरे नज़र आते हैं कई
ये ट्विटर भी ना कुछ ऐसी ही चीज़ है, आपको कुछ भूलने ही नहीं देगा. अब आप सोच रहे होंगे कि ट्विटर का आईने से क्या लेना देना. अरे है भई. आप लोगों के ट्विटर अकाउंट को खंगाल कर तो देखिए. अद्भुत ज्ञान की प्राप्ति होगी. एकदम दिमाग चकराने वाली. ट्विटर पर आपको एक शख्स के कई चेहरे उसकी प्रोफाइल फोटो से तो नजर आ ही जाएंगे, उनके हृदय परिवर्तन का दिव्य नज़ारा भी देखने को मिलेगा. बिल्कुल नीतीश कुमार टाइप. आइए आपको ऐसे ही एक शख्स से मिलवाते हैं.

अंकित जैन के ट्विटर का स्क्रीनशॉट
ये हैं अंकित जैन. इनका ट्विटर प्रोफाइल देख कर समझ ही गए होंगे कि ये बीजेपी के सपोर्टर हैं. इनको पीएम मोदी से लेकर कई बड़े मंत्री और बीजेपी नेता ट्विटर पर फॉलो भी करते हैं. एक बात और, ये सभी मामलों में एक्सपर्ट भी हैं. ऐसा हम नहीं कह रहे, आप देख लीजिए ये खुद ही कह रहे हैं.
अंकित जैन की चर्चा क्यों?
मुद्दे की बात पर आते हैं. अंकित जी ने बीती 13 नंवबर को एक ट्वीट किया था. इसमें लिखा था,"एक करीबी संबंधी को पहली बार सांस लेने में तकलीफ हो रही है. क्या इसका कोई देसी इलाज ट्राई कर सकते हैं?"

अंकित ने सुबह ट्वीट कर लोगों से सलाह मांगी. लेकिन शाम होते-होते उन्होंने ये ट्वीट डिलीट कर दिया. खैर ये पहला मामला नहीं था जब अंकित ने अपना ट्वीट डिलीट किया हो. ऐसा करना आप उनकी प्रैक्टिस मान सकते हैं. इस पर आगे चर्चा करेंगे. पहले अंकित के ताजा डिलिटेड ट्वीट की बात कर लेते हैं. उन्होंने ट्वीट डिलीट करते हुए लिखा,
तो मैं इस ट्वीट को डिलीट कर रहा हूं, क्योंकि 'आपिए' और 'कांग्रेसियों' ने मेरे परिजन की मौत के लिए पर्याप्त प्रार्थना कर ली है.https://twitter.com/indiantweeter/status/1459518532253667341
अंकित को ट्वीट डिलीट क्यों करना पड़ा?
इसके लिए आपको थोड़ा पीछे लिए चलते हैं. ज्यादा पीछे नहीं. बस इसी बीती दिवाली तक. हुआ ये कि दिल्ली सरकार ने कोरोना और प्रदूषण के मद्देनजर इस बार भी पटाखों की बिक्री, खरीद और पटाखे फोड़ने पर बैन लगाया था. पटाखा व्यवसायियों ने इसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में पिटिशन दी. लेकिन हाई कोर्ट ने भी दिल्ली सरकार के फैसले को गलत नहीं ठहराया. यानी दिल्ली में दिवाली पर पटाखें छुड़ाना बैन था.लेकिन ये इंडिया है मेरे दोस्त! यहां लोग कहते हैं कि नियम तो तोड़ने के लिए ही बनाए जाते हैं. तो दिवाली आई और कुछ अतिउत्साहित लोगों ने पूरे जोश में जमकर पटाखे फोड़े. इधर पटाखे फूटना शुरू हुए और उधर अंकित जैन के अंदर का 'सच्चा हिंदू' जाग गया, जो 2019 की दिवाली में भी जागा था. उस टाइम का ये ट्वीट देखिए.

यही रवैया अंकित जैन ने इस साल भी दिखाया. बैन के बावजूद दिल्ली में पटाखे फूटते जा रहे थे और अंकित को मज़ा आ रहा था. वो ट्विटर पर लगातार अपनी एक्सपर्ट राय भी देते चल रहे थे. एक बार तो उनके अंदर 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' का सरदार खान जाग गया. बोले- भईया! अगली बार दिल्ली वालों को ज्ञान मत देना नहीं तो धुआं धुआं कर देंगे.
https://twitter.com/indiantweeter/status/1456336363771465759
सिर्फ इतना ही नहीं, अंकित ने दिल्ली हाई कोर्ट को भी लपेट लिया. आसमान में जाकर फूटने वाले पटाखों का वीडियो डालते हुए उन्होंने लिखा,
मिलॉर्ड, ये आपके लिए.https://twitter.com/indiantweeter/status/1456326344984383496
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया कि पटाखे फोड़ कर अपने बच्चों की जान जोखिम में डालना कौन सी अक्लमंदी की बात है. अंकित जैन वहां भी पहुंच गए. संजय सिंह को जवाब देते हुए उन्होंने लिखा,
संजय सिंह बोल रहा है कि हिंदुओं के दिमाग में जहर है. यूपी की जनता इसका बराबर जवाब देगी.https://twitter.com/indiantweeter/status/1456500182653161477
इन्हीं सब ट्वीट्स की वजह से अंकित को रिलेटिव वाला ट्वीट हटाना पड़ा, क्योंकि प्रदूषण की वजह से जब उनके रिश्तेदार की जान पर बन आई तो वो सबसे राय मांगने लगे कि भई क्या किया जाए. तो लोगों ने उन्हें ये सब सुना डाला.
सुष्मिता नाम की ट्विटर यूजर ने कहा,
पटाखे देखकर तो सेंटी वाले इमोशंस नहीं दिखाए आपने. किसी से पूछा कि भाई धुएं से दिक्कत है क्या आपको?
क्या हुआ भाई, हिंदू जाग गया था ना? मजा आ रहा है पटाखे फोड़ के कि नहीं?
कुछ लोगों ने अंकित जैन के रिश्तेदारों के ठीक होने की कामना की और उन्हें सबक लेने की सलाह दी. जैसे राजीव भोला नाम के यूजर ने कहा,
आशा है आपके रिश्तेदार रिकवर हो रहे होंगे. लेकिन आपके लिए सबक है कि किसी धार्मिक ऐक्टिविटी से ज्यादा जरूरी सबकी सेहत है. पटाखे फोड़कर हम अपने धर्म को सही साबित नहीं करते. तो अगली बार हर किसी की सेहत के बारे में सोचें.
सीधी बात है. भईया जब आप इतना रायता फैलाएंगे तो आपको क्या लोग छोड़ देंगे! हालांकि ये भी साफ कर दें कि अंकित जैन के परिजन की खराब तबीयत पर मज़ाक उड़ाने वाले या उन्हें बद्दुआ देने वाले भी खराब मानसिकता से पीड़ित हैं.










