"रूस और भारत के बीच विशेष रणनीतिक पार्टनरशिप को बढ़ावा देने के लिए'ये अवार्ड दिया गया है.
जानिए मोदी को पुतिन की सरकार ने अपना सबसे बड़ा सम्मान क्यों दिया है
मोदी इतने विनम्र हैं कि किसी को कॉल-मैसेज तक नहीं कर रहे.
Advertisement

पीएम मोदी को भारत और रूस के रिशतों की बेहतरी के लिए ये सम्मान दिया गया है.
रुस ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को रूस के सर्वोच्च सम्मान से नवाज़ा है. ये सम्मान है 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल.' पीएम मोदी को
रूसी सरकार के अनुसार इस सम्मान यानी 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल' की स्थापना 17 वीं शताब्दी में पीटर द ग्रेट ने 1699 के आसपास की थी. ये उस समय के ज़ार यानी रूसी सम्राट थे. और उनके शासन के लिए बेहतरीन काम करने वाले लोगों को ये सम्मान दिया जाता था. रूसी क्रांति के बाद सोवियत रूस बना. साल 1918 में सोवियत रूस ने इस शासकीय सम्मान को ख़त्म कर दिया था. जब सोवियत रूस टूटा तो 1998 में इसे फिर शुरू किया गया. कुल मिलाकर ये रूस की ओर से दिए जाने वाला सबसे पुराना सम्मान है.
मौजूदा समय में रूस सरकार ये सम्मान बड़े राजनेताओं या चर्चित लोगों को देती है. इसके अलावा देश के लिए बेहतरीन सेवा करने वाले रूसी नागरिकों को इस सम्मान से नवाज़ा जाता है.
पीएम मोदी को ये सम्मान मिलने के कुछ बड़े कारण हैं. बीते 5 सालों में भारत ने रूस के साथ कई ऐसे समझौते किए हैं, जिनसे बाकी देश ज्यादा खुश नहीं थे. जैसे S-400 डिफेंस सिस्टम और MI 17 हेलिकॉप्टर डील का सौदा. अंतरराष्ट्रीय विरोध के बावजूद ये सौदे किए गए थे. मोदी से पहले, साल 2017 में, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल' से सम्मानित किया जा चुका है.
Advertisement













