शहर ग्वालियर से एक बंदा है पीयूष मिश्रा. वही, जो 'गुलाल' में कातिल की बाज़ू का ज़ोर टटोलते हुए मुल्क के टशन और थ्रिल को गाता है. वही, जो 'तेरे बिन लादेन' में अपने स्टाफ से बात-बात पर जुर्माना वसूल लेता है. लिरिसिस्ट, एक्टर, सिंगर, राइटर, कंपोज़र न जाने क्या-क्या काम करता है. इन सब के अलावा उसका एक काम और है- भगत सिंह से इश्क. और इसी इश्क के चलते वो हमारी पीढ़ी और भगत सिंह के बीच एक पुल की तरह है. पीयूष का एक वीडियो आया है भगत सिंह पर, जो देखना बनता है.
पहले वीडियो देख लें, फिर आगे बात होगी- ये वीडियो यूट्यूब पर पब्लिश हुआ है 31 अगस्त, 2017 को. माने उसे कुछेक दिन पहले का वाकया रहा होगा. इसमें पीयूष एक TEDx टॉक में बतौर स्पीकर पहुंचे थे. TEDx टॉक वैसा ही होता है जैसा TED टॉक होता है. उसी की तरह यहां ऐसे लोग चार बातें काम की बताते हैं, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी में कुछ अलहदा हासिल किया हो, जिससे हम-आप सीख सकें. मेरा पसंदीदा हिस्सा वो था जब पीयूष बताते हैं कि राजगुरू पंडित आज़ाद को नशे में ही सही, एक बड़ी मानीखेज़ बात कह देते हैं,
पंडित जी, खूबसूरत दुनिया का सपना देखने चले हो, खूबसूरती से इतनी नफरत पाल के?
भगत सिंह के बारे में दुनिया पीयूष से पहले भी जानती थी. लेकिन तब का भगत सिंह वो था, जो एक नौजवान होकर भी वैसा कोई काम नहीं करता था, जो लोग जवानी में करते हैं. वो महान क्रांतिकारी था, जिसकी हस्ती आपसे बहुत बड़ी थी, आप उसे उछल कर भी छू नहीं सकते थे. पीयूष के ज़रिए हम भगत सिंह से एक यार की तरह मिलते हैं. तब मन करता है उससे बात करने का, उसे जानने का. ये एहसान है पीयूष का हमारी पीढ़ी पर.
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