The Lallantop

आपने देखा क्या, गोद में बच्चा लिए इस पुलिसवाले की फोटो खूब वायरल हो रही है

इस बार वजह बेहद खूबसूरत है.

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop
चार महीने का एक बच्चा. बदमाश उसे मां से छीन ले गए. 15 घंटे तक बच्चा किडनैपरों के चंगुल में रोता रहा. उसे गोद भी नसीब हुई तो एक पुलिसवाले की. रोता हुआ बच्चा जब पुलिसवाले की गोद में आया, तो उसकी आंखों में चमक थी और होठों पर ऐसी मुस्कान कि उस मुस्कान के लिए सबकुछ कुर्बान करने को जी चाहे. ये फोटो हैदराबाद की है. फोटो में मुस्कुराते हुए दिख रहे हैं नामपल्ली थाने के एसएचओ आर संजय कुमार. उनकी गोद में जो बच्चा है उसका नाम है फैजान. ये तस्वीर आईपीएस अधिकारी स्वाती लकड़ा ने 5 अक्टूबर को ट्विटर पर शेयर की थी. इसे अब तक 4500 लोग रिट्वीट कर चुके हैं और 18000 लोगों ने इसे लाइक किया है. आर संजय कुमार बताते हैं
बच्चा रो रहा था. जैसे ही मैने उसे अपनी गोद में उठाया, वो बिल्कुल ही चुप हो गया. उसने खुली आंखों से मेरी तरफ देखा और मुस्कुरा उठा. मेरे भी होठों पर मुस्कान आ गई. ये तस्वीर भले ही किसी ने कैमरे में कैद कर ली हो, लेकिन ये मेरे दिमाग में हमेशा के लिए बैठ गई है.
संजय कहते हैं
बच्चे की मुस्कान और मां की खुशियों के आंसू ने पुलिस की सारी थकान उतार दी. जब बच्चे को बचाया गया, तो वो रहा था. जब वो अपनी मां की गोद में गया, तब भी वो रो रहा था. उसी वक्त मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और वो चुप हो गया. उसने मेरी तरफ देखा. उसके चेहरे पर ऐसी मुस्कान थी, जो मैंने अपनी लाइफ में आजतक नहीं देखी है. उस वक्त की खुशी को मैं शब्दों में जाहिर भी नहीं कर सकता हूं.
 

बच्चे को बेचने की योजना बना रहे थे बदमाश

नामपल्ली इलाके में फैजान अपनी मां के साथ सड़क किनारे सो रहा था. 4 अक्टूबर को देर रात 3 बजे कुछ लोगों ने उसे सोते समय ही किडनैप कर लिया. फैजान की मां हुमेरा बेगम जब जगीं, तो बच्चा उनके पास नहीं था. इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी. पुलिस तुरंत ही हरकत में आई और 15 घंटे के अंदर बच्चे को बदमाशों के चंगुल से छुड़ा लिया. पुलिस के मुताबिक दो बदमाशों मोहम्मद मुश्ताक और मोहम्मद यूसूफ को गिरफ्तार किया गया है, जो बच्चे को बेचने की योजना बना रहे थे.

खरीदार ने मना किया, तो पकड़े गए

पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुश्ताक और यूसूफ की शिनाख्त की. लोकल लोगों ने बताया कि मुश्ताक रिक्शा चलाता है और निलोफर चिल्ड्रल अस्पताल के आस-पास पाया जाता है. यूसूफ उसका दोस्त है, जो आगापुरा में दरगाह के पास रहता है. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि मुश्ताक के रिश्तेदार मोहम्मद गौस को कई बच्च नहीं था. वो किसी बच्चे को गोद लेना चाहते थे. मुश्ताक ने उन्हें बताया कि वो एक ऐसा बच्चा दे सकता है, जिसके माता-पिता बेहद गरीब हैं और जिन्हें पैसे की जरूरत है. इसके बाद मुश्ताक ने बच्चे का अपहरण कर लिया. जब 5 तारीख की सुबह 5.30 बजे मुश्ताक बच्चा देने पहुंचा, तो मोहम्मद गौस ने बच्चे के माता-पिता से मिलवाने को कहा. न मिलवाने की स्थिति में गौस ने बच्चा लेने से मना कर दिया. बच्चे को बेचने में नाकाम दोनों बदमाश शाम को बच्चे के साथ दरगाह पहुंचे तो पुलिस टीम दोनों का इंतजार कर रही थी. पुलिसवालों के लिए अधिकांश लोगों में इज्जत कम और डर ज्यादा होता है. इसकी कुछ वजहें भी रहीं हैं. पुलिसवालों की जब भी फोटो वायरल होती है, तो किसी को डंडे मारते हुए होती है, थर्ड डिग्री का टॉर्चर देते हुए होती है या फिर ऐसी होती है कि जिसे देखकर आम आदमी की रूह कांप जाती है. चंद अपवाद छोड़ दें, तो हमें पुलिस का अमानवीय चेहरा ही याद रहता है. हम भूल जाते हैं कि पुलिसवाले भी हमारे जैसे ही हैं, जिनके पास एक धड़कता हुआ दिल होता है. वो प्यार करना भी जानता है, गुस्सा करना भी. वो अपनी फर्ज अदायगी भी जानता है और बदमाशों के मन में दहशत पैदा करने का हुनर भी उसके पास है. ऐसे में ये तस्वीर पुलिसवालों के लिए मन में इज्जत बढ़ाने के साथ ही दिलो-दिमाग को सुकून पहुंचाने वाली भी है.
ये भी पढ़ें: वीरप्पन को मारने वाले के विजय कुमार ने बताया, पुलिसवाले क्यों लगाते हैं काला चश्मा? मध्यप्रदेश: क्या सच में किसानों के कपड़े उतरवाकर उन्हें पीटा गया? दिल्ली के थाने में लगा राधे मां का दरबार, SHO और पुलिसवाले बने भक्त

Advertisement
Advertisement