बच्चा रो रहा था. जैसे ही मैने उसे अपनी गोद में उठाया, वो बिल्कुल ही चुप हो गया. उसने खुली आंखों से मेरी तरफ देखा और मुस्कुरा उठा. मेरे भी होठों पर मुस्कान आ गई. ये तस्वीर भले ही किसी ने कैमरे में कैद कर ली हो, लेकिन ये मेरे दिमाग में हमेशा के लिए बैठ गई है.संजय कहते हैं
बच्चे की मुस्कान और मां की खुशियों के आंसू ने पुलिस की सारी थकान उतार दी. जब बच्चे को बचाया गया, तो वो रहा था. जब वो अपनी मां की गोद में गया, तब भी वो रो रहा था. उसी वक्त मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और वो चुप हो गया. उसने मेरी तरफ देखा. उसके चेहरे पर ऐसी मुस्कान थी, जो मैंने अपनी लाइफ में आजतक नहीं देखी है. उस वक्त की खुशी को मैं शब्दों में जाहिर भी नहीं कर सकता हूं.
बच्चे को बेचने की योजना बना रहे थे बदमाश
नामपल्ली इलाके में फैजान अपनी मां के साथ सड़क किनारे सो रहा था. 4 अक्टूबर को देर रात 3 बजे कुछ लोगों ने उसे सोते समय ही किडनैप कर लिया. फैजान की मां हुमेरा बेगम जब जगीं, तो बच्चा उनके पास नहीं था. इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी. पुलिस तुरंत ही हरकत में आई और 15 घंटे के अंदर बच्चे को बदमाशों के चंगुल से छुड़ा लिया. पुलिस के मुताबिक दो बदमाशों मोहम्मद मुश्ताक और मोहम्मद यूसूफ को गिरफ्तार किया गया है, जो बच्चे को बेचने की योजना बना रहे थे.खरीदार ने मना किया, तो पकड़े गए
पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुश्ताक और यूसूफ की शिनाख्त की. लोकल लोगों ने बताया कि मुश्ताक रिक्शा चलाता है और निलोफर चिल्ड्रल अस्पताल के आस-पास पाया जाता है. यूसूफ उसका दोस्त है, जो आगापुरा में दरगाह के पास रहता है. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि मुश्ताक के रिश्तेदार मोहम्मद गौस को कई बच्च नहीं था. वो किसी बच्चे को गोद लेना चाहते थे. मुश्ताक ने उन्हें बताया कि वो एक ऐसा बच्चा दे सकता है, जिसके माता-पिता बेहद गरीब हैं और जिन्हें पैसे की जरूरत है. इसके बाद मुश्ताक ने बच्चे का अपहरण कर लिया. जब 5 तारीख की सुबह 5.30 बजे मुश्ताक बच्चा देने पहुंचा, तो मोहम्मद गौस ने बच्चे के माता-पिता से मिलवाने को कहा. न मिलवाने की स्थिति में गौस ने बच्चा लेने से मना कर दिया. बच्चे को बेचने में नाकाम दोनों बदमाश शाम को बच्चे के साथ दरगाह पहुंचे तो पुलिस टीम दोनों का इंतजार कर रही थी.ये भी पढ़ें: वीरप्पन को मारने वाले के विजय कुमार ने बताया, पुलिसवाले क्यों लगाते हैं काला चश्मा? मध्यप्रदेश: क्या सच में किसानों के कपड़े उतरवाकर उन्हें पीटा गया? दिल्ली के थाने में लगा राधे मां का दरबार, SHO और पुलिसवाले बने भक्त













