आप कहते रहिए कि झारखंड, हरियाणा और मध्य प्रदेश में भी रोज गोली चल रही है, फिर बिहार को ही 'जंगलराज' क्यों कहा जा रहा है. लेकिन जो है, सामने है. वैसे भी लालू यादव जिस सरकार में शामिल हो, उसे ज्यादा तोहमतों के लिए तैयार रहना होगा. गया में
आदित्य सचदेवा हत्याकांड के बाद गुस्सा ज्यादा बढ़ा था. क्योंकि आरोप था जेडीयू MLC के बिगड़ैल बेटे पर. आदित्य ने उसकी गाड़ी को आगे निकलने की जगह नहीं दी थी, इसलिए उसने गोली मार दी, ऐसा आरोप है. इस घटना के बाद नीतीश सरकार के खिलाफ आलोचना की आवाज़ें ज्यादा मजबूत हुईं. खराब 'लॉ एंड ऑर्डर' पर व्यंग्य लिखे गए. उसी समय सोशल मीडिया पर एक तस्वीर चली थी. एक कार थी, कार का पिछला शीशा था, जिस पर किसी ने फोटोशॉप से लिख दिया था, 'जगह मिलने पर पास दिया जाएगा, कृपया गोली ना मारें.'

ये फोटो खूब शेयर हुई थी. तमाम लोगों ने पसंद की. पर सबसे ज्यादा इस पर बीजेपी लट्टू हो गई है. उन्होंने बाकायदा इसके स्टिकर छपवाकर बंटवा दिए. लोगों से अपील की कि वे इसे अपनी कार के पीछे लगाएं. पता नहीं ये किस क्रिएटिव दिमाग की उपज था, लेकिन बीजेपी ने इसे 'भाजपा द्वारा जनहित में जारी' लिखवा के छपवा दिया. 20 मई को पार्टी ने ये पोस्टर जारी किया था. सरकार से विरोध जताने के लिए कुछ लोगों ने पोस्टर लगवा भी लिए हैं. लेकिन ज्यादातर यह बिहार बीजेपी के नेताओं की गाड़ियों पर ही नजर आ रहा है.

पटना से आई चिड़िया ने संदेश दिया है कि 'बिहार में बहार हो, नीतीशे कुमार हो' गाने की पैरोडी भी बना ली गई है. व्हॉट्सएप पर भी तरह-तरह के मैसेज शेयर हो रहे हैं. दो उदाहरण पेश हैं, 'जो भी ओवरटेक करता है बिहार में, गोलिये मार देते हैं कपार में.' और 'जो पत्रकार ज्यादा लिखते हैं अखबार में, उनको सरेआम ठोंक देते हैं बिहार में.' वैसे ये पैरोडी वॉर चुनाव से पहले भी था. नीतीश ने '3 इडियट्स' के गाने 'कहां गया उसे ढूंढो' का मोदी वर्जन सुनाया था. जिस पर मोदी ने जवाब भी दिया था. https://www.youtube.com/watch?v=vwOMrhshEn8