पहले सर्जिकल स्ट्राइक नहीं कोवर्ट ऑपरेशन हुए हैं
पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक हुए हैं ऐसे दावों का जवाब देते हुए पर्रिकर ने कहा, मैं दो साल से इस पद पर हूं. मेरी जानकारी में ऐसा कोई भी सर्जिकल स्ट्राइक पहले नहीं हुआ है. वो सारे एक्शन जो लिए गए हैं, ज्यादा से ज्यादा कोवर्ट ऑपरेशन कहे जा सकते हैं. क्योंकि उनमें एक्शन पहले लिया गया और बाद में उन एक्शन के बारे में सरकार को बताया गया. पर 29 सितंबर को जो हुआ वो सरकार के फैसले का नतीजा था. इसके बारे में सरकार पहले से जानती थी. और उसकी जानकारी में ही सारी प्लानिंग हुई थी.स्ट्राइक का क्रेडिट आर्मी और जनता को पर नरेंद्र मोदी की सूझ-बूझ इसके पीछे
इंडियन एक्सप्रेस के हिसाब से इस सवाल पर कि BJP सर्जिकल स्ट्राइक का क्रेडिट ले रही है. पर्रिकर ने कहा कि सर्रिजल स्ट्राइक का क्रेडिट आर्मी को और भारत के 127 करोड़ लोगों को जाता है. इस वक्त के हालात को 2013 से अच्छा बताते हुए पर्रिकर ने कहा कि इसका क्रेडिट जरूर नरेंद्र मोदी को जाता है कि इंडिया के बॉर्डर सेफ हो गए हैं. पर्रिकर ने ये भी कहा, PM नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान से दोस्ती की बहुत कोशिश की. पर इसे हमारी कमजोरी की तरह से देखा गया. और जो हमने 29 सितंबर को किया. वो यही बताने के लिए था कि हम कमजोर नहीं हैं.ऑपरेशन से पहले सोना और मोबाइल यूज करना छोड़ दिया था पर्रिकर ने
पर्रिकर ने ये भी कहा, 'Surgical strike से पहले मैं तीन रात सोया भी नहीं था. ऑपरेशन के दौरान मैं अपने मोबाइल को दूर ही रखता था. ताकि कोई गलती न हो और कोई इस इंपॉर्टेंट बातचीत पर नजर न रख सके. वैसे भी मैं सारी जरूरी मीटिंग्स के वक्त अपना फोन ऑफ रखता हूं. पर आजकल तो कोई भी आपके फोन की बैटरी हैक करके भी आपकी बातें सुन सकता है.'डिफेंस सेक्टर में पूरी तरह से सेल्फ डिपेंड होना सपना है
हालांकि पर्रिकर ने डिफेंस के सामान को लेकर सेल्फ डिपेंड होने की बात को एक सपना बताया. उन्होंने कहा डिफेंस के छोटे सामान के बारे में एकबार ऐसा सोचा भी जा सकता है. पर बड़े सामान के लिए पूरा सिस्टम डेवलप करना पड़ेगा. जो कि दूसरे देशों की सप्लाई के सहारे ही डेवलप कर सकते हैं. पर अगर हम 75 परसेंट भी सेल्फ डिपेंड हो जाएं डिफेंस सेक्टर में, तो ये हमारी बड़ी अचीवमेंट होगी. जब ये पूछा गया कि क्या डिफेंस का बजट उससे कम है जितनी उसे जरूरत है. तो पर्रिकर ने कहा मैं नहीं समझता पैसे की वजह से हमें किसी भी कदम को उठाने में परेशानी होगी. पर हां मैं फिजूलखर्ची के खिलाफ हूं. और हमने पहली बार, एक ग्राफ बनाया है जिसमें 2027 तक आर्मी की सारी जरुरतों का जिक्र किया गया है.ये भी पढ़ें -














