महाराष्ट्र का पालघर. यहां के एक गांव में कुछ दिन पहले दो साधु और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. जिस गांव में ये घटना हुई थी, वो कासा पुलिस स्टेशन के तहत आता है. अब पालघर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) ने इस थाने के पुलिसवालों का ट्रांसफर कर दिया गया है.
पालघर: जिस इलाके में मॉब लिंचिग हुई, वहां के पुलिसवालों पर बड़ा एक्शन लिया गया है
दो साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या हुई थी.

'इंडिया टुडे' के दिव्येश सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर, हेड कॉन्स्टेबल, समेत कई पुलिसवालों का ज़िले के दूसरे थानों में ट्रांसफर कर दिया गया है. इसके पहले दो पुलिसवालों को सस्पेंड भी किया गया था. कोंकण रेंज के IG निकेत कौशिक ने थाना प्रभारी आनंद राव काले और एक अन्य पुलिस अधिकारी को निलंबित किया था.
नए पुलिसवाले भेजे गए
इधर ट्रांसफर के साथ ही ज़िले के बाकी थानों से करीब 47 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर कासा थाने कर दिया गया है. तत्काल प्रभाव से. ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे.

पालघर मॉब लिंचिंग में जिस ड्राइवर की मौत हुई, उनके परिवार वाले. फोटो क्रेडिट- सौरभ वक्तानिया
सीएम उद्धव ठाकरे ने आश्वासन दिया है कि पालघर घटना पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मामले की जांच क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) को सौंप दी गई है.
मामले में 110 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. इनमें से नौ नाबालिग थे. बाकी 101 आरोपियों को 30 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया था.
क्या हुआ था पालघर में?
जूना अखाड़े के दो साधु 35 साल के सुशील गिरी महाराज और 70 साल के चिकणे महाराज कल्पवृक्षगिरी ड्राइवर निलेश के साथ 16 अप्रैल को मुंबई के कांदिवली से गुजरात के सूरत जा रहे थे. दोस्त के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए. कांदिवली से करीब 120 किलोमीटर का रास्ता भी तय कर लिया था. पीटीआई के अनुसार कुछ लोगों ने तीनों को रोक लिया और उन्हें गाड़ी से निकाल कर पीट-पीट कर मार डाला. भीड़ को इन पर चोर होने का शक था.
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