उरवाह खान एक पाकिस्तानी-कैनेडियन पंक सिंगर है. उरवाह का मेन मकसद पूरी दुनिया में फैले कट्टरवाद को अपने म्यूजिक के माध्यम से खत्म करना है. उरवाह के फैन उसके मनमोहक अदा, और अंदाज को खूब पसंद करते हैं. एक पॉप सिंगर और हिप-हॉप डांसर के तौर पर वो यूरोप और अमेरिका में बहुत ही मशहूर है. वेस्टर्न मीडिया अक्सर उरवाह को पाकिस्तान की 'लेडी गागा' के नाम से नवाजते है. 14 जनवरी को उसके अपने शहर कराची में कॉन्सर्ट है. पाकिस्तान के उसके तमाम फैन इस कॉन्सर्ट को लेकर बहुत ही ज्यादा उत्साहित हैं. 23 साल की उरवाह खान का लुक आम पाकिस्तानी महिला से बिल्कुल अलग है. वो काफी वेस्टर्न है. उनके पूरे शरीर पर टैटूज बने हैं. और उनका अंडरकट हेयरस्टाइल जो उसे रॉक एंड रोल लुक देता है.
मिलिए वर्ल्ड फेमस पाकिस्तान की 'लेडी गागा' उरवाह खान से
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उरवाह खान
उरवाह खान का म्यूजिक स्टाइल ईस्ट और वेस्ट दोनों से ही इंस्पायर्ड है और उसका बैंड एक नया कॉकटेल बैंड है. उरवाह का मकसद पाकिस्तान को रि-डिस्कवर करना है. जहां से उरवाह के रूट्स हैं. उरवाह की पैदाइश कराची की ही है. बहुत ही कम उम्र में वो अपने पेरेंट्स के साथ कनाडा आ गई थीं. और वहीं उनका म्यूजिकल सफर शुरू हुआ था. कराची में होने वाले अपने कॉन्सर्ट में वो तीन पाकिस्तानी म्यूजिशियन को डेब्यू भी कराने वाली है. और तीनों ही टीनएजर लड़कियां हैं.
उरवाह खान ने अपने इस पाकिस्तान में होने वाले कॉन्सर्ट को लेकर कहा है, "पंक को नए तरीके से पेश करके इसे अब टोरंटो से पाकिस्तान तक पहुंचना है." उरवाह के बैंड का नाम 'द स्क्रैप आर्मी' है. इसके नाम के पीछे भी एक कहानी है. उरवाह की बैंड का म्यूजिक आया था "स्क्रैप्स ऑफ रॉक". ये काफी हिट हुआ था. इसके लिरिक्स के 'स्क्रैप' वर्ड लोगों के जुबां पर आ चढ़ गए थे. इसी पॉपुलैरिटी की वजह से उरवाह ने अपने बैंड का नाम 'द स्क्रैप आर्मी' रख लिया. उरवाह के गाने BBC और the Winter X Games में दिखाए जा चुके हैं. कराची में होने वाले कॉन्सर्ट के बाद लाहौर और इस्लामाबाद में भी उनके कॉन्सर्ट होने वाले हैं.

उरवाह बचपन में कनाडा बसने के बाद 2015 में पहली बार पाकिस्तान वापस आई थीं. फिर सितम्बर 2016 में दूसरी बार आईं. इस पर उरवाह ने बताया, " मैं सितम्बर से ही अपने कॉन्सर्ट को लेकर तैयारी में लगी हुई हूं. इसके लिए मुझे पाकिस्तानी म्यूजिशियन सैय्यद सरवान शाह, शाहवल हसन और जीशान अतहर का पूरा सपोर्ट मिला. 14 जनवरी को कराची के बेस रॉक कैफे पर परफॉर्म करना है, जिसको लेकर मैं खुद बहुत एक्साईटेड हूं."

उरवाह खान अपनी मां के साथ
उरवाह ने बताया कि कैसे पाकिस्तान के लोग चीजों को एक ही नजरिए से देखते हैं. बावजूद इसके पाकिस्तानी म्यूजिक इंडस्ट्री बेइंतहा खूबसूरत है. सभी तरह के पाकिस्तानी म्यूजिक 'पॉप' म्यूजिक की तरह साउंड करते हैं. और ये उर्दू जुबां में होते हैं. मैं इंग्लिश में गाती हूं, पर वक्त आने पर उर्दू में भी गाऊंगी. एक बड़ा तबका है जिसे लगता है कि मैं वेस्टर्न हूं. और पाकिस्तान में मेरा क्या काम है. मैं अपने म्यूजिक के थ्रू और उर्दू में गाकर उस तबके को गलत साबित करना चाहती हूं. वेस्टर्न होना गलत नहीं है. और मेरा अपना तरीका है. डाइवर्सिटी अपने आप में सबसे खूबसूरत चीज है. मैं पाकिस्तान के लोगों को इस बात का अहसास कराना चाहती हूं कि वो भी आजादी की अहमियत को समझें. चाहे वो कोई लड़का हो या लड़की, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. और जैसे भी म्यूजिशियन वो बनना चाहते हैं, वो बन सकते हैं."
महिलाओं से जुड़े मुद्दे पर उरवाह खान की म्यूजिक "Playground (I am free)" देखिए :
https://www.youtube.com/watch?v=4D0g3gB5zew











