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डियर अक्षय कुमार, क्या आपको भी सिर्फ शहीद सैनिक पर बात करना पसंद हैं?

फेसबुक पर उनका नया वीडियो आया, देखा क्या?

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फोटो - thelallantop
नोट: ये स्टोरी लिखते वक्त श्री अक्षय कुमार का वीडियो अपलोड हुए 20 घंटे हो चुके हैं. 2 लाख 31 हजार लाइक्स और करीब 80 हजार शेयर्स. ये स्टोरी वायरल केंद्र में लगनी चाहिए लेकिन एक पेंच है. सेलिब्रिटीज का तो कुछ भी वायरल हो जाता है. खास बात उसका वायरल होना नहीं, उसमें काम की बात होना है. फिर भी...
तो काम की बात है. बड़े काम की. अक्षय भैया आपने इस वीडियो में फौजियों की बात की है. शहीदों की बात. यहां आकर सारे डिस्कशन खत्म हो जाते हैं. कुछ लिखने, बोलने को बचता नहीं. फिर भी गुस्ताखी कर रहा हूं. बुरा लगे तो बता दीजिएगा. आपने इसमें अपने दिमाग से 'सीधे निकला' आइडिया शेयर किया है. जो काबिले तारीफ है. किसी एप या वेबसाइट पर शहीदों के परिवारों को इकट्ठे लाकर उनकी मदद की जानी चाहिए. मेरी दुआ है कि कोई एप या वेबसाइट डेवलपर आपका आइडिया संज्ञान में लाए. हम अपनी बात चालू करें टॉप गियर में उससे पहले पब्लिक आपका वीडियो देख ले. [facebook_embedded_post href="https://www.facebook.com/akshaykumarofficial/videos/10154572816188283/"] वैसे आइडिया आपका दूसरा वाला भी अच्छा है. अपनी हर फिल्म में देशभक्ति का पुट देने का. 'गब्बर इज बैक', 'रुस्तम', 'एयरलिफ्ट' से लेकर अब 'जॉली एलएलबी' तक. सबके ट्रेलर में देशभक्ति का तड़का जबरदस्त है. इतना कि नकली देशभक्तों को दस्त लग जाएं. अरे हां, आपकी तो फिल्म भी आने ही वाली है एक्शन इमोशन सामाजिक शोषण और देशभक्ति से भरपूर 'जॉली एलएलबी 2'. ट्रेलर देखकर लगता है कि काफी मसाला डाला है. अरसद वारसी तड़पकर रह जाएंगे.
खैर फिल्म से हटकर बात रियल लाइफ पर. रियल में आपकी सिटिजनशिप कनाडा की है. आप कनेड्डा के डायहार्ट फैन हैं. हम तमाम इंडियन लोगों की तरह जो अपने मोहल्ले से बाहर निकल नहीं पाए. उनका सपना जीवन में एक बार कनाडा जाना होता है. लेकिन हम तो यार सिटिजनशिप न ले पाएंगे. अगर लेने लायक भी हो जाएंगे तो नहीं लेंगे. क्योंकि हमें इंडिया से प्यार सिर्फ प्रोफेशनल वजहों से नहीं है. इसलिए नहीं है कि हमारी फिल्में सिर्फ इंडिया में देखी जाती हैं और इसके मासूम दर्शकों में जिंगोइज्म को बलवान बनाती हैं. इसलिए 'देश से प्यार देश से प्यार' कहने की हमारी मजबूरी नहीं है. हमें वैसे ही मोहब्बत है अपने देश के कचरे, संकरी गलियों और बीच सड़क पर बैठी गायों से. आपने हमारे डबल स्टैंडर्ड का अच्छा फायदा उठाया. हमारे यहां एक सर्टिफाइड देशद्रोही हुए हैं, आमिर खान. उनकी पत्नी किरण राव ने कुछ बयान दे दिया था कि यहां रहते डर सा लगता है. फिर उनके साथ जो हुआ वो इतिहास है. शायद ही मानव सभ्यता की कोई गाली हो जो उनको न मिली हो. लेकिन आपने अपना रिटायरमेंट प्लान विदेश में सुरक्षित कर लिया. यहां पब्लिक में फौजी फौजी चिल्लाते रहे. आपके खेल का किसी को पता ही नहीं लगा. बढ़िया दांव फेंका भई, आपकी एक्टिंग, एक्शन के अलावा पांसा फेंक जुगाड़ के भी हम फैन हुए.
मगर गुरू एक बात बताओ. हर 6 महीने में आप विदेश जाते हो छुट्टियां मनाने. क्या यहां अच्छे टूरिस्ट प्लेस नहीं हैं? या आप सारे देख चुके? आप फिल्म की शूटिंग खत्म करके एक बार कश्मीर जाकर फौजियों के साथ छुट्टियां क्यों नहीं बिता आते. इससे आम पब्लिक का हौंसला भी बढ़ेगा. हो सकता है कि हममें से भी कुछ लोग अपने स्टार को देखकर ऐसा करें. इससे बॉर्डर पर खड़े फौजियों को उनका साथ मिलेगा जिनकी वो रक्षा कर रहे हैं. लोग फौजियों के और करीब आएंगे. हमारी मेमोरी कमजोर है. उड़ी अटैक के बारे में तमाम लोग भूल गए होंगे. उस दौरान बहस बहुत तेज हो गई थी. 18 जवान शहीद हुए थे. आपने ललकार कर कहा था कि "बंद करो ये सब. वहां सैनिक शहीद हुए हैं तुम लोग आपस में लड़ रहे हो." मतलब बहस उठने से पहले ही आप उसको दबा दिए. और कुछ दिन बाद फिर विदेश चले गए छुट्टियां मनाने. aks अभी आप केपटाउन में छुट्टियां मनाकर लौटे तो यहां बेंगलुरु केस हो चुका था. आपने सोशल मीडिया पर उचक्कों को लताड़ा, बेटियों को संभाला. भाव विह्वल हो गए हम आपकी बात सुनकर. लेकिन उसी दौरान एक के बाद एक फौजी आपके जैसे ही फेसबुक पर वीडियो अपलोड कर रहे थे. उनको भी आपसे प्रेरणा मिली होगी कि अपने हक के लिए लड़ो. किसी से दब के न रहो. एक्साइटमेंट में उन्होंने अपने सीनियर्स से पंगा ले लिया. BSF जवान तेज बहादुर यादव ने जली हुई रोटियां और पनीली दाल दिखाई. उसकी मदद फौज ने नहीं की, उल्टे उस पर तलवार लटक गई. सरकार ने मदद नहीं की. फौजियों से मोहब्बत रखने वाले अक्षय कुमार ने न एक्को वीडियो डाला न उसकी दाल का पानी कम किया. फिर CRPF के जीत सिंह ने इमोशनल कर देने वाला वीडियो डाला. लेकिन आप न इमोशनल हुए. फिर सिख सैनिकों का वीडियो आया जिसमें वो गा गाकर अपनी तकलीफ बता रहे थे. आपने कोई वीडियो पोस्ट न किया. एक बात पूछ रहे हैं. सच सच बताना, खफा न होना. आप भी फर्जी देशभक्तों की तरह कहीं सिर्फ शहीद फौजी तो नहीं पसंद करते. जिंदा रहते फौजी आपके काम का नहीं रहता. देखो भई हम भारतीय भावुक लोग हैं. किसी की भी लल्लो चप्पो में आ जाते हैं. बस कायदे से इमोशनल करने वाली स्पीच चाहिए. लेकिन उसका फायदा न उठाओ यार. हमको बुरा लगता है यार जब कोई हमको इमोशनल फ़ूल समझकर अपना उल्लू सीधा कर ले जाता है. नेता भी अपनी दुकान चलाने के लिए वही काम करते हैं. अभिनेता भी करने लगे तो हो गया कल्याण. थैंक्यू सो मच.
ये भी पढ़ें: 'लड़कियों, किसी के बाप में दम नहीं कि आपकी मर्जी के बिना आपको हाथ लगा सके' अक्षय कुमार की फिल्म ऐसे टॉपिक पर होगी, जिस पर आप खुले में बात तक नहीं करते सलमान के लिए ट्विंकल खन्ना ने ऐसा क्या लिखा, जो भाईजान के फैंस भड़क गए  

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