अफ्रीकी देश नाइजर में सेना ने तख्तापलट (Niger Coup) का दावा किया है. नाइजर सेना के मुताबिक, उन्होंने राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम को सत्ता से उखाड़ फेंका है. इसके साथ ही सेना ने राष्ट्रपति बजौम को कैद कर लिया है. सैनिकों के एक ग्रुप ने 26 जुलाई को टेलीविजन पर आकर तख्तापलट की घोषणा की है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, कर्नल अमादौ अब्द्रमाने सैन्य अधिकारियों के साथ टीवी पर आए और राष्ट्रपति को सत्ता से उखाड़ फेंकने की बात कही.
आप रात में सोते रहे, इस देश में तख्तापलट हो गया, सेना ने राष्ट्रपति को कैद कर लिया
नाइजर सेना के मुताबिक, उन्होंने राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम को सत्ता से उखाड़ फेंका है. इसके साथ ही सेना ने राष्ट्रपति बजौम को कैद कर लिया है. सैनिकों के एक ग्रुप ने 26 जुलाई को टेलीविजन पर आकर तख्तापलट की घोषणा की है.


कर्नल के मुताबिक, सेना ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि राष्ट्रपति बजौम के नेतृत्व में चल रहा शासन भ्रष्ट हो गया था और देश के लोग उससे परेशान थे. सेना ने देश के सभी बॉर्डर्स को सील करने का ऐलान किया है. साथ ही पूरे देश में कर्फ्यू का ऐलान किया गया है और सभी सरकारी ऑफिस को सस्पेंड कर दिया गया है. तख्तापलट करने वाले सैनिकों ने किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को लेकर भी चेतावनी जारी की है.
द गार्डियन में छपी खबर के मुताबिक, कर्नल ने टीवी पर लाइव आकर कहा कि देश की बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था और खराब शासन के कारण हम राष्ट्रपति के शासन को खत्म कर रहे हैं. देश के बॉर्डर सील हैं. अब न तो कोई देश से बाहर जा सकता है और न ही बाहर से देश में प्रवेश कर सकता है. पूरे देश में कर्फ्यू है.
वहीं इस पूरे मामले को लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन का बयान सामने आया है. ब्लिंकन ने कहा कि उन्होंने आज सुबह राष्ट्रपति बजौम से बात की और स्पष्ट किया कि अमेरिका नाइजर के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति के रूप में उनका पूरी तरह से समर्थन करता है. हम उनकी तत्काल रिहाई की मांग करते हैं.
वहीं पश्चिमी अफ़्रीकी देशों के आर्थिक समुदाय ECOWAS (Economic Community of West African States ) ने भी सेना के इस कदम की आलोचना की है. ECOWAS की तरफ से लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति को तुरंत और बिना किसी शर्त के छोड़ने की मांग की गई है.
बजौम साल 2021 में लोकतांत्रिक रूप से चुने गए थे. उन्हें फ्रांस का करीबी माना जाता है. इससे पहले, देश में फरवरी 2010 में भी तख्तापलट हुआ था. जिसमें तत्कालीन राष्ट्रपति मामादौ तंदजा को उनके पद से बेदखल कर दिया गया था.
अब ये भी जान लीजिए की ये नाइजर देश है कहां? क्योंकि कई लोग इसे नाइजीरिया समझ लेते हैं. ये अफ्रीकी देश नाइजीरिया का पड़ोसी हैं. नाइजीरिया के अलावा चैड, अल्जीरिया, लीबिया और माली जैसे देश इसके पड़ोसी है. इस देश की आबादी लगभग 2 करोड़ है.
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