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ईरान युद्ध का खर्च जनता से वसूलेंगे ट्रंप? अमेरिकी संसद से मांगे 8.3 लाख करोड़ रुपए

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर (करीब 8.3 लाख करोड़ रुपए) की एडिशनल फंडिंग मंजूर करने की मांग की है. इस पैसे का बड़ा हिस्सा ईरान के साथ हुए युद्ध और उससे जुड़े सैनिक खर्चों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.

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डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस से 87 अरब डॉलर की डिमांड रखी है. (इंडिया टुडे)

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  • अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद से ईरान युद्ध के खर्चों के लिए 87.6 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग मंजूर कराने की मांग की है।
  • ईरान के खिलाफ फरवरी 2023 से शुरू हुए सैन्य अभियान और जुड़े खर्चे इस अतिरिक्त फंडिंग की मांग का मुख्य कारण हैं, जिसे लेकर कांग्रेस में विवाद है।
  • इस फंडिंग मांग के खिलाफ कांग्रेस में विरोध तेज हो गया है, और पक्ष-बिपक्ष दोनों ने सैन्य कार्रवाई रोकने के प्रस्ताव पारित किए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अमेरिकी टैक्सपेयर्स से ईरान युद्ध में हुए खर्चे वसूलने की तैयारी में हैं. उन्होंने अमेरिकी संसद (कांग्रेस) से 87.6 अरब डॉलर (करीब 8.3 लाख करोड़ रुपए) की एडिशनल फंडिंग मंजूर करने की मांग की है. इस पैसे का बहुत बड़ा हिस्सा ईरान के साथ हुए युद्ध और सेना से जुड़े खर्चे के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.  इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 87.6 अरब डॉलर (करीब 8.3 लाख करोड़ रुपए) में से 67.15 डॉलर (करीब 6.33 लाख करोड़ रुपये) डिफेंस से जुड़े खर्च के लिए मांगे गए हैं. 

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प्रतिनिधि सभा (लोअर हाउस) के अध्यक्ष माइक जॉनसन को पत्र लिखकर वॉइट हाउस के मैनेजमेंट और बजट ऑफिस ने सप्लीमेंट्री फंडिग का रिक्वेस्ट भेजा है. इस पत्र में 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू हुए कैंपेन से जुड़ी तत्काल जरूरतों का हवाला दिया गया है. वॉइट हाउस ने साल 2025 में अगले फाइनेंशियल ईयर (2026) के लिए पहले से रक्षा बजट के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर की मंजूरी दी है. राष्ट्रपति ट्रंप की 8.3 लाख करोड़ रुपये की डिमांड इससे अलग है. 

इसके अलावा राष्ट्रपति ट्रंप फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए करीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर के नए डिफेंस बजट की भी डिमांड कर रहे हैं. वॉइट हाउस का कहना है कि ये पैसा ईरान युद्ध से जुड़े मिलिट्री कैंपेन, सेना की तैयारी, हथियारों के भंडार को दोबारा भरने और कुछ सीक्रेट डिफेंस प्रोग्राम्स पर खर्च किया जाएगा. इसमें से 21 अरब डॉलर (करीब 1.98 करोड़ रुपये) गोला-बारूद खरीदने, अमेरिकी डिफेंस प्रोडक्शन बढ़ाने और सेना की ताकत बढ़ाने में खर्च किए जाएंगे.

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कांग्रेस में बढ़ा ट्रंप का विरोध

ट्रंप प्रशासन की इस मांग को लेकर कांग्रेस (संसद) में विरोध तेज हो गया है. 23 जून को अमेरिकी सीनेट (Upper House) ने एक प्रस्ताव पारित करके राष्ट्रपति से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग की है. इससे पहले प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) भी इसी तरह का प्रस्ताव पास कर चुकी है. कई सांसदों का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन ने युद्ध से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों और खर्चे की पूरी जानकारी संसद को नहीं दी. एडिशनल फंड की डिमांड पर प्रतिक्रिया देते हुए सीनेट के डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने आरोप लगाया, 

ट्रंप टैक्सपेयर्स से अपनी गलतियों को सुधारने के लिए 87.6 अरब डॉलर मांग रहे हैं. अमेरिका को युद्ध में घसीटने के बाद अब वह कांग्रेस से नुकसान की भरपाई के लिए पैसे मांग रहे हैं, जबकि अमेरिकी परिवार अभी ही इससे बड़ी कीमत चुका रहे हैं.

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ट्रंप की पार्टी के नेताओं ने की क्रॉस वोटिंग

रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सांसदों ने भी सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग पर डेमोक्रेट्स का समर्थन किया है. इस मुद्दे पर रिपब्लिकन सीनेटर बिल कैसिडी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच पार्टी की बैठक में तीखी बहस की खबरें भी सामने आई हैं. 

वीडियो: ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच ट्रंप को अपनी ही पार्टी से झटका

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