ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईरान आने का न्योता दिया है. ये न्योता ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए है. 28 फरवरी को इजरायल-अमेरिका के संयुक्त हमले में अयातुल्ला खामेनई की मौत हो गई थी.
पीएम मोदी खामेनेई के अंतिम संस्कार में जाएंगे? ईरान ने न्योता भेजा
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय समारोह में शामिल होने का न्योता दिया है. ईरानी दूतावास ने भारत के विदेश मंत्रालय को ये न्योता भेजा गया है. फिलहाल ये साफ नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या नहीं.


इंडियन एक्सप्रेस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने भारत के विदेश मंत्रालय को 23 जून को औपचारिक निमंत्रण भेजा है. दूतावास के पास दो दिन पहले यह निमंत्रण पहुंचा था. पहले खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 मार्च को किया जाना था. लेकिन युद्ध की वजह से इसको टाल दिया गया था.
अब उनके अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम की शुरुआत 4 जुलाई से होगी. 4 और 5 जुलाई को उनके पार्थिव शरीर को जनता के दर्शन के लिए रखा जाएगा. 6 जुलाई को तेहरान में उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी. फिर 7 जुलाई को पवित्र शहर कोम में समारोह होगा. इसके बाद 9 जुलाई को उनको मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में दफन किया जाएगा.
ईरान की सरकार का अनुमान है कि इस पूरे कार्यक्रम में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं. साल 1989 में ईरान के पहले सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार पर बहुत बड़ा आयोजन हुआ था. ईरान की सरकार फिर से वैसा ही आयोजन करने की तैयारी में है. अमेरिका के साथ डील के बाद तेहरान इस कार्यक्रम को ईरानी संप्रभुता और शक्ति के प्रदर्शन के तौर पर पेश कर रहा है.
पीएम मोदी के ईरान जाने पर सस्पेंस
ईरान ने अंतिम संस्कार समारोह के लिए दुनिया के कई देशों को निमंत्रण भेजा है. पीएम मोदी समेत दुनिया के कई बड़े नेताओं तक ईरानी राष्ट्रपति का न्योता पहुंचा है. इनमें चीन, कतर, रूस, फ्रांस और पाकिस्तान के नेता शामिल हैं.
फिलहाल ये साफ नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या नहीं. भारत सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. ऐसे में भारत की ओर से कौन इस समारोह में शामिल होगा, यह अभी साफ नहीं है.
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ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मई 2024 में एक हेलीकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई थी. तब भारत सरकार ने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा था. उस समय भारत सरकार ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक भी घोषित किया था. तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए तेहरान पहुंचे थे और उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे.
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