अमरीका में एच-1बी (H-1B) वीजा पर काम करने वाले भारतीयों और लंबे समय से रह रहे प्रवासियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आ रही है. अमरीकी संसद में एक नया बिल पेश किया गया है, जिसका मकसद ग्रीन कार्ड के रास्ते को आसान बनाना है. डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर एलेक्स पाडिला ने अमरीका में 'रिन्यूइंग इमीग्रेशन प्रोविजन्स ऑफ द इमीग्रेशन एक्ट ऑफ 1929' नाम से एक नया प्रस्ताव रखा है. अगर ये कानून बन जाता है, तो उन लाखों लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा जो सालों से अमरीका में रहकर अपनी जिंदगी चला रहे हैं.
अमरीका में एच-1बी वीजा धारकों और भारतीयों के लिए आसान होगा ग्रीन कार्ड का रास्ता, नया बिल पेश
New US Bill Offers Easier Green Card: अमरीकी संसद में नया बिल पेश होने से एच-1बी वीजा धारकों और भारतीयों के लिए ग्रीन कार्ड पाने का रास्ता आसान हो सकता है. अमेरिका में रह रहे भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए ये राहत की खबर है.

क्या है नया आव्रजन प्रस्ताव और इसके नियम?
इस नए बिल के मुताबिक, जो लोग कम से कम सात साल से लगातार अमरीका में रह रहे हैं, वे lawful permanent resident यानी ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे. सीनेटर एलेक्स पाडिला का कहना है कि अमरीका का पुराना इमीग्रेशन नियम साल 1986 के बाद से अपडेट नहीं किया गया है, जबकि मौजूदा समय में हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. उनका मानना है कि जो लोग अमरीकी अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दे रहे हैं और लगातार टैक्स भर रहे हैं, उन्हें इस तरह अनिश्चितता के साये में नहीं रखा जा सकता.
भारतीय प्रोफेशनल्स और एच-1बी धारकों को कैसे मिलेगा फायदा?
इस बिल के कानून बनने से सबसे ज्यादा फायदा उन भारतीय प्रोफेशनल्स को मिलने की उम्मीद है जो एच-1बी वीजा पर अमरीका में हैं और एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड ग्रीन कार्ड की लंबी कतार में फंसे हुए हैं. अमरीकी कानून के सेक्शन 249 (जिसे रजिस्ट्री के नाम से भी जाना जाता है) में बदलाव करके इस सात साल की अवधि को लागू करने का प्रस्ताव है. मौजूदा नियम के तहत साल 1972 की एक निश्चित तारीख तय है, जिस वजह से अब बहुत ही कम लोग इसके दायरे में आ पाते हैं. पाडिला के इस नए बिल से उस तारीख को हटाकर रोलिंग सिस्टम लाया जाएगा, जिससे हर साल योग्य लोगों को इसका लाभ मिल सके.
क्या इस बिल के पास होने की राह आसान है?
हालांकि, इस बिल की राह इतनी आसान नहीं दिख रही है. अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन और रिपब्लिकन पार्टी के सख्त रुख को देखते हुए इस बिल का पास होना फिलहाल एक दूर की कौड़ी माना जा रहा है. इसके बावजूद भारतीय समुदाय और एच-1बी धारकों के लिए ये एक बड़ी राजनीतिक हलचल जरूर है. सीनेट में डेमोक्रेटिक व्हिप डिक डरबिन समेत कई अन्य नेता भी इस बिल के समर्थन में आगे आए हैं, जिससे आने वाले दिनों में आव्रजन सुधारों पर बहस तेज होने की पूरी उम्मीद है.
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