अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना को ईरान पर हमला करने से रोक दिया है. शुक्रवार, 24 जुलाई को राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी सीनियर अधिकारियों और कैबिनेट सदस्यों के साथ मीटिंग की. मीटिंग के बाद यह फैसला लिया गया. बताया जा रहा है कि हथियारों की कमी पर पेंटागन की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई थी. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि मिसाइल-डिफेंस स्टॉक के कम होने की वजह से भी ये फैसला लिया गया है. साथ ही हालात बिगड़ने पर दोनों देशों में संघर्ष बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है.
अमेरिका के पास हथियार खत्म! ट्रंप ने सेना को ईरान पर हमले से रोका
US राष्ट्रपति Donald Trump ने आदेश पर Iran पर हमले रोक दिए गए हैं. साथ ही खबर ये भी है कि अमेरिका के पास Air Defence Missile की कमी हो गई है.

इससे पहले अमेरिका ने लगातार 13 दिन तक ईरान पर हमले किए थे. इंडिया टुडे की रिपोर्ट में एक्सियोस के हवाले से बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमला जारी रखने के लिए एक नया प्लान ट्रंप को दिया. बावजूद इसके ट्रंप ने हमला जारी रखने से मना कर दिया. ऐसा माना जा रहा है कि एक बार फिर ईरान-अमेरिका एक बार फिर बातचीत के टेबल पर आ सकते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर अमेरिका फिर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है.
व्हाइट हाउस की टिप्पणी नहींव्हाइट हाउस की ओर से ट्रंप के इस फैसले पर कोई बयान नहीं दिया गया. लेकिन व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर स्टीवन चेउंग ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा बातचीत के पक्ष में रहे हैं. बावजूद इसके अगर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज या अमेरिका के सहयोगी देशों पर ईरान हमला करता है तो अमेरिका भी ईरान पर हमला करेगा. एक्सियोस के मुताबिक, ट्रंप के हिसाब से मौजूदा सैन्य कार्रवाई अपने चरम तक पहुंच गई. अगर इससे आगे बात बढ़ी तो यह संघर्ष घमासान जंग में बदल जाएगा.
ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ईरान बातचीत को लेकर गंभीर हो रहा है. हालांकि, एक डिनर को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि ईरान फौरन समझौता करने के मूड में नहीं है, लेकिन बातचीत के लिए तैयार है.
हथियार का स्टॉक खत्म?अब बात हथियार खत्म होने की. दरअसल, पिछले दिनों पेंटागन ने अमेरिकी मिसाइल डिफेंस स्टॉक के कम होने पर चिंता जाहिर की थी. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सीनियर अधिकारियों ने इस बात की चेतावनी दी कि अगर ईरान-अमेरिका के बीच संघर्ष और बढ़ता है, सेंट्रल एशिया में तैनात किए गए पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों और बाकी एयर-डिफेंस सिस्टम में भारी कमी हो सकती है.
इसकी वजह से अमेरिकी सैनिक, उनके ठिकाने और अमेरिका के सहयोगी देश ईरानी हमलों के शिकार हो सकते हैं. इंडिया टुडे ने CNN के हवाले से बताया कि शुक्रवार, 24 जुलाई को व्हाइट हाउस में हुई बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस और एक अन्य अधिकारी ने ईरान के साथ चल रहे जंग पर चिंता जताई थी. इस दौरान अधिकारी ने ट्रंप को हथियार खत्म होने वाली बात के साथ यह भी बताया कि अगर ईरान के साथ अगर ये जंग और बढ़ा, तो इसके नतीजे खराब हो सकते हैं.
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