नेपाल बाढ़ में एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. हजारों लोग अब भी लापता हैं. रसुवा के तिमुरे गांव के ऊपर लगातार हेलीकॉप्टर बचाव अभियान के लिए उड़ रहे हैं. कई लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है. इन सबके बीच नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट प्रिया अधिकारी का नाम काफी चर्चा में है.
नेपाल में इस महिला पायलट ने एक हफ्ते में सैकड़ों जानें बचाईं, कौन हैं प्रिया अधिकारी?
नेपाल में बाढ़ के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. कई लोगों को बचाया जा चुका है. इन सभी के बीच एक नाम काफी चर्चा में है. प्रिया अधिकारी. हेलीकॉप्टर कैंप्टन है. उन्होंने 6 दिनों के अंदर 100 से ज्यादा मिशन को अंजाम देते हुए सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया है.

प्रिया ने नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ में फंसे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला है. वह एक हफ्ते से भी कम समय में 100 से ज्यादा रेस्क्यू कर चुकी हैं. ऐसे ऑपरेशन में कई पायलट्स के साथ तालमेल बिठाना होता है. यह अपने आप में एक चुनौती है.
प्रिया अधिकारी ने CNN से बात करते हुए बताया कि इस तबाही का मंजर ऐसा था, जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा. बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू करते हुए हेलीकॉप्टर को पूरी तरह से नीचे नहीं उतारा जा सकता. क्योंकि जमीन गीले सीमेंट जैसी रहती है. उन्होंने बताया,
“कुछ जगहों पर आपको सावधान रहना पड़ता है. क्योंकि वहां हेलीकॉप्टर धंस सकता है. आप वहां हेलीकॉप्टर नहीं खड़ा कर सकते. पूरे टाइम इंजन चालू रहता है.”
प्रिया अधिकारी ने बात करते हुए 2015 में नेपाल में आए भूकंप का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा,
“यह बाढ़ 2015 में काठमांडू में आए भूकंप से काफी ज्यादा खतरनाक थी. भूकंप का असर काठमांडू या नेपाल की अलग-अलग जगहों पर हुआ था. लेकिन यह एक छोटी सी घाटी है. कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है.”
उन्होंने यह भी बताया कि लोगों को रेस्क्यू करने के बाद उन्हें खुशी होती है. अधिकारी ने कहा,
"जब मैं लोगों को रेस्क्यू करती हूं. उन्हें अपने हेलीकॉप्टर में लेटाती हूं. देखती हूं कि वह बच गए हैं, तो मेरे चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. क्योंकि वह इतने बड़े हादसे से बच गए हैं. मैं उन्हें वेव करते हुए कहती हूं कि आप बच गए हैं.”
प्रिया अधिकारी ने कहा कि जब वे बाढ़ के बाद तिमुरे के ऊपर से गुजर रही थीं, तो वहां जगह-जगह लाशें बिखरी पड़ी थीं. पहले दो दिनों में उस इलाके से 200 से ज्यादा बचे हुए लोगों को निकाला गया. इस ऑपरेशन में सेना के अगस्ता हेलीकॉप्टर समेत पांच या छह हेलीकॉप्टर शामिल थे. उन्होंने ये भी कहा कि इतनी उड़ानों के बाद वह थक गई हैं. लेकिन उन्हें इसके लिए ट्रेनिंग मिली है.
कौन हैं प्रिया अधिकारी?इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिया अधिकार ने एनवायर्नमेंटल साइंस की पढ़ाई की है. इसके बाद वह केबिन क्रू के तौर पर काम करने लगीं. बाद में वह हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग के लिए फिलीपींस गईं और कैप्टन बनने के लिए जरूरी फ्लाइंग घंटे पूरे किए. 2017 में वह फुल-टाइम हेलीकॉप्टर पायलट बन गईं.
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अधिकारी ने ज्यादा ऊंचाई पर रेस्क्यू फ्लाइंग में महारत हासिल की. उन्होंने हिमालय में सर्च एंड रेस्क्यू के मिशन चलाए और माउंट एवरेस्ट से घायल पर्वतारोहियों को बचाया. उन्होंने लगभग 6200 मीटर की ऊंचाई तक रेस्क्यू मिशन पूरे किए हैं. वह नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर कैप्टन हैं.
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