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NaMo टीवी को लाइसेंस की जरूरत क्यों नहीं पड़ी, DTH प्रोवाइडर ने बताया

पहले कहा न्यूज चैनल है बाद में कहा न्यूज चैनल नहीं है.

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नमो टीवी के शुरू होने की जानकारी पीएम ने ट्वीट कर दी थी.
31 मार्च को एक चैनल लॉन्च हुआ था. नाम है नमो टीवी (NaMo tv).पीएम मोदी ने अपने पर्सनल ट्विटर हैंडल से इसकी घोषणा की थी. इस चैनल के शुरू होने के साथ ही इसे लेकर बवाल मचा हुआ है. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस नमो टीवी की शिकायत लेकर चुनाव आयोग पहुंच गईं. दोनों पार्टियों ने इस चैनल को बंद कराने की मांग की है. उनका कहना है कि सभी पार्टियों को प्रचार का समान अवसर मिलना चाहिए. आयोग ने संज्ञान लेते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय से जवाब मांगा है. 4 अप्रैल को नमो टीवी को लेकर डीटीएच प्रोवाइडर टाटा स्काई ने एक ट्वीट किया. इस ट्वीट में डीटीएच ने नमो टीवी को न्यूज सर्विस बताया. बाद में बवाल होने पर अपने बयान से मुकर गया.
यूपी बीजेपी ने लिखा था लेटर एक अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी (उत्तर प्रदेश) ने सभी जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारी, लोकसभा संयोजक और लोकसभा प्रभारियों को एक लेटर लिखा. इस लेटर में नमो टीवी के शुरू होने के बारे में बताया गया. इसमें कहा गया कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के निर्देशानुसार नमो टीवी के बारे में बूथ स्तर तक जानकारी दी जाए. सभी कार्यकर्ताओं को बताया जाए कि नमो टीवी शुरू हो गया है.
नमो टीवी के प्रचार लिए यूपी बीजेपी ने लिखा था लेटर.
नमो टीवी के प्रचार लिए यूपी बीजेपी ने लिखा था लेटर.

टाटा स्काई के ट्वीट पर क्यों मचा है बवाल शुरू में टाटा स्काई ने दावा किया कि NaMo टीवी एक हिंदी समाचार सेवा चैनल है. NaMo TV (चैनल नंबर 512) के बारे में ग्राहक के ट्वीट का जवाब देते हुए, टाटा स्काई ने ट्वीट किया, चैनल नंबर 512 NAMO TV है, यह एक हिंदी समाचार सेवा है जो राष्ट्रीय राजनीति पर ब्रेकिंग न्यूज उपलब्ध कराती है. डीटीएच प्रदाता ने यह भी कहा कि सभी ग्राहकों के लिए चैनल लॉन्च ऑफर के रूप में जोड़ा गया है. टाटा स्काई ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत चैनल को हटाने का कोई विकल्प नहीं है.
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सीईओ ने दी सफाई हंगामा मचने के बाद चैनल के सीईओ हरित नागपाल ने स्पष्ट किया कि नमो टीवी हिन्दी न्यूज सर्विस नहीं है बल्कि इंटरनेट आधारित सर्विस प्रोवाइडर है. एक समाचार चैनल से बात करते हुए, हरित नागपाल ने कहा, NaMo टीवी हिंदी समाचार सेवा नहीं है. यदि टाटा स्काई की तरफ से इसे न्यूज सर्विस बताकर ट्वीट किया गया है तो यह एक गलती है. उन्होंने कहा कि चूंकि यह एक विशेष सेवा है, इसलिए इसे लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है.
क्यों हो रहा है विवाद 4 अप्रैल को टाटा स्काई के ट्वीट के बाद विवाद हो गया. क्योंकि टाटा स्काई की ओर से जो बात कही जा रही थी वह सूचना प्रसारण मंत्रालय की शर्तों को पूरा नहीं कर पा रही थी. टीवी चैनल चाहे वो न्यूज चैनल हों या इंटरटेनमेंट चैनल, सूचना प्रसारण मंत्रालय से परमिशन लेनी पड़ती है. मीडिया रिपोर्ट्स में सूचना प्रसारण मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि नमो टीवी चैनल नहीं है. यह विज्ञापन मुहैया कराने वाले प्लेटफॉर्म है. इसके खर्च को पार्टी के खर्च में दिखाया जाएगा. केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से जब इस बारे में सवाल पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि संबंधित मंत्रालय इस पर सरकार का रुख साफ करेंगे.
नमो टीवी पर क्या दिखाया जा रहा है नमो टीवी पर पीएम मोदी के भाषण और बीजेपी से संबंधित कार्यक्रम दिखाए जा रहे हैं. नमो टीवी पर सरकार प्रायोजित कार्यक्रम भी दिखाए जा रहे हैं. दावा ये भी किया जा रहा है कि नमो टीवी को सरकारी विज्ञापन भी मिल रहे हैं. सवाल ये भी उठ रहे हैं कि जो विज्ञापन चैनल है उसे सरकारी विज्ञापन कैसे मिल रहे हैं.


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