
शमी का फेसबुक पोस्ट
कुछ अति ज्ञानी लोग हर बार की तरह इस बार भी शमी को इस्लाम, शरीयत, कुरआन की दुहाई देने लगे. अपने खेल और नमाज पर ध्यान देने की लंबी चौड़ी नसीहतें बघारने लगे.
वहींं कुछ ने शमी को डिफेंड तो किया. लेकिन अपने बड़बोलेपन में वो भूल गए कि उनका लहजा, उनका रवैया भी उन ठेकेदारों से बेहतर नहीं, जिनको हर बात पे ईमान का झंड़ा ऊपर करने की चुल्ल मची रहती है. इन दूसरी तरफ वालों ने इसे इस्लाम को गरियाने का मौक़ा जाना.
इंसान को जब कामयाबी मिल जाती है तो वो भूल जाता है वो क्या है. तुमको जहीर ख़ान और इरफ़ान पठान से सीखने की जरूरत है.
जुम्मा की नमाज पढ़ो पहले.
अभी बीवी का मैटर झेल चुके हो.. अब डॉगी

भाई कुत्ते की पिक्चर मत डालो अपने मुल्ला भाई नाराज हो जाएंगे. फिर कोई न कोई फ़तवा दे देंगे ये बोल के कि इस्लाम में कुत्ता पालना मना है और फोटो खींचना तो बहुत बड़ा गुनाह है.अगर धर्म पर अपना एकाधिकार मानने वाले खलियर लोग शमी की ज़बरदस्ती खिंचाई कर ठीक काम नहीं कर रहे हैं तो आपका भी लहजा कुछ अच्छा नहीं. आप भी वही मुल्ला, धर्म, इस्लाम को बीच में लाकर गंध फैला रहे हो.
जिन मुसलमानों को ये पिक बुरी लग रही है, इतना इस्लाम को फॉलो करते हो तो शर्ट मत पहनो. फोन, कंप्यूटर, इंटरनेट यूज़ मत करो, क्योंकि ये सब आपके मुताबिक क़ाफ़िरों ने बनाया है.
शमी के इस समय के पोस्ट से कुछ लोगों को मिर्ची लगी और उन लोगों का पोस्टो को पढ़ कर मजा आ रहा है इसीलिए भाइयों मजा लो...
मेरे ही पीछे क्यों पड़े हो सब
पहले भी ऐसे शमी को उनकी पत्नी हसीन जहां के साथ फ़ोटो डालने पर कचरने की कोशिश की गई थी. जिसका शमी ने भी सीना चौड़ा करके करारा जवाब दिया था. नए साल की मुबारकबाद में लगी फ़ोटो में भी इन सड़े दिमागों ने खुरपेंच निकाल ही लिया था.
कुल मिलाके हम अपनी तरफ़ से यही कहना चाहते हैं कि भैया शमी कुत्ते के साथ फ़ोटो डालें, जिम में कसरत करते हुए बाइसेप्स दिखाएं या अपनी बीवी के साथ फ़ोटोशूट कराएं, वो उनकी अपनी ज़िंदगी है. जाओ तुम भी अपनी लाइफ़ में कुछ सार्थक कर लो. ज्यादा फ्री टाइम हो तो जाओ अपना चौराहा बुहार आओ. फ़िर सेल्फ़ी खींचों. भारत स्वच्छ बनाओ. फे़सबुक पे डालो या इंस्टा पे. ऐश करो.
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