इस मैसेज की अंग्रेज़ी कुछ यूं है कि 'जियो प्राइम मेंबरशिप ऑफर' निकला है जिसकी मियाद आज रात खत्म हो रही है. इसे लेेने वालों को 25 GB डेटा रोज़ मिलेगा. अनलिमिटेड कॉलिंग होगी, कितने ही एसएमएस भेजे जा सकेंगे और नेट की स्पीड भी 5 - 10 एमबीपीएस हो जाएगी. लेकिन इस ऑफर के लिए न ऑनलाइन रजिस्टर करना है, न कोई फीस देनी है. इसके लिए बस एक जियो अपग्रेडर ऐप इंस्टॉल करना है जिसका लिंक साथ में दिया है. पैकेज यकीनन बहुत अच्छा है. लेकिन मियाद बस रात 12 तक की है. तो पब्लिक 'धर्मसंकट' में पड़ जाती है. लेकिन इदर झोल हे बाबा. बहूहूहूत बड़े. कौनसे, हम बता रहे हैंः
वॉर्निंग नंबर एक
सरसरी नज़र में ही मैसेज पढ़ें, तो यहां इस्तेमाल अंग्रेज़ी शक पैदा कर देती है. तमाम वादों के बाद सितारा लगा कर एक नोट लिखा गया है - 'This offer can only available in...' ये वाक्य गलत है. माइनर गलती नहीं है, पूरा वाक्य दोबारा लिखना पड़ेगा. जियो की प्रमोटर देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ है. वो साधारण अंग्रेज़ी में एक सही वाक्य लिखने लायक कॉपी राइटर की सेवाएं बड़ी आसानी से ले सकते हैं. ये मैसेज रैपिडैक्स लेकर अंग्रेज़ी सीखे किसी लड़के का लिखा है. चाहें तो इसी आधार पर इस मैसेज को फर्ज़ी कहकर खारिज किया जा सकता है. लेकिन हम एक कदम और आगे गए. हमने उस लिंक पर क्लिक कर के देखा. हम इस पेज पर पहुंचेः
वॉर्निंग नंबर दो
यहां भी बड़ी आसानी से चालाकी पकड़ी जा सकती है. पेज पर बड़ा सा जियो का लोगो है. लेकिन उस से ऊपर देखिए, यूआरएल को. इसमें कहीं भी जियो या रिलायंस नहीं लिखा है. इसकी जगह लिखा है 4G सर्विस ब्लॉगस्पॉट. माने किसी ने एक ब्लॉगिंग वेबसाइट पर ये सारी कलाकारी दिखाई है. चाहें तो इस वॉर्निंग को देखकर भी रुक सकते हैं, काहे कि जियो जितनी बड़ी कंपनी अपने इतने सनसनीखेज़ ऑफर के लिए एक ढंग का वेबपेज तो बनाएंगी ही. उन्होंने नहीं बनाया, क्योंकि कोई ऑफर था ही नहीं.वॉर्निंग नंबर तीन
हमने इस पेज पर दिए डाउनलोड लिंक पर क्लिक किया. सिस्टम पर एक .apk फाइल डाउनलोड हुई. यही वो कथित अपग्रेडर था जो रोज़ 25 GB डेटा दिलाने वाला था. हमने ये पड़ताल की कि ये फाइल कहीं कोई वायरस या मैलवेयर तो नहीं है. और हमारा डाउट बिल्कुल सही निकला. दो-दो वेबसाइट्स पर इस फाइल को टेस्ट करने पर ये नतीजे मिलेः
वायरस टोटल ने इस फाइल को फेक ऐप बताया. ऐसे ही nviso ने इस फाइल को एक मैलवेयर बताया.
तो, हमने तीन-तीन वॉर्निंग लांघ कर पता लगाया कि ये मैसेज न सिर्फ फर्ज़ी है, बल्कि आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है. वो ऐसे कि कोई ऐप जब आपके स्मार्टफोन पर इंस्टॉल होता है, तो वो आपके फोन पर सेव डेटा को एक्सेस कर सकता है, किसी सर्वर पर भेज भी सकता है. सादी भाषा में आपका कीमती डेटा चोरी भी हो सकता है. बेहतर है, इस तरह के डेटा के लालच से बचा जाए. अगर ऑफर लेना ही है, तो कोशिश करें कि अपने सर्विस प्रोवाइडर की आधिकारिक वेबसाइट से खरीदें. इस से आप और आपका डेटा सुरक्षित रहेगा. ये भी पढ़ेंः
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