मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों की मदद के लिए एक मुफ्त किसान हेल्पलाइन शुरू की. मकसद था कि किसान आसानी से फोन करके अपनी खेती से जुड़ी परेशानी का हल पा सकें. लॉन्च कार्यक्रम भोपाल में रखा गया और मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद मंच पर मौजूद थे. उन्होंने सोचा कि क्यों न हेल्पलाइन का लाइव डेमो भी दे दिया जाए. मुख्यमंत्री ने मंच पर ही नंबर मिलाया ताकि सबको दिखाया जा सके कि किसान कितनी आसानी से सलाह ले सकते हैं. लेकिन, इसके बाद जो कुछ हुआ, उसने कांग्रेस पार्टी को सरकार को घेरने का मौका दे दिया.
CM मोहन यादव ने किसान हेल्पलाइन पर लगाया फोन, उधर से जो जवाब मिला, सबकी हंसी छूट गई!
CM Mohan Yadav ने किसान हेल्पलाइन (CM Kisan Helpline) का लाइव डेमो दे दिया जाए. उन्होंने मंच पर ही नंबर मिलाया. लेकिन फिर जो हुआ, उसने Congress को BJP सरकार को घेरने का मौका दे दिया. इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.


इंडिया टुडे से जुड़े धर्मेंद्र साहू की रिपोर्ट के मुताबिक, मंच से ही किसान हेल्पलाइन पर फोन लगाया गया. फोन जुड़ा, माइक ऑन था और पूरा हॉल सुन रहा था. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद को एक सामान्य किसान बताते हुए पूछा कि गर्मी के मौसम में कौन-सी फसल बोना बेहतर रहेगा. सीएम ने पूछा, "मुझे गर्मी की तीसरी फसल लेनी है. आप बताइए क्या लगाना चाहिए?" सबको उम्मीद थी कि उधर से समस्या का समाधान मिलेगा और कार्यक्रम तालियों से गूंज उठेगा.
लेकिन दूसरी तरफ से जवाब आया, “अभी वर्तमान में हमारे पास जानकारी उपलब्ध नहीं है.” हेल्पलाइन से बात कर रहे शख्स ने आगे कहा, “आपका नंबर हम तक पहुंच गया है. आपको हमारे विशेष अधिकारी द्वारा संपर्क करके जानकारी दे दी जाएगी.”
मुख्यमंत्री ने फिर कोशिश करते हुए पूछा, "आप नहीं बता पाएंगे?" तो उधर से जवाब आया, “क्षमा चाहेंगे, वर्तमान में जानकारी उपलब्ध नहीं है. इसके लिए हमारे विशेषज्ञ द्वारा आपसे संपर्क कर लिया जाएगा.”
यह सुनकर पूरे हॉल में धीरे-धीरे हंसने की आवाजें आने लगीं. मुख्यमंत्री ने भी माहौल समझते हुए हेल्पलाइन को धन्यवाद कहा और मुस्कुराकर फोन काट दिया. इसका वीडियो सामने आया तो किसानों की मदद के लिए शुरू हुई हेल्पलाइन के पहले लाइव टेस्ट पर सवाल उठने लगे.
मामला सामने आने के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस ने बीजेपी सरकार को घेरना शुरू कर दिया. राज्य कांग्रेस प्रमुख जीतू पटवारी ने वायरल क्लिप को ‘X’ पर शेयर करते हुए लिखा,
“जिस तरह मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि गुड़ खेतों में नहीं उगता और 50 क्विंटल गेहूं एक बीघा जमीन से नहीं आता, ठीक उसी तरह उनके अधिकारियों को भी यह नहीं पता कि गर्मी के मौसम में कौन सी फसल उगानी चाहिए.”

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CM मोहन के दो बयानों का जिक्र कियाजीतू पटवारी ने मोहन यादव के पिछले दो बयानों का भी जिक्र किया. एक मौके पर, मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर मंच से कहा था,
"आपने कहा बैतूल में गुड़ बहुत अच्छा होता है. ऐसे में गुड़ के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक क्लस्टर बनाना चाहिए. बताओ कौन-कौन गुड़ लगाता है, जिनकी अपनी खेती होती है? बनाना चाहिए गुड़ का क्लस्टर? ताली-वाली बजाओ, मैं बनाने की घोषणा करता हूं."
दूसरे मौके पर, मोहन यादव ने कथित तौर पर दावा किया था कि एक बीघा जमीन से 50 क्विंटल गेहूं पैदा हो सकता है.
CM किसान हेल्पलाइन शुरूभोपाल में 30 अप्रैल को 'CM किसान हेल्पलाइन' की शुरुआत की गई. इसका मकसद टोल-फ्री नंबर 155253 के जरिए किसानों की मदद करना है. लेकिन जिस हेल्पलाइन को किसानों की परेशानी का समाधान बनना था, उसने लॉन्च के पहले ही दिन मध्यप्रदेश सरकार के लिए समस्या पैदा कर दी.
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