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मिजोरम में कैसे BJP एक सीट पाकर भी सरकार बना सकती है

कांग्रेस के हाथ से सत्ता गई.

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कांग्रेस के लाल थनहवला और MNF के जोरामथांगा.
मिजोरम: कुल सीटें-40 शुरुआती रुझान- Manipur National Front (MNF)- 26 Congress- 8 BJP-1 शुरुआती रुझानों में मिजोरम में कांग्रेसी की सरकार जा रही है. मिजोरम नेशनल फ्रंट को प्रचंड बहुमत मिलता दिख रहा है. 28 नवंबर को मिजोरम में चुनाव हुए थे और 80 फीसदी वोटिंग हुई थी. जैसा कि एग्जिट पोल्स में दिखा, कांग्रेस यहां दूसरे नंबर पर आ गई है. सरकार बनाने के लिए 21 सीटें चाहिए होंगी. फरवरी 1987 में ये राज्य बना. MNF यहां की रीजनल पार्टी है जिसने मिजोरम को अलग राज्य बनाने के लिए बड़ा संघर्ष किया है. इसलिए सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए यहां सबसे बड़ी प्रतिद्वंदी पार्टी बीजेपी नहीं एमएनएफ है. वो 1987 से 2008 तक लगातार सत्ता में रही है. मगर 2009 में कांग्रेस ने यहां चुनाव जीत लिया. 32 सीटें जीतीं. फिर 2013 में 34 सीटें मिलीं. कांग्रेस के लाल थनहवला फिर से मुख्यमंत्री बने . इस वक्त 74 साल के थनहवला का राजनीति में काफी दबदबा है. मगर अब जब MNF को बहुमत मिल रहा है तो 84 साल के जोरामथांगा का मुख्यमंत्री बनना तय है. चुनाव से पहले ये बात चल रही थी कि बीजेपी एमएनएफ से हाथ मिला सकती है. मगर ऐसा हुआ नहीं. इस बार बीजेपी इस उम्मीद में अच्छा प्रदर्शन करने की बात कह रही थी कि उन्होंने ब्रू रिफ्यूजियों को वापस लाने का काम किया है.  चूंकि ये रिफ्यूजी ज्यादातर हिंदू हैं, बीजेपी उन्हें अपना लॉयल वोटर मानती है. हालांकि बीजेपी को यहां एक ही सीट मिल रही है. चूंकि 2014 लोकसभा चुनाव में MNF NDA का घटक दल थी, ये एक तरह से बीजेपी के लिए भी जीत है. वैसे MNF ने विधानसभा चुनाव से पहले ये साफ कर दिया था कि उन्हें बीजेपी के साथ की यहां जरूरत नहीं है, मगर कांग्रेस को सत्ता से हटाने के लिए बीजेपी खुद को MNF के साथ खड़ी बताएगी. जैसा कि तेलंगाना में TRS को प्रचंड बहुत मिलने पर भी बीजेपी अपना समर्थन दे रही है. मिलिए मिजोरम के नए मुख्यमंत्री से-  

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