मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक 16 साल की बच्ची पर अपने दादा की हत्या का आरोप लगा है. पुलिस के मुताबिक आरोपी बच्ची ने हलवा बनाया. फिर कथित तौर पर हलवे में नींद की गोलियां मिलाकर अपने दादा को खिला दीं. आरोप है कि जब दादा को नींद आने लगी तो पोती ने गला दबाकर उनकी हत्या कर दी. इस मामले में पुलिस ने आरोपी बच्ची को गिरफ्तार कर विदिशा के बाल सम्प्रेक्षण गृह (Observation Home) भेज दिया है.
दादा ने नाबालिग पोती का मोबाइल तोड़ा, उसने पूरा प्लान करके हत्या कर दी, संदूक में मिला शव
घटना मध्यप्रदेश के ग्वालियर की है. पुलिस के मुताबिक दादा ने नाराज होकर पोती का मोबाइल तोड़ दिया था. इसलिए पोती ने दादा के मर्डर की प्लानिंग की. आरोप है कि नाबालिग पोती ने हलवे में नींद की गोलियां मिलाकर दादा को खिलाया. फिर गला दबाकर उनकी हत्या कर दी.

आजतक के हेमंत शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक घटना ग्वालियर के माधवगंज थाना क्षेत्र की है. पुलिस को सूचना मिली थी की 64 साल के रिटायर्ड होमगार्ड रामस्वरूप राठौर का शव कृष्णा कॉलोनी स्थित उनके घर के एक बक्से में मिला है. पुलिस को ये सूचना मृतक रामस्वरूप राठौर के बेटे महेश राठौर ने दी थी. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो पोती पड़ोसी के छत पर छिपी हुई मिली. इसलिए पुलिस को पहले ही पोती पर शक हो गया था.
पुलिस ने पोती को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ शुरू की. शुरुआती पूछताछ में पोती पुलिस को गुमराह करती रही. वह अपने दादा की हत्या के मामले में कभी अपने प्रेमी का नाम लेती, तो कभी एक टैक्सी ड्राइवर का नाम लेती. वो बार-बार अपने बयान बदलती रही. पुलिस की जांच आगे पहुंची, तो ये साफ होने लगा कि इस मामले में पोती पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रही है.
पुलिस ने पोती के मोबाइल की भी जांच कराई और तमाम सबूत जुटाए. इसके बाद पोती ने खुद अपने दादा के मर्डर की बात कबूली. ग्वालियर के एडिशनल SP निरंजन शर्मा ने इस पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि रामस्वरूप राठौर 24 मार्च को ग्वालियर के घर पर आए थे. उन्होंने 16 साल की नाबालिग पोती को लगातार मोबाइल का इस्तेमाल करते देखा, तो उन्होंने पोती से मोबाइल छीन कर तोड़ दिया. इस बात से नाराज पोती ने दादा के मर्डर की प्लानिंग की.
ASP ने बताया कि पोती ने पहले नींद की गोलियों का इंतजाम किया. फिर अपने दादा के लिए हलवा बनाया. इसी हलवे में उसने नींद की 15 गोलियां मिलाकर दादा को खाने के लिए दे दिया. हलवा खाते ही रामस्वरूप राठौर को नींद आने लगी. रामस्वरूप कुर्सी पर बैठे थे, इस बीच उन्हें वॉशरूम जाना था. पोती ने सहारा देने के बहाने रामस्वरूप राठौर को धक्का देकर बक्से में पटक दिया. फिर उनकी छाती पर बैठकर अपने दादा का गला दबा दिया.
मृतक दादा के गले पर पोती के नाखूनों के निशानइसके बाद नाबालिग पोती ने बक्से में ताला लगा दिया और खाना खाकर सो गई. तीन दिन तक पोती घर में मौजूद रही. वह बराबर बाहर भी निकलती रही. इस दौरान उसने अपने प्रेमी को भी घर में मिलने बुलाया था, लेकिन उसे दादा की हत्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. उसने अपने प्रेमी के साथ घर से भागने का प्लान भी बनाया था. इसके लिए उसने एक टैक्सी ड्राइवर से भी संपर्क किया था.
पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने हत्या के इस मामले में अपने प्रेमी और उस टैक्सी ड्राइवर को भी फंसाने की कोशिश की. लेकिन तमाम सबूतों के आधार पर पुलिस ने इस गुत्थी को सुलझा लिया. ASP के मुताबिक मृतक के गले पर पोती के नाखूनों के निशान भी पाए गए हैं. पुलिस ने आरोपी पोती को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया. कोर्ट से आरोपी पोती को विदिशा के बाल सम्प्रेक्षण गृह भेज दिया गया है.
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