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मालिक ने ₹10000 की बची सैलरी नहीं दी, गुस्साए अकाउंटेंट ने 24 करोड़ का माल जलाकर खाक कर दिया

सूरत के संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में लगी भीषण आग हादसा नहीं, बल्कि अकाउंटेंट की कथित साजिश थी. पुलिस के मुताबिक, 10 हजार रुपये बकाया होने से नाराज अकाउंटेंट ने पेट्रोल छिड़ककर आग लगाई.

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सूरत के मार्केट में आग लगाने वाला गिरफ्तार. (Courtesy: India Today)

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  • सूरत के संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में 9 सितंबर को अकाउंटेंट ने मालिक पर सैलरी के 10 हजार रुपये न मिलने की वजह से आग लगाकर 24 करोड़ रुपए के सामान को जलाया।
  • अकाउंटेंट विनोद पंडित सावले की सैलरी में बकाया 10 हजार रुपये न मिलने पर विवाद हुआ, जिससे नाराज होकर उसने आग लगाने की योजना बनाई।
  • आग लगने के बाद दमकल विभाग को 38 घंटे लगे आग बुझाने में, आरोपी फरार हुआ लेकिन बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

सैलरी के बाकी 10 हजार रुपये न देने से अकाउंटेंट दुकान मालिक से ऐसा नाराज हुआ कि आग लगाकर 24 करोड़ का सामान फूंक दिया. 9 सितंबर को सूरत के संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में जो आग लगी थी, उसकी यही वजह सामने आई है. पुलिस ने खुलासा किया कि वो आग कोई हादसा नहीं थी. बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी. 

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जांच में पता चला कि अकाउंटेंट मालिक से नाराज था. इस वजह से उसने 150 रुपये का पेट्रोल खरीदकर 14 दुकानों को फूंक दिया. दमकल विभाग को इस आग को बुझाने में 38 घंटे लगे. सूरत क्राइम ब्रांच ने आरोपी अकाउंटेंट को गिरफ्तार कर लिया है. 

इंडिया टुडे से जुड़े संजय राठौड़ की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी की पहचान 33 साल के विनोद पंडित सावले के रूप में हुई है. वह श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट की दुकान नंबर-639 में अकाउंटेंट के तौर पर काम करते थे. अप्रैल 2026 में करीब 30 हजार रुपये मासिक वेतन पर उन्होंने नौकरी शुरू की थी. कुछ समय बाद किसी काम को लेकर उनका दुकान के मालिक के साथ विवाद हो गया. आरोप था कि विनोद के करीब 10 हजार रुपये मालिक के पास बकाया थे. वो कथित तौर पर पैसे नहीं दे रहे थे. इसी नाराजगी के चलते उसने दुकान में आग लगाने की साजिश रची. 

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इस साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपी ने सूरत के देवध गांव के पेट्रोल पंप से 150 रुपये का पेट्रोल खरीदा. प्लास्टिक की थैली और बोतल में पेट्रोल भरकर वह 8 सितंबर की रात करीब 9 बजे मार्केट में पहुंचा. पांचवें मंजिल की सीढ़ियों के पास बैठकर मार्केट बंद होने का इंतजार करने लगा. जब सारी दुकानें बंद हो गईं और बाजार में सन्नाटा छा गया, तब उसने दुकान के बाहर रखे कपड़े के बॉक्स और पार्सल के पास पेट्रोल छिड़क दिया और आग लगा दी. इसके बाद वहां से फरार हो गया.

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सीसीटीवी फुटेज में दिखा आरोपी

1500 से ज्यादा CCTV खंगालने के बाद एक फुटेज पुलिस के हाथ लगी, जिसमें आरोपी मुंह पर रुमाल बांधे और कंधे पर बैग लटकाए मार्केट में पहुंचता दिख रहा है. इसके बाद वह अपने बैग से पेट्रोल से भरी एक बोतल निकालता है और बाहर रखे कपड़े पर छिड़ककर आग लगा देता है. तेजी से फैलती आग पूरे बाजार को अपनी जद में ले लेती है. 

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इस हादसे में करीब 14 दुकानें जलकर खाक हो गईं. घटना के बाद सूरत के दमकल विभाग की कई टीमों को मौके पर बुलाया गया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि इस पर काबू पाने में करीब 38 घंटे लग गए. तब तक करीब 24 करोड़ रुपये का कपड़ा जलकर खाक हो गया. घटना के बाद सारोली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. 

घटना के अगले दिन सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल हो गया. ये देखते ही विनोद अपना मोबाइल फोन बंद कर पत्नी और बच्चे के साथ सूरत से फरार हो गया. वह पहले राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर और उसके बाद अयोध्या गया. इधर पुलिस की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी थी. जैसे ही आरोपी वापस सूरत लौटा, पुलिस को मुखबिर से उसके बारे में जानकारी मिल गई. सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी को दबोच लिया.

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