ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को ‘सुपुर्द-ए-खाक़’ किया जा चुका है. अमेरिका-इजरायल के हमले में उनकी मौत हो गई थी. अयातुल्लाह खामेनेई के जनाजे में लाखों लोग शामिल हुए लेकिन लाखों की भीड़ में एक शख्स ने सबका ध्यान खींचा. यह एक ‘मास्कमैन’ था, जो जनाजे की रस्मों को निभा रहा था. सोशल मीडिया पर खबरें चलने लगीं कि ये सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई हैं. इस बात को और हवा इसलिए मिली क्योंकि लगातार ये खबरें चल रही थीं कि इजरायल इस जनाजे के दौरान सुप्रीम लीडर की हत्या करने की कोशिश कर सकता है.
अली खामेनेई के जनाजे में दिखा 'मास्कमैन' कौन था? सामने आ गई पहचान
अंतिम संस्कार की प्रार्थना के दौरान लोगों को एक व्यक्ति दिखा. ये व्यक्ति काले रंग का मास्क और बेसबॉल कैप पहने हुए था. और तो और वो व्यक्ति सबसे अगली पंक्ति में बैठा था. उसके हुलिए को देखकर यह अटकलें लगाई जाने लगीं कि वह खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई है.


अंतिम संस्कार की प्रार्थना के दौरान काले रंग का मास्क और बेसबॉल कैप पहने यह व्यक्ति लोगों को दिखा था. और तो और वो व्यक्ति सबसे अगली पंक्ति में बैठा था. उसके हुलिए को देखकर अटकलें लगाई जाने लगीं कि वह खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई हैं. हालांकि, ईरान की न्यूज एजेंसी ईरान इंटरनेशनल ने मास्क पहन कर शोक मनाने वाले व्यक्ति की पहचान सामने रखी है. ईरान इंटरनेशनल के मुताबिक मास्क पहने व्यक्ति का नाम मोहम्मद जवाद खामेनेई है. वो अली खामेनेई के सबसे बड़े पोते हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, मोहम्मद जवाद अली खामेनेई के सबसे बड़े बेटे मुस्तफा खामेनेई के बेटे हैं. बताया जाता है कि 28 फरवरी को हुए अमेरिकी- इजरायली हमलों में मोहम्मद जवाद का चेहरा बुरी तरह झुलस गया था. इसी हमले में अली खामेनेई मारे गए थे. कहा जाता है कि इन्हीं चोटों की वजह से उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होते समय अपना चेहरा काले मास्क से ढंकना पड़ा.
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कहां हैं मोजतबा खामेनेई?अमेरिकी हमले के बाद से ही मोजतबा खामेनेई की हालत को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट में अमेरिकी इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के हवाले से कहा गया कि हमलों में मोजतबा गंभीर रूप से घायल हो गए थे. साथ ही उनका चेहरा बुरी तरह बिगड़ गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 28 फरवरी की देर रात जब अमेरिका और इज़रायल ने एयरस्ट्राइक की तो मोजतबा अपने पिता के साथ उसी घर में मौजूद थे लेकिन वो हमले में बच गए क्योंकि उस समय वो दूसरे कमरे में थे.
हमले के बाद साइप्रस में मौजूद ईरान के राजदूत अलीरेज़ा सलारियन ने कहा था कि मोजतबा के पैरों, हाथों और बाहों में चोटें आई हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. इसके बाद ये सवाल बार-बार उठ रहा है कि आखिर मोजतबा खामेनेई कहां हैं? क्योंकि हमले के बाद से मोजतबा न तो सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं और न ही उन्होंने कोई भाषण दिया है. हालांकि ये कहा जाता है कि वो चिट्ठियों के जरिए ईरान के मिलिट्री कमांडर्स और धर्मगुरुओं के संपर्क में हैं.
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