दिल्ली एक्साइज पॉलिसी में कथित घोटाले से जुड़े मामले में CBI ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है. मनीष सिसोदिया के अलावा इस मामले में 13 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी ये नोटिस जारी हुआ है. इस नोटिस के खिलाफ मनीष सिसोदिया ने रविवार 21 अगस्त को कहा कि पीएम मोदी को रेड करवाने की बजाय महंगाई और बेरोजगारी पर सोचना चाहिए. सिसोदिया के मुताबिक उनके घर से एक पैसा नहीं मिला, सीबीआई वाले दफ्तर की फाइल लेकर गए हैं.
'कहां आना है बताइये', लुकआउट नोटिस जारी होने पर बोले मनीष सिसोदिया
CBI ने ED को FIR की कॉपी दी. ED भी सिसोदिया पर केस दर्ज कर सकती है.


मनीष सिसोदिया ने इस नोटिस को 'नौटंकी' बताया है. सिसोदिया ने ट्विटर पर लिखा,
"आपकी सारी रेड फेल हो गई, कुछ नहीं मिला, एक पैसे की हेरा फेरी नहीं मिली, अब आपने लुक आउट नोटिस जारी किया है कि मनीष सिसोदिया मिल नहीं रहा. ये क्या नौटंकी है मोदी जी? मैं खुलेआम दिल्ली में घूम रहा हूं, बताइए कहां आना है? आपको मैं मिल नहीं रहा?"
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट किया,
"ऐसे समय जब आम इंसान महंगाई से जूझ रहा है, करोड़ों की संख्या में युवा बेरोजगार हैं, केंद्र सरकार को सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर बेरोजगारी और महंगाई से लड़ना चाहिए. उसकी बजाय ये पूरे देश से लड़ रहे हैं. रोज सुबह उठकर CBI, ED का खेल शुरू कर देते हैं. ऐसे देश कैसे तरक्की करेगा?"
दरअसल, लुकआउट नोटिस यह सुनिश्चित करने के लिए जारी किया जाता है कि किसी मामले में आरोपी, फरार या वॉन्टेड व्यक्ति देश से बाहर नहीं जा सके. इसका इस्तेमाल अक्सर इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स पर इमीग्रेशन चेकप्वाइंट्स पर किया जाता है. जिस व्यक्ति के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी होता है वो इसे कोर्ट में भी चुनौती दे सकता है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई ने मनीष सिसोदिया से जुड़े इस मामले में FIR की कॉपी और दूसरे डॉक्यूमेंट्स प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी भेज दिया है. ईडी जल्द ही सिसोदिया के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर सकती है. एक्साइज पॉलिसी में कथित घोटाले को लेकर CBI ने 19 अगस्त को मनीष सिसोदिया के घर छापेमारी की थी. मामले में सिसोदिया सहित 15 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत केस दर्ज किया गया है. FIR में दिल्ली के पूर्व एक्साइज कमिश्नर आरव गोपी कृष्णा और पूर्व डिप्टी एक्साइज कमिश्नर आनंद तिवारी के भी नाम हैं.
सीबीआई की FIR के मुताबिक ये मामला 2021 में लागू की गई नई एक्साइज पॉलिसी में गड़बड़ी का है. मनीष सिसोदिया और दूसरे अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने लाइसेंस जारी करने में नियमों की अनदेखी की. 20 अगस्त को सीबीआई ने पूछताछ के लिए कुछ आरोपियों को बुलाया था. उधर, सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर उनके खिलाफ हुई पूरी कार्रवाई अरविंद केजरीवाल को रोकने के लिए है.
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