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डॉक्टर ने बताया, कैसे ठीक हुआ था साध्वी प्रज्ञा का कैंसर

साध्वी प्रज्ञा ने कहा था, उन्होंने अपना कैंसर गोबर-गोमूत्र से ठीक किया.

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2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस में क्रॉस क्वेश्चनिंग चल रही है. प्रज्ञा ठाकुर के वकील ने दावा किया है कि पुलिस ने मौका-ए-वारदात पर कोई बाइक या साइकल नहीं देखी होगी.
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर अपने एक और बयान को लेकर घिर गई हैं. प्रज्ञा ठाकुर ने इंडिया टुडे ग्रुप के राहुल कंवल को दिए इंटरव्यू में दावा किया था कि उन्होंने अपना कैंसर गोबर-गोमूत्र से ठीक कर लिया है. मगर इससे उलट उनके ब्रेस्ट कैंसर का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर सामने आ गए हैं. लखनऊ के डॉक्टर एसएस राजपूत ने दावा किया है कि उन्होंने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के ब्रेस्ट कैंसर का तीन बार ऑपरेशन किया है. डॉक्टर राजपूत लखनऊ के डॉक्टर राम मनोहर लोहिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में कार्डियो थोरेसिक और वैस्कुलर सर्जन हैं. डॉक्टर एसएस राजपूत ने 'द हिंदू' अखबार की ज्योति शेलर
को बताया कि 'प्रज्ञा ठाकुर को फर्स्ट स्टेज का कैंसर था. शुरुआती कैंसर होने के बाद भी ये बेहद खतरनाक था. इस पर उनके दोनों ब्रेस्ट को हटा दिया गया था.'
धमाके में इस्तेमाल की गई बाइक की मालिक साध्वी प्रज्ञा ही थीं.
धमाके में इस्तेमाल की गई बाइक की मालिक साध्वी प्रज्ञा ही थीं.

प्रज्ञा ठाकुर के कैंसर पर और क्या कहा डॉक्टर ने? प्रज्ञा ठाकुर ने हाल में एक बयान दिया था. वो ये कि साल 2008 में, महाराष्ट्र एटीएस की गिरफ्तारी के बाद उनको ब्रेस्ट कैंसर हुआ था. उनका दावा था कि उसे उन्होंने गोबर-गोमूत्र आदि से ठीक कर लिया था. इसी बयान के बाद 'द हिंदू' ने उस डॉक्टर को खोज निकाला, जिन्होंने उनका कैंसर का इलाज किया था. डॉक्टर एसएस राजपूत ने बताया,
'मैंने पहली बार साल 2008 में उनका ऑपरेशन किया था. ये ऑपरेशन मुंबई के जेजे हॉस्पिटल में हुआ था. उनके दाहिने ब्रेस्ट में ट्यूमर हुआ था. उस समय ट्यूमर की रिपोर्ट में कुछ भी स्पष्ट नहीं था. साल 2012 में ट्यूमर फिर से उभर आया था. इसके बाद उन्होंने ब्रेस्ट की सर्जरी करने का फैसला लिया. उनके दाहिने ब्रेस्ट का ट्यूमर समेत करीब एक तिहाई हिस्सा हटा दिया गया था. उनकी दूसरी सर्जरी भोपाल के एक प्राइवेट अस्पताल में हुई थी.'
डॉक्टर राजपूत ने बताया,
'निकाले गए ट्यूमर और टिशू को जांच के लिए मुंबई भेजा गया था. उसके बाद ये पता चला कि उनको फर्स्ट स्टेज का कैंसर है. ये सारी रिपोर्टें बाद में अदालत में दाखिल की गई थीं. साल 2017 में प्रज्ञा ठाकुर को अदालत से जमानत मिल गई. इसके बाद लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उनकी 'बाइलेटरल मास्टेक्टॉमी' यानी दोनों ब्रेस्ट हटाने की सर्जरी की गई.'
डॉक्टर राजपूत ने ये जानकारी देने से इनकार कर दिया कि इसके बाद से प्रज्ञा ठाकुर को कीमोथेरपी या रेडिएशन दिया गया या नहीं. उन्होंने ये जरूर बताया कि प्रज्ञा ठाकुर इस साल भी जांच के लिए आई थीं. उनकी सारी रिपोर्टें सामान्य रही थीं.
सब कुछ गोपनीय क्यों रखा गया था? साध्वी प्रज्ञा के कैंसर के ऑपरेशन की खबर उस वक्त 'पत्रिका' नाम के अखबार में भी छपी थी. अखबार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि साध्वी प्रज्ञा की सर्जरी की खबर पूरी तरह गोपनीय रखी गई. इस दौरान प्रज्ञा ठाकुर के साथ उनकी बड़ी बहन, छोटी बहन- उनके पति, विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस के कुछ नेता मौजूद थे. लोहिया संस्थान में साध्वी प्रज्ञा की सर्जरी करीब 4 घंटे चली थी. ये जानकारी यूपी के स्वास्थ्य मंत्री आशुतोष टंडन तक को नहीं थी कि प्रज्ञा ठाकुर यहां भर्ती हैं.
साध्वी प्रज्ञा पर गंभीर आरोप हैं. फाइल फोटो.
साध्वी प्रज्ञा पर गंभीर आरोप हैं. फाइल फोटो.

जेजे अस्पताल के डॉक्टर ने इनकार क्यों किया? हालांकि मुंबई के जेजे अस्पताल के तत्कालीन डीन डॉक्टर जेपी लहाने ने अलग ही दावा किया. डॉक्टर लहाने ने मुंबई मिरर से बात करते हुए कहा कि इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि प्रज्ञा को कैंसर था. जेजे अस्पताल के एक सीनियर डॉक्टर ने बताया कि सीए 125 ब्रेस्ट मार्कर टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव थी. उनकी एमआरआई स्कैन रिपोर्ट और ईसीजी रिपोर्ट भी बिल्कुल नॉर्मल थी. साध्वी प्रज्ञा ने दावा किया था कि जेजे अस्पताल में उनकी जांचें हुई थीं.
टाटा मेमोरियल के डॉक्टरों ने प्रज्ञा के दावों को खारिज किया मुंबई के प्रसिद्ध कैंसर अस्पताल टाटा मेमोरियल सेंटर के डायरेक्टर ने भी साध्वी प्रज्ञा के दावे को खारिज किया. सेंटर के डायरेक्टर डॉक्टर राजेंद्र बाडवे ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जो ये साबित करे कि गोमूत्र या इस तरह का दूसरा प्रोडक्ट कैंसर ट्रीटमेंट के लिए फायदेमंद होता है. बाडवे ने कहा, 'ऐसी कोई स्टडी नहीं है जो इस तरह के दावों का समर्थन करे. सिर्फ रेडियोथेरपी, कीमोथेरपी और अब इम्युनोथेरपी ही ब्रेस्ट कैंसर के लिए वैज्ञानिक इलाज के तौर पर दुनियाभर में उपलब्ध हैं.' डॉक्टर राजेंद्र देश के मशहूर ब्रेस्ट कैंसर सर्जन में से एक हैं.
प्रज्ञा ठाकुर ने क्या कहा था? प्रज्ञा ठाकुर ने आजतक-इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा था,
'गोशाला में सबसे अच्छी साधना होती है. मैं कैंसर की मरीज थी. गोमूत्र और पंचगव्य से बनी औषधियों की वजह मेरा कैंसर ठीक हुआ है. पंचगव्य में गोबर, दही, गोमूत्र समेत 5 चीजें आती हैं. जिनकी वजह से शारीरिक बीमारी ठीक हुई है.'
इस दौरान उन्होंने ये भी कहा था कि,
'गाय के ऊपर हाथ फेरने से एक इंसान का ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है. अगर हम गाय के मुंह की ओर से पीठ की तरफ हाथ घुमाते हैं, तो उन्हें और हमें दोनों को सुख मिलता है. वहीं, अगर हम गाय की पीठ से चेहरे की तरफ हाथ घुमाते हैं तो उन्हें तकलीफ होती है, लेकिन हमारा ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है. वो खुद तकलीफ सहती हैं, लेकिन हमें सुख पहुंचाती हैं. इसकी पुष्टि वैज्ञानिक भी करते हैं.'
प्रज्ञा ठाकुर साल 2008 के नासिक के मालेगांव में हुए बम धमाकों की आरोपी हैं. उन्हें भाजपा ने भोपाल से प्रत्याशी बनाया है. तभी से विवाद जारी है. प्रत्याशी बनाए जाने के बाद वे शहीद हेमंत करकरे और बाबरी मस्जिद ध्वंस पर भी विवादित बयान दे चुकी हैं.


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