अब तक राहुल गांधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा का नाम जमीनी सौदों से जुड़े घोटालों में आता था. लेकिन अब रॉबर्ट वाड्रा डिफेंस डील से जुड़े करप्शन के मामले में फंसते से नजर आ रहे हैं. खबर है कि 2009 में हथियारों की डील से जुड़े एक सौदेबाज संजय भंडारी ने रॉबर्ट वाड्रा को लंदन में 19 करोड़ रुपये का बेनामी घर खरीदकर दिया था. हालांकि रॉबर्ट वाड्रा के वकीलों ने इन आरोपों को खारिज किया. सरकार ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं.
दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर लगे इल्जाम से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी खफा नजर आईं. सोनिया ने कहा,
'ये एक षडयंत्र हैं. कांग्रेस मुक्त भारत का मतलब क्या है. रोज कुछ न कुछ ये लोग बहाना बनाते हैं. गलत इल्जाम लगाते हैं. अगर कुछ ऐसी बात है तो बिना भेदभाव जांच करो. दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा. मोदी देश के पीएम हैं, शहंशाह नहीं. देश में अभी जब किसान परेशान हैं. सूखा है. तो मोदी सरकार का दो साल पूरा होने पर शो करना मुझे सही नहीं लगता.'
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डिफेंस डील में मनी लॉन्ड्रिंग और रिश्वतखोरी को लेकर एजेंसियां संजय भंडारी के खिलाफ जांच कर रही हैं. अप्रैल में संजय भंडारी के घर और दफ्तर पर छापा मारा गया था. छापेमारी के दौरान ये खुलासा हुआ कि कुछ सालों में ही संजय भंडारी करोड़पति बन गए. जांच एजेंसियों के रॉबर्ट वाड्रा पर शक का आधार उन रिपोर्ट्स को बताया जा रहा है, जिनमें रॉबर्ट वाड्रा और उनके करीबी मनोज अरोड़ा की कथित ई-मेल बाजी शामिल हैं. हालांकि रिपोर्ट्स के पुख्ता होने को लेकर कोई दावा नहीं किया गया. बीजेपी सांसद किरीट सोमैया ने ED को चिट्ठी लिख जांच की मांग की है. 
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, रिपोर्ट्स में रॉबर्ट और मनोज के बीच जो ई-मेल्स हैं. उनमें लेनदेन और लंदन के घर की रेनोवेशन की बातें हैं. रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि लंदन के 12 एल्लर्टन हाउस, ब्रांयस्टन स्क्वायर पर स्थित घर को करीब 19 करोड़ रुपये में खरीदा गया. ये घर साल 2009-2010 के दौरान खरीदा गया. रॉबर्ट वाड्रा ने आरोपों पर बोलने से इंकार किया. लेकिन उनके वकीलों ने चैनल से कहा कि रॉबर्ट वाड्रा लंदन में ऐसी किसी भी प्रॉपर्टी के मालिक नहीं हैं. इन ई-मेल्स में सुमित चड्ढा का नाम भी सामने आया है. सुमित मनोज अरोड़ा के रिश्तेदार हैं और संजय भंडारी का बिजनेस देखते हैं. एक ई-मेल में रॉबर्ट वाड्रा सुमित चड्ढा को लिखते हैं,
'मैं इस मामले को देखूंगा. मेरा सेक्रेटरी मनोज इस मामले में संपर्क में रहेगा.' रिपोर्ट में कहा गया कि मनोज सुमित चड्ढा से Exim Real Estate नाम की मेल आईडी से संपर्क में रहते थे.
कौन है संजय भंडारी?
भंडारी ऑफसेट इंडिया सॉल्यूशंस कंपनी के मालिक हैं. 2008 में एक लाख रुपये की पेड-अप कैपिटल के साथ कंपनी शुरू की थी. डिफेंस डील से जुड़ी डील्स में नाम आया. अप्रैल में ED और इनकम टैक्स वालों ने छापेमारी की. संजय भंडारी ने कुछ ही सालों में करोड़ों की प्रॉपर्टी बना ली है. संजय भंडारी की ही कंपनी OIS को 38 कॉम्बेट एयरक्राफ्ट के पार्ट्स की सप्लाई की एक डील मिली है. ये पार्ट्स इंडिया डेजॉल्ट एविएशन से खरीद रहा है. संजय भंडारी पर दर्जनों शैल कंपनियां बनाईं थीं. शैल कंपनियां यानी ऐसी नॉन ट्रैडिंग कंपनियां जो सिर्फ इसलिए बना दी जाती हैं, जिन्हें फ्यूचर में अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा सके. संजय की वाइफ सोनिया इनमें से कई कंपनियों की डायरेक्टर्स हैं. बता दें कि सुमित चड्ढा संजय भंडारी के एसोसिएट हैं और लगातार रॉबर्ट वाड्रा से भी संपर्क में रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, संजय भंडारी की कंपनियों ने शैल कंपनियों के जरिए करीब 70 करोड़ रुपये रिसीव किए.
आखिर ये अगस्टा वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर भसड़ है क्या? डिफेंस सेक्टर के वो घोटाले, जिसमें नेहरू से लेकर अटल तक का आया नाम..