'एहसान मानिए नए सिस्टम का, कि कम से कम आपको मालूम तो चला ! पहले के सिस्टम में तो मालूम ही नहीं चलता था और सैंकड़ों नंबर एक डॉक्यूमेंट पर इशू हो जाते थे.'ये ऐतिहासिक जवाब आधार वालों ने प्रिया के इस ट्वीट के चौथे दिन दिया
प्रिया ने ये भी पूछा कि ऐसे में उन्हें करना क्या चाहिए? फोन नेटवर्क कंपनी के पास जाना चाहिए कि आधार वालों के पास कि पुलिस के पास?
इस सब पर UIDAI का जवाब आया. तीन ट्वीट्स लंबा. लेकिन काम की बात उसमें धेले की नहीं थी -
एक के बाद एक तीन ट्वीट में UIDAI ने सब कर दिया. खुद को शाबाशी दे दी, पुराने सिस्टम को बकवास बता दिया और फोन नेटवर्क कंपनी को धमका भी दिया. लेकिन वो नहीं बताया कि प्रिया को करना क्या चाहिए. ट्राई या संचार मंत्रालय में जाकर शिकायत करने वाले आइडिया के बारे में 'लोल' से ज़्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता. बाकी कंपनी पर कार्रवाई की बात UIDAI ने अभी तक नहीं की है.
ये उस UIDAI की कारस्तानी है, जिसने एक पत्रकार पर उचक कर पुलिस कार्रवाई की जब उनसे सिस्टम की खामी को उजागर किया. उन्हें ट्वीट करने के लिए कम से कम एक ढंग का लड़का रख लेना चाहिए. तो ट्विटर पर छीछालेदर कम होगी.खैर, UIDAI की UIDAI जाने. लल्लनटॉप आपको बताएगा कि ये कैसे मालूम करना है कि आधार कार्ड कहां-कहां इस्तेमाल हुआ. वो भी घर बैठे-बैठे. जानने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें -
कहीं मिसयूज़ तो नहीं हुआ है आपका आधार कार्ड, जानिए इन 5 स्टेप्स में
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