असलम ने 6 लाख रूपए लौटा दिए है और वादा किया है कि वो बचे हुए पैसे भी लौटा देगा. मैंने फोन पर उससे बात की. अब लगता है कि मामला सुलझ गया है. हम पैसे वापस आने के लिए सोमवार तक का इंतजार करेंगे.बता दें कि 23 दिसंबर 2018 तक अकाउंट में 21 लाख रूपए थे. 11 अप्रैल 2019 को इस खाते में केवल 35,000 रूपए बचे हैं.
कैसे निकले पैसे?
जनवरी 2018. जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले का रासना गांव. एक 8 साल की बच्ची को अगवा कर उसका बलात्कार किया जाता है और फिर उसकी हत्या कर दी जाती है. इस घटना ने सारे देश को झकझोर दिया. देश की राजधानी समेत दूसरे हिस्सों में भी खूब प्रदर्शन हुए. मीडिया में कुकर्म करने वालों की आलोचना हुई. पीड़ित परिवार का साथ देने के लिए स्वयं सहायता समूह और कई लोग सामने आए. परिवार की आर्थिक मदद करने के लिए क्राउड फंडिंग के ज़रिए पैसे इकट्ठे किए गए. 23 दिसंबर 2018 तक जम्मू एंड कश्मीर बैंक के जॉइंट अकाउंट में 21 लाख से ज्यादा रूपए इकठ्ठा हो चुके थे. फिर खबर आई कि जनवरी से लेकर मार्च तक इस खाते से 12 लाख रुपए परिवार की जानकारी के बिना निकाले जा चुके हैं. किसी असलम खान नाम के आदमी ने इस खाते से तीन बार 2-2 लाख रूपए निकलवाए हैं. यानी कुल 6 लाख. जब लड़की के पिता ने अपने जानने वाले असलम को फोन किया तो उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला, जिससे उनका शक और गहरा गया है. इसके बाद नसीम नाम के एक आदमी ने 21 और 22 जनवरी को खाते से 4 लाख रूपए निकलवाए हैं. पीड़ित परिवार अनपढ़ है और पैसे आदि निकालने के लिए अंगूठे के निशान लगाता है. उनके मुताबिक पैसे कहां गए इस बारे में वो कुछ नहीं जानते.बैंक ने परिवार को सूचना क्यों नहीं दी?
इतने पैसे निकालने के बाद J&K बैंक का कहना है कि उन्होंने प्रोसीजर फॉलो किया है. पैसा चेक के ज़रिए निकाला गया है जिसपर तारीख से लेकर दस्तखत तक सब सही था. ऐसे में बैंक मना नहीं कर सकता. बैंक के ब्रांच हेड ने कहा-बैंक को ठीक डेट और इम्प्रैशन के साथ चेक मिले थे. ऐसे में अब परिवार अगली सूचना तक चेक बुक को ब्लॉक कर सकता है. उनके सर्कल में किसी परिचित को ही सारी जानकारियां मिली हैं. और उसने ही बैंक प्रोटोकॉल फॉलो किया है.हैरान करने वाली बात ये है कि चेक के मुताबिक 21 मार्च 2019 को ‘सेल्फ’ यानी खुद ने बैंक से 2 लाख रूपए निकाले हैं. लड़की के पिता का कहना है कि वो उस दिन परिवार के साथ साम्बा में थे और चेक तक उनकी पहुंच नहीं थी. उनके मुताबिक जॉइंट अकाउंट से करीब 22 लाख रूपए निकाले गए हैं जिसमें से 10 लाख उन्होंने निकाले हैं.
क्या हुआ था कठुआ में?
12 जनवरी 2019 को कठुआ में रासना गांव के रहने वाले 8 साल की लड़की के पिता ने पुलिस में शिकायत दी. बताया कि उसकी बेटी 10 जनवरी से गायब है. पुलिस ने FIR दर्ज की और जांच में जुट गई. 17 जनवरी को लड़की की लाश मिलती है. बकरवाल समुदाय का आरोप था कि सरकार और लोकल पुलिस केस को अच्छे से नहीं देख रही. इसके बाद 20 जनवरी को सरकार की ओर से एसएचओ को सस्पेंड कर दिया. 23 मार्च को पूरे मामले को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया. क्राइम ब्रांच ने 9 अप्रैल को ही इस मामले की 15 पन्ने की चार्जशीट दाखिल कर दी. इस चार्जशीट के मुताबिक गैंगरेप और हत्या का मास्टरमाइंड रिटायर्ड राजस्व अफसर सांजी राम है. आरोपियों के नाम सामने आने पर मामला हिंदू-मुस्लिम हो गया. राजनीतिक पार्टियां भी इसमें कूद पड़ीं. फ़िलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. मामला कोर्ट में चल रहा है है.Video:कठुआ गैंग रेप केस के आरोपी की चप्पल से पिटाई वाले वीडियो की असलियत ये है












