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कासगंज के चंदन गुप्ता हत्याकांड में इन 28 दोषियों को मिली उम्रकैद

2018 में कासगंज में तिरंगा रैली के दौरान चंदन गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

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26 जनवरी, 2018 को कासगंज में हुई हिंसा के दौरान चंदन गुप्ता की मौत हो गई.

कासगंज के चर्चित चंदन गुप्ता हत्याकांड में अदालत ने सजा सुना दी है. सभी 28 दोषियों को उम्रकैद की सजा मुकर्रर हुई है. 2 जनवरी, 2025 को NIA कोर्ट में ट्रायल के बाद सभी को दोषी पाया गया था. आज 3 जनवरी के दिन सभी के खिलाफ उम्रकैद की सजा का एलान किया गया है. इस केस में ट्रायल 2022 में शुरू हुआ था. मामले में दो आरोपियों को बरी कर दिया गया है. 

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2018 चंदन गुप्ता हत्याकांड

26 जनवरी, 2018, यानी गणतंत्र दिवस के मौके पर कासगंज में ABVP-VHP कार्यकर्ता तिरंगा रैली निकाल रहे थे. इसी दौरान हिंसा भड़क गई. पथराव और और गोली चल गई. चंदन भी इस तिरंगा रैली में शामिल थे जो गोली का शिकार हो गए और उनकी मौत हो गई. चंदन की उम्र 20 साल थी. वो बीकॉम फाइनल इयर के स्टूडेंट थे. इस हत्या के बाद कासगंज में भीषण हिंसा हुई, कर्फ्यू भी लगाना पड़ा.

आजतक के संतोष शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक 2022 में जब ट्रायल शुरू हुआ तो पहले पीड़ित परिवार को पैरवी के लिए वकील ही नहीं मिला. तब पीड़ित परिवार ने लखनऊ हाई कोर्ट में केस ट्रांसफर की अर्जी लगाई. केस को कासगंज से एटा ट्रांसफर किया गया. लेकिन केस में राजद्रोह की धारा 124A लगी थी जिसकी वजह से इसे लखनऊ की NIA स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया.

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ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने 18 गवाह पेश किए और बचाव पक्ष ने 23 गवाह पेश किए. इस मामले में तीन सगे भाइयों नसीम, वसीम और सलीम को आरोपी बनाया गया था. आरोपियों ने बचने के इरादे से कई कानूनी दावपेच चले लेकिन एक भी पैतरा काम ना आया.

रिपोर्ट के मुताबिक महीनों चली जिरह के बाद फैसले की नौबत आई तो आरोपी नसीम जावेद ने हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में कोर्ट की वैधानिकता पर सवाल खड़े करते हुए याचिका डाल दी. उसने मामले की सुनवाई कर रहे जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी की सिनियॉरिटी को ही चैलेंज कर दिया.

इतना ही नहीं, नसीम ने याचिका में राजद्रोह की धारा 124 A लगाने को कोर्ट में चैंलेज कर दिया. हालांकि हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने नसीम जावेद की याचिका खारिज कर दी. यही वजह रही कि फैसला 3 महीने लेट आया. पहले NIA कोर्ट 25 अक्तूबर को इस मामले में फैसला देने वाला था. लेकिन हाई कोर्ट में याचिका के बाद फैसला टल गया.

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ये पैंतरे यहीं नहीं रुके. 2 जनवरी, 2025 को जब NIA की स्पेशल कोर्ट में फैसला आना था, तभी नसीम जावेद की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में फिर एक अर्जी डाली गई. हालांकि सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले ने नसीम जावेद की यह पिटीशन भी खारिज कर दी.

मामले में सजायाफ्ता हुए सभी दोषियों के नाम हैं-

आसिफ कुरेशी उर्फ हिटलर
असलम कुरैशी
असीम कुरैशी
शबाब
साकिब 
मुनाजिर रफी
आमिर रफी
सलीम
वसीम
नसीम
बबलू
अकरम
तौफीक
मोहसिन
राहत
सलमान
आसिफ जिम वाला
निशु
वासिफ
इमरान
शमशाद
जफर
शाकिर
खालिद परवेज
फैजान
इमरान
शाकिर 
जाहिद उर्फ जग्गा.

वीडियो: क्या कासगंज में चंदन गुप्ता की मौत कमल सोनकर की चलाई गोली से हुई?

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