ईरान-अमेरिका के बीच साइन हुआ समझौता (MoU) टूट सकता है. शनिवार, 20 जून को ईरान ने एक बार फिर ऐलान किया है कि वो ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ बंद कर देगा. ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच सीजफायर लागू है, लेकिन इसके बाद भी इजरायल ने लेबनान पर हमला किया है. इसमें दर्जनों लोगों की मौत हो गई. इसके बाद ईरान ने अमेरिका-इजरायल पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया है. रॉयटर्स ने ईरानी न्यूज एजेंसी मैहर के हवाले से एक रिपोर्ट छापी है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के टॉप मिलिट्री कमांड ‘ख़तम-अल- अनबिया’ सेंट्रल हेडक्वार्टर ने शनिवार, 20 जून को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया है.
ईरान ने फिर बंद कर दिया होर्मुज, महज 2 दिन में टूट गई अमेरिका से पीस डील?
Iran ने एक बार फिर Strait Of Hormuz को बंद करने का ऐलान कर दिया है. ईरान ने लेबनान पर 'सीजफायर' को तोड़ने का आरोप लगाया है.


हेडक्वार्टर ने अपने बयान में कहा कि वो एक बार फिर से जहाजों की आवाजाही के लिए होर्मुज को बंद कर देगा. उसने इजरायल के इन हमलों को ‘वादा तोड़ने वाला' और होर्मुज बंद करने को सीजफायर तोड़ने के बदले की ‘चेतावनी’ कहा है. एजेंसी ने यह भी कहा कि अगर आगे भी इसी तरह की ‘आक्रामकता’ जारी रही तो और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे. गुरुवार, 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजश्कियान ने वर्चुअली समझौते के कागज पर साइन किए थे. इसके अगले ही दिन शुक्रवार, 19 जून को इजरायल ने दूसरी बार लेबनान पर हमला कर दिया.
हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमलाइजरायल के इस हमले में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई थी. लेकिन इजरायली सेना की ओर से बताया गया कि ये हमले हिजबुल्लाह के ठिकानों पर किए गए. दरअसल, ईरान-अमेरिका के बीच जो Mou साइन हुआ है, उसमें एक यह भी शर्त थी कि इजरायल लेबनान पर हमले को फौरन रोक दे लेकिन ऐसा हुआ नहीं.
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अब इजरायल के लेबनान पर किए हमलों की वजह से ईरान ने एक बार फिर होर्मुज को बंद करने का ऐलान कर दिया है.
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