बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा एक ट्वीट के चलते सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहे हैं.
जेपी नड्डा. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. 22 जून को उन्होंने एक ट्वीट किया. नड्डा का ट्वीट भारत-चीन के बीच सीमा तनाव से जुड़ा है. इस ट्वीट को लेकर अब वो सोशल मीडिया योद्धाओं के निशाने पर हैं. नड्डा को बुरी तरह ट्रोल किया जा रहा है. टि्वटर पर 43000 किलोमीटर ट्रेंड कर रहा है. ऐसे में आइए जानते पूरी कहानी क्या है-
नड्डा ने क्या कहा जेपी नड्डा ने भारत-चीन के तनाव को लेकर एक ट्वीट किया. यह ट्वीट पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान के जवाब में था. मनमोहन ने मोदी सरकार से चीन मामले में सोच-समझकर कदम उठाने को कहा था. लेकिन नड्डा को यह पसंद नहीं आया. उन्होंने ट्वीट कर पलटवार कर दिया. कहा,
डॉ. मनमोहन सिंह उसी पार्टी से आते हैं जिसने लाचारी में 43 हजार किलोमीटर का भारतीय इलाका चीन को सौंप दिया. यूपीए के शासन में बिना लड़े भयानक रणनीतिक और प्रादेशिक आत्म समर्पण कर दिया गया था. यह सबने देखा था. समय-समय पर हमारी सेनाओं का अपमान किया गया.
हम भी हैं जोश में... बस यही गलती हो गई नड्डा ने ट्वीट कर कांग्रेस पर हमला तो कर दिया. उन्होंने लिखा कि 43 हजार किलोमीटर का इलाका चीन को दे दिया गया. बस यहीं पर नड्डा से चूक हो गई. दरअसल चीन के कब्जे में भारत का 43 हजार वर्ग किलोमीटर का इलाका है. किलोमीटर दूरी लंबाई या चौड़ाई नापने का पैमाना होता है. जबकि वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल नापने का पैमाना होता है.
सोशल मीडिया के योद्धाओं ने ले ली मौज सोशल मीडिया यूजर्स ने इसी गड़बड़ी पर नड्डा को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि पूरी धरती की परिधि 40075 किलोमीटर की है तो चीन के पास भारत का 43 हजार किलोमीटर इलाका कैसे हो सकता है. कई लोगों ने नड्डा से जियोग्राफी पढ़कर आने को कहा तो कई लोगों ने मजेदार अंदाज में उन्हें घेरा. देखिए कुछ मजेदार ट्वीट-
वैसे चीन के कब्जे में हमारी कितनी जमीन है? इस बारे में भी पिछले दिनों सवाल उठे थे. 19 जून को पीएम नरेंद्र मोदी ने गलवान घाटी में लड़ाई पर सभी दलों की बैठक बुलाई थी. इसमें उन्होंने भारतीय सीमा में किसी के नहीं घुसने की बात कही थी. इस पर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए थे. ऐसे में 20 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय ने सफाई दी. साथ ही बताया कि भारत का 43 हजार वर्ग किलोमीटर इलाका चीन के कब्जे में है. कांग्रेस ने बाद में 43 हजार वर्ग किलोमीटर इलाके को लेकर भी सरकार को घेर लिया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 1962 में चीन से युद्ध में तो 38 हजार वर्ग किलोमीर का इलाका ही गया था. तो यह 5000 वर्ग किलोमीटर का इलाका चीन ने क्या अभी कब्जाया है? इस बारे में युवा कांग्रेस अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने ट्वीट किया,
11 मार्च, 2020 को संसद में विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने बताया कि लद्दाख में 38 हजार वर्ग किलोमीटर का इलाका चीन के कब्जे में है. पीएमओ की ओर से जारी सफाई में कहा गया कि लद्दाख में 43 हजार वर्ग किलोमीटर का इलाका चीन के पास है. क्या हमने 5000 वर्ग किलोमीटर जमीन खो दी है?
ट्वीट के बाद घिरी मोदी सरकार इस ट्वीट के बाद चर्चा चलने लगी कि चीन ने लद्दाख में 5000 वर्ग किलोमीटर का इलाका और कब्जा लिया है. लेकिन सच्चाई अलग थी और विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन के जवाब में ही छुपी हुई थी. दरअसल 11 मार्च, 2020 को सांसद अमर सिंह ने चीनी कब्जे वाली जमीन के बारे में सवाल किया था. इस पर मुरलीधरन ने राज्य सभा में बताया कि लद्दाख में चीन ने 38 हजार वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया. इसके बाद 2 मार्च, 1963 को पाकिस्तान ने चीन के साथ समझौते में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के 5180 वर्ग किलोमीटर के इलाके को चीन को दे दिया. इस तरह चीन के पास भारत का कुल 43180 वर्ग किलोमीटर इलाका (38000+5180) है.
20 साल में 30 बार संसद में चीनी कब्जे का जिक्र दिसंबर, 2006. मनमोहन सिंह की सरकार थी, तब भी यही जवाब संसद में दिया गया था. उस समय राम जेठमलानी और रविशंकर प्रसाद ने सवाल किया था. सरकार की ओर से प्रणब मुखर्जी ने जवाब दिया था. संसद में मौजूद दस्तावेजों के अनुसार, 20 साल में करीब 30 बार संसद में चीन के पास 43 हजार वर्ग किलोमीटर इलाके का जिक्र हुआ है.
Video: गलवान घाटी और पांगोंग झील के बाद अब डेपसांग के पीछे क्यों पड़ा है चीन?