'As per government policy- No muslim candidate was invited, selected or send abroad.'
कंफ्यूजन यहीं से फैला लगता है. इस वाक्य को ट्रांसलेट करें तो इस तरह होगा. 'सरकार की नीति के मुताबिक- किसी मुस्लिम कैंडिडेट को इनवाइट, सेलेक्ट नहीं किया गया. न ही विदेश भेजा गया.'
हो सकता है आरटीआई का जवाब देने वाले अधिकारी लिखना चाहते हों कि सरकारी नीति के मुताबिक, किसी मुस्लिम (या हिंदू) कैंडिडेट को इनवाइट नहीं किया गया. सरकारी नीति (नियमों) के अनुरूप किसी मुस्लिम कैंडिडेट को सेलेक्ट नहीं किया गया. यानी जो नियम हैं, उनके अनुरूप चुने जाने के काबिल नहीं समझा गया और इसलिए विदेश नहीं भेजा गया. जवाब लिखने वाले ने तीन चीजें एक ही वाक्य में कह दी हैं. इससे हुआ ये है कि वाक्य के शुरू में लिखा गया 'सरकारी नीति के मुताबिक' तीनों बातों के संबंध में कहा गया लगता है.
ये सिर्फ हमारा अनुमान है. हो सकता है कि ऐसा हुआ हो. हमने जवाब को दो बार पढ़ा तो ऐसा लगा. वरना कोई पत्रकार करियर दांव पर लगाकर इतना बड़ा झूठा दावा क्यों करेगा. 'द मिली गैजेट' ने अपने फेसबुक पेज पर पुष्प के हिरासत की खबर इस तरह लिखी है: कोटला मुबारकपुर पुलिस स्टेशन से होने का दावा करने वाली एक पुलिस टीम ने पत्रकार पुष्प शर्मा को शाम 6:30 बजे लाजपत नगर के उनके घर से हिरासत में ले लिया. पुष्प शर्मा को 'द मिली गैजेट' और दूसरे मीडिया आउटलेट, पोर्टल और चैनलों पर छपी एक स्टोरी के सिलसिले में अरेस्ट किया गया है. यह आयुष मिनिस्ट्री के उस आरटीआई जवाब के बारे में था, जिसमें कहा गया था कि मिनिस्ट्री ने किसी मुस्लिम योगा ट्रेनर की भर्ती नहीं की गई. आयुष मिनिस्ट्री का दावा है कि आरटीआई का जवाब फर्जी है लेकिन पत्रकार पुष्प शर्मा अड़े हुए हैं कि जवाब मिनिस्ट्री से ही आया था.













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