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जुनैद ने जंतर मंतर पर खाने-पीने की व्यवस्था की, पुलिस ने दिल्ली से उठाकर मसूरी छोड़ दिया

Jantar Mantar volunteer Junaid: जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था करने वाले मोहम्मद जुनैद ने पुलिस पर आरोप लगाया है. दावा किया है कि पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए उठा ले गई थी. पूरी रात उनकी आंखों पर पट्टी बंधी हुई थी.

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मोहम्मद जुनैद जंत-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों की मदद कर रहे थे. (फोटो-एक्स)

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  • मोहम्मद जुनैद ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए पानी, नमकीन, चाय और भोजन की व्यवस्था की तथा स्वयं वॉलंटियर की तरह काम किया।
  • जंतर-मंतर पर छात्रों के लिए खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध कराने पर पुलिस ने जूनैद को 24 जुलाई की रात पूछताछ के लिए उठाया और उनकी आंखों पर पट्टी बांधी।
  • पुलिस ने जुनैद के पिता और अन्य रिश्तेदारों से पूछताछ की, पर गिरफ्तारी से इनकार किया, और मामले की जांच जारी है।

जंतर-मंतर पर मोहम्मद जुनैद ने प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की. वॉलंटियर की तरह काम किया. मगर अब उनका आरोप है कि पुलिस उन्हें 'लोगों की मदद' के कारण उठा ले गई. पूरी रात आंखों पर पट्टी बांधें रखी. सवाल करती रही कि खाने-पीने का इंतजाम करने का पैसा आया कहां से?

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गाजियाबाद के रहने वाले मोहम्मद जुनैद 20 जून को जंतर-मंतर पहुंचे थे. उन्होंने देखा कि भीषण गर्मी के बीच पानी की व्यवस्था भी नहीं है. शुरुआत पानी का स्टॉल लगाने से हुई. बाद में नमकीन, चाय और भोजन की व्यवस्था भी जुड़ती चली गई. अन्य लोगों ने भी उनका साथ दिया.

पूछताछ के बाद मसूरी छोड़ गई पुलिस

जुनैद का आरोप है कि पुलिस को ये बात ‘खटक’ गई. 24 जुलाई की रात उन्हें पूछताछ के लिए उठा ले गई. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जुनैद ने दावा किया कि पूरी रात उनकी आंखों पर पट्टी बंधी रही. अगली सुबह, एक अधिकारी ने कथित तौर पर उनसे पूछा कि उन्हें पैसे कहां से मिल रहे हैं और उन्होंने इतना सारा खाना कैसे बांटा. इसके बाद कथित तौर पर पुलिस ने उन्हें मसूरी ले जाकर छोड़ दिया. वह शनिवार को कैब से दिल्ली लौटे.

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जुनैद ने ये भी बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तरफ से रत्ना सिंह ने उनसे संपर्क किया था. वे मामले में एक्शन चाहते हैं. कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी जुनैद के मामले पर बयान दिया. कहा कि वह व्यक्ति महीनों से सेवा में लगा हुआ था. जिस तरह से उसे डिटेन किया गया, वह हैरतअंगेज है.  

जुनैद ने लगाया परिवार को उठाने का आरोप

लल्लनटॉप से बात करते हुए जुनैद ने ये भी बताया था कि 23 जुलाई को गाजियाबाद के मसूरी थाने की पुलिस उनके पिता को घर से उठाकर ले गई. इसके बाद देर रात पुलिस ने उन्हें छोड़ा.

ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर पर छात्रों की मदद कर रहे जुनैद का दावा- ‘पिता और रिश्तेदारों को उठा ले गई UP पुलिस’

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जुनैद के मुताबिक, अगले दिन यानी 24 जुलाई की सुबह उनके पिता को फिर से उठाया गया. उन्होंने यह भी दावा किया कि मेरठ में रहने वाली उनकी बहन के ससुर और देवर को भी पुलिस उठाकर गाजियाबाद ले आई.

पिता को पूछताछ के बाद भेज दिया था घर

इंडिया टुडे से जुड़े मयंक गौड़ को गाजियाबाद डीसीपी ग्रामीण जोन सुरेंद्रनाथ तिवारी ने माना कि जुनैद के पिता से पूछताछ की गई थी. उन्होंने कहा,

“जुनैद के पिता को मसूरी थाने बुलाया गया था. उनसे सामान्य पूछताछ की गई थी. फिर उन्हें छोड़ दिया गया था. जिसके बाद वह वापस अपने घर चले गए थे. मगर उनकी गिरफ्तारी की बात सही नहीं है. सामान्य पूछताछ के बाद वह अपने घर वापस लौट गए थे.”

वहीं जुनैद के पिता ने वीडियो जारी कर इसकी पुष्टि की थी. इसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें पुलिस ने सिर्फ पूछताछ के लिए बुलाया था. बाद में उन्हें घर भेज दिया. जुनैद ने कहा कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ी कानूनी टीम ने जानकारी के लिए उनसे संपर्क किया था. पुलिस ने कहा कि वे उनके आरोपों की जांच कर रही है. 

वीडियो: CJP Protest में जाने वालों को दिल्ली पुलिस लेटर भेज रही?

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