माली में अगवा किए गए भारतीय मूल के हीरा व्यापारी धीरू रमणी को 44 करोड़ रुपये की फिरौती देने के बाद रिहा कर दिया गया. अभी भी वो माली में ही हैं. स्थानीय प्रशासन उनसे पूछताछ कर रहा है. सूरत के हीरा कारोबार से जुड़े धीरू रमणी का इसी साल अप्रैल में कथित तौर पर अपहरण किया गया था. हाल ही में उन्होंने माली में एक सोने की खान खरीदी थी. इसके बाद से वह माली में ही रह रहे थे. तभी अप्रैल में उनके साथ ये घटना हो गई.
माली में अगवा हुए हीरा व्यापारी धीरू रमणी किडनैपर्स को ₹44 करोड़ देकर छूटे
माली में अप्रैल में अगवा किए गए भारतीय मूल के हीरा कारोबारी धीरू रमणी को 44 करोड़ रुपये की फिरौती के बाद रिहा कर दिया गया है. परिवार ने अपहरणकर्ताओं से बातचीत कर उनकी रिहाई कराई, जबकि स्थानीय प्रशासन अब भी उनसे घटना को लेकर पूछताछ कर रहा है.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात के अमरेली जिले के रहने वाले धीरू रमणी का परिवार अमेरिका में रहता है. उसी ने उनकी रिहाई को लेकर अपरहण करने वालों से बातचीत की थी. शुरुआत में उनसे 100 करोड़ रुपये मांगे गए थे. लेकिन परिवार ने नेगोशिएशन के जरिए फिरौती की रकम कम कराई. इसके बाद धीरू रमणी की रिहाई तय हो पाई.
एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका में रहने वाले रमणी के परिवार ने ही अपहरणकर्ताओं से बातचीत का पूरा काम संभाला था. इस प्रक्रिया में भारत सरकार की किसी भी एजेंसी की कोई भूमिका नहीं थी.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अप्रैल में जब धीरू रमणी अगवा हुए थे, उस समय (25 अप्रैल को) माली की राजधानी बामाको में भारतीय दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी की थी. इसमें वहां रहने वाले भारतीयों को हालिया हमलों और सुरक्षा स्थितियों को देखते हुए ज्यादा अलर्ट रहने, पूरी सावधानी बरतने, घरों के अंदर रहने और वक्त-वक्त पर माली सरकार के दिए निर्देशों का पालन करने की अपील की गई थी. हालांकि, इस एडवाइजरी में किसी खास घटना या फिर धीरू रमणी का जिक्र नहीं किया गया था.
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रमणी अपहरणकर्ताओं की कैद से रिहा तो हो गए हैं, लेकिन अभी वह माली में ही हैं. स्थानीय पुलिस और प्रशासन उनसे घटना के बारे में पूछताछ कर रहा है. रमणी गुजरात के अमरेली के धार गांव के रहने वाले हैं. साल 1980 के दशक से वह हीरा कारोबार से जुड़े हैं. बाद में वह अमेरिका चले गए, जहां उनका परिवार इंटरनेशनल हीरा कारोबार से जुड़ गया.

माली पश्चिमी अफ्रीका का एक 'लैंडलॉक्ड' देश है. इसका अधिकांश हिस्सा सहारा और साहेल के इलाके में आता है. रेगिस्तानी देश माली के अंदरूनी इलाकों से होकर नाइजर नदी (Niger River) बहती है. क्षेत्रफल के हिसाब से यह अफ्रीका के सबसे बड़े देशों में से एक है, लेकिन इसकी आबादी काफी कम है. यह मुख्य रूप से नाइजर नदी के आसपास ही बसी है. कृषि यहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य जरिया है. कपास का उत्पादन, गाय-भैंस और ऊंट पालन और मछली पकड़ना मुख्य रोजगार हैं.
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